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'वेस्टइंडीज़ के तार सट्टेबाज़ों से जुड़े' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नागपुर पुलिस ने दावा किया है कि भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच नागपुर में हुए वनडे मैच के तार सट्टेबाज़ों से जुड़े हुए हैं. नागपुर के डीसीपी अमितेश कुमार ने बीबीसी को बताया कि पुलिस के पास एक टेप है जिसमें वेस्टइंडीज़ के खिलाड़ी मैरलन सैमुअल्स और एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाज़ मुकेश कोच्चर के बीच हुई बातचीत रिकार्ड है. पुलिस का कहना है कि कोच्चर के तार दाउद इब्राहिम से जुड़े हुए हैं. बीसीसीआई और आईसीसी ने कहा है कि उनके पास इस बारे में अब तक कोई रिपोर्ट नहीं पहुँची है. पुलिस के अनुसार सैमुअल्स ने कोच्चर को टीम से जुड़ी जानकारी दी थी. सैमुअल्स ने सट्टेबाज़ को यहां तक बताया कि कौन गेंदबाज़ कब गेंदबाज़ी करेगा, किस छोर से करेगा और पिच की स्थिति कैसी है. लेकिन पुलिस ने सैमुअल्स का फोन ही क्यों टैप किया, अमितेश कुमार कहते हैं कि जब कोई मैच होता है तो पुलिस हर तरह की तैयारी करती है और सूत्रों के हवाले से उन्हें सैमुअल्स पर शक था. लेकिन यह रिपोर्ट देने में इतनी देर क्यों हुई, अमितेश कहते हैं कि इस पूरे मामले में कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है लेकिन आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला बनता था. ये चीजे तय करने में समय लगा. पुलिस के अनुसार सैमुअल्स की यह बातचीत आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन है और उन्होंने इस संबंध में बीसीसीआई और आईसीसी को पत्र लिखा है. वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ यह मैच भारत 14 रनों से जीता था. वेस्टइंडीज़ की टीम सिरीज़ में 3-1 से हारने के बाद स्वदेश लौट चुकी है. ये आरोप ऐसे समय लगे हैं जबकि मार्च महीने में वेस्टइंडीज़ में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट होना है. कड़ी नज़र समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह और आईसीसी के प्रवक्ता ब्रायन मर्गाट्रायड ने कहा है कि उनके पास इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं पहुँची है. लेकिन बीसीसीआई के पदाधिकारी राजीव शुक्ला ने एक टेलीविज़न चैनल से हुई बातचीत में कहा है कि उन्हे जानकारी मिली है कि पुलिस ने जो फ़ोन टैप किए हैं उसके अनुसार वेस्टइंडीज़ का एक खिलाड़ी किसी बाहरी व्यक्ति को गेंदबाज़ी की रणनीति आदि के बारे में बता रहा था. उनका कहना है कि इससे मैच फ़िक्सिंग जैसी कोई बात तो नहीं दिखती लेकिन टीम की रणनीति किसी बाहरी व्यक्ति को बताना आईसीसी के नियमों के ख़िलाफ़ है. उन्होंने दावा किया कि बीसीसीआई के नियम इस मामले में पूरी दुनिया में सबसे सख़्त हैं और भारतीय खिलाड़ियों के किसी मैच फ़िक्सिंग में शामिल होने की कोई संभावना नहीं हैं. राजीव शुक्ला का कहना था कि ड्रेसिंग रुम से लेकर बसों में यात्रा और प्रैक्टिस के दौरान इस पर कड़ी नज़र रखी जाती है कि बाहरी लोगों का वहाँ आना जाना न हो. | इससे जुड़ी ख़बरें अज़हरुद्दीन पर नरम भारतीय क्रिकेट बोर्ड19 अक्तूबर, 2006 | खेल ओडुम्बे पर पाँच साल का प्रतिबंध लगा17 अगस्त, 2004 | खेल फ़्लेमिंग को हुई थी फ़िक्सिंग की पेशकश07 नवंबर, 2004 | खेल 'रणजी खेल सकते हैं जडेजा'25 अप्रैल, 2003 | खेल बहुत मज़ा आया: जडेजा02 जून, 2003 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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