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विश्व चैम्पियन परास्त, इंग्लैंड को ख़िताब | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आप इसे अति आत्मविश्वास कहें या फिर विश्व कप से ठीक पहले ऑस्ट्रेलिया का दुर्भाग्य कह लें या फिर कहें ख़राब दौर से गुज़र रही इंग्लैंड टीम के प्रदर्शन की ऊँचाई. जिस इंग्लैंड टीम को ऐशेज़ में 5-0 से हार मिली हो और टीम त्रिकोणीय प्रतियोगिता के शुरू में जीत के लिए तरस रही हो, उसके ख़िताब पर क़ब्ज़ा करने की आस शायद ही किसी ने लगाई हो. लेकिन इंग्लैंड ने लगातार दो फ़ाइनल मैचों में विश्व चैम्पियन को पटखनी देकर ख़िताब पर क़ब्ज़ा कर लिया. तीसरे फ़ाइनल की ज़रूरत की नहीं पड़ी. विश्व कप से ठीक पहले विश्व चैम्पियन के लिए यह तगड़ा झटका है. सिडनी में हुए दूसरा फ़ाइनल मैच में इंग्लैंड ने डकवर्थ-लुईस नियम के आधार पर ऑस्ट्रेलिया को 34 रनों से हरा दिया.
पहले फ़ाइनल में इंग्लैंड ने चार विकेट से जीत हासिल की थी. सिडनी में हुए मैच में पॉल कॉलिंगवुड, लोय और एंड्रयू फ़्लिंटफ़ की शानदार पारी की बदौलत इंग्लैंड ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 246 रन बनाए. कॉलिंगवुड ने 70 रन बनाए, तो लोय ने 45. कप्तान फ़्लिंटफ़ ने 42 रनों की पारी खेली. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरू से ही जूझती रही. एक तो ख़राब मौसम में बढ़ता लक्ष्य का दबाव तो दूसरी ओर इंग्लैंड की शानदार गेंदबाज़ी. लियम प्लंकेट ने सबसे ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को परेशान रखा. ख़राब बल्लेबाज़ी मैथ्यू हेडन पाँच रन पर और कप्तान रिकी पोंटिंग सात रन पर पवेलियन लौट चुके थे. माइकल क्लार्क को तो अपना खाता खोलने का भी मौक़ा नहीं मिला. यही हाल माइक हसी का भी रहा.
न्यूज़ीलैंड दौरे के लिए कप्तान चुने गए हसी भी शून्य पर आउट हुए. ब्रैड हॉज ने एक छोर से मोर्चा संभाला लेकिन दूसरी ओर से विकेट गिरते रहे. कुछ देर वॉटसन ने उनका साथ निभाया. बीच में बारिश के कारण भी खेल थोड़ी देर के लिए रुका लेकिन उस समय वॉटसन 37 रन बनाकर पवेलियन लौट चुके थे. बारिश रूकी तो ऑस्ट्रेलिया को और भी बड़ा लक्ष्य मिला. उन्हें 33 ओवर में 211 रन बनाने थे. ब्रैड हॉज के 49 रन पर आउट होने के बाद को ऑस्ट्रेलिया की स्थिति और ख़राब हो गई. एक बार फिर बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा. लेकिन उस समय 27 ओवर हो चुके थे और ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर 152 रन बनाए थे. इसी स्कोर पर मैच रोकना पड़ा और डकवर्थ-लुईस नियम के तहत इंग्लैंड को 34 रनों से विजयी घोषित किया गया. कॉलिंगवुड ने 70 रन बनाए और दो विकेट भी लिए. प्लंकेट ने तीन विकेट चटकाए. साजिद महमूद, फ़्लिंटफ़ और डैलरिम्पल को एक-एक विकेट मिले. | इससे जुड़ी ख़बरें पहले फ़ाइनल में इंग्लैंड की रोमांचक जीत09 फ़रवरी, 2007 | खेल मैच फ़िक्सिंग के दावे का खंडन08 फ़रवरी, 2007 | खेल बारिश के कारण कोलकाता वनडे रद्द08 फ़रवरी, 2007 | खेल ईडन गार्डन में होगी वीरु पर नज़र07 फ़रवरी, 2007 | खेल 'वेस्टइंडीज़ के तार सट्टेबाज़ों से जुड़े'07 फ़रवरी, 2007 | खेल नील्सन होंगे ऑस्ट्रेलिया के नए कोच05 फ़रवरी, 2007 | खेल पहले वनडे मैच में पाकिस्तान पराजित04 फ़रवरी, 2007 | खेल सचिन ने तोड़ा 'मिथक'31 जनवरी, 2007 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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