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पाकिस्तानी मीडिया पर जमकर बरसे इंज़ी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान इंज़माम उल हक़ पाकिस्तानी मीडिया पर जमकर बरसे और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में उसने टीम का साथ नहीं दिया. लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वे हार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हैं लेकिन यह कहना ठीक नहीं है कि जो कुछ ग़लत हुआ उसके लिए ज़िम्मेदार वे ही थे. दो बुरी हार के बाद विश्वकप क्रिकेट से पाकिस्तान के बाहर हो जाने के बाद लौटकर वे पहली बार पत्रकारों से बात कर रहे थे. मैच फ़िक्सिंग के आरोपों से भावुक हो चले इंज़माम ने कहा कि उन्होंने जज़्बात में एकदिवसीय मैचों से संन्यास लेने का फ़ैसला नहीं किया है. उन्होंने कहा, "मैने संन्यास लेने का फ़ैसला दबाव में नहीं लिया. मेरा मानना है कि वनडे क्रिकेट अब काफ़ी तेज़ हो गई है और मुझे इससे अलग हो जाना चाहिए. मैने पहले ही निर्णय ले लिया था कि विश्व कप के बाद वनडे से संन्यास ले लूँगा." मीडिया पर आरोप उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान की टीम हार कर विश्वकप से बाहर हो गई थी और इसके बाद बॉब वूल्मर की मौत हो गई थी तो पाकिस्तान की मीडिया ने टीम का साथ नहीं दिया. उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि जब दूसरे देश का मीडिया पाकिस्तान टीम को बदनाम कर रहा था तो पाकिस्तानी मीडिया ने उसमें बढ़चढ़कर साथ दिया. उन्होंने कहा, "बजाय टीम का साथ देने के, टीवी चैनल कंपीटीशन के चक्कर में बढ़ाचढ़ाकर ख़बरें दिखाते रहे." उन्होंने पत्रकारों से उलटे सवाल किया, "पाकिस्तान की टीम दो मैच हार गई तो क्या हम पाकिस्तानी नहीं रहे?" इंज़ी ने कहा, "इसका मतलब यह नहीं कि पाकिस्तान से क्रिकेट ही ख़त्म हो गया. मैं मानता हूँ कि विश्व कप में प्रदर्शन निराशाजनक था और हम कहीं बेहतर कर सकते थे." उन्होंने कहा कि अगर टीम की हार से लोग इतने दुखी होते हैं तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जो खेल रहे होते हैं उन पर क्या बीतती होगी. 'एजेंडा' 16 साल तक पाकिस्तान टीम के लिए एकदिवसीय मैच खेल चुके इंज़माम ने उन पूर्व खिलाड़ियों को भी आड़े हाथों लिया जिन्होंने हार के बाद उनको हार के लिए दोषी ठहराया था. पुराने खिलाड़ियों की टिप्पणियों पर उठे सवाल पर उन्होंने कहा, "सबके अपने एजेंडे हो सकते हैं."
यह पूछे जाने पर कि कई लोगों ने कहा है कि वे टीम चुनने को लेकर बहुत दबाव बनाए रखते थे, उन्होंने झुंझलाकर कहा, " कह सकते हैं कि पूरे सलेक्शन बोर्ड के लिए मै ज़िम्मेदार हूँ, पूरा सलेक्शन मेरे कहने से हुआ तो जी आप कह लीजिए कि चपरासी तक की नियुक्ति में मेरा हाथ था." यह पूछे जाने पर कि इमरान ख़ान ने कहा है कि वे खेल के दौरान चुस्त नहीं दिख रहे थे, उन्होंने कहा, "अगर मैं स्लिप का फ़ील्डर हूँ तो बताइए कि कहाँ जाकर फ़ील्डिंग करुँ." उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे चाहेंगे कि टेस्ट मैच का उनका करियर उस तरह से ख़त्म न हो जैसा कि एकदिवसीय मैचों में हुआ. उन्होंने कहा, "मैं कोशिश करुँगा कि अच्छा खेलूँ और पाकिस्तान की टीम को जिता पाऊँ." सरफ़राज़ नवाज़ के फिक्सिंग संबंधी आरोप पर इंजमाम ने कहा, "सरफ़राज़ की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता. मैंने जब से होश संभाला है, उन्हें ऐसे ही बयानबाजी करते देखा है." बॉब वूल्मर के मामले से जुड़े एक सवाल के जवाब में इंज़माम ने कहा कि अब जो भी पूछताछ होगी उसमें पाकिस्तान बोर्ड के क़ानूनी सलाहकार मौजूद रहेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें अशरफ़ का इस्तीफ़ा नामंज़ूर31 मार्च, 2007 | खेल 'वूल्मर की गला घोंट कर हत्या की गई'23 मार्च, 2007 | खेल पाक क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष का इस्तीफ़ा20 मार्च, 2007 | खेल पाकिस्तानी टीम के कोच वूल्मर का निधन18 मार्च, 2007 | खेल विश्व कप से बाहर हुआ पाकिस्तान17 मार्च, 2007 | खेल पहले ही मैच में पाकिस्तान धराशायी13 मार्च, 2007 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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