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ओडुम्बे पर पाँच साल का प्रतिबंध लगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मैच फ़िक्सिंग के मामले में दोषी पाए गए कीनिया क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मौरिस ओडुम्बे पर पाँच साल की पाबंदी लगा दी गई है. ओडुम्बे को एक भारतीय सट्टेबाज़ से मोटी रक़म लेने का दोषी पाया गया. पूर्व जज अहमद इब्राहीम ने अपनी जाँच में ओडुम्बे को दोषी पाया. लेकिन उन्होंने ओडुम्बे पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश नहीं की. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मुख्य कार्यकारी मैल्कम स्पीड ने कहा, "कीनिया क्रिकेट एसोसिएशन ने पाँच साल की पाबंदी लगाने की सिफ़ारिश को मानकर सही क़दम उठाया है." वर्ष 2000 के बाद मौरिस ओडुम्बे पहले ऐसे क्रिकेट खिलाड़ी हैं जिन पर मैच फ़िक्सिंग के मामले में पाबंदी लगाई गई है. इससे पहले दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए पर प्रतिबंध लगाया गया था. पिछले महीने नैरोबी में हुई जाँच के दौरान ओडुम्बे की पत्नी ने कहा था कि उन्होंने भारतीय सट्टेबाज़ जगदीश सोढा से हज़ारो डॉलर स्वीकार किए थे. जस्टिस इब्राहीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ओडुम्बे ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने ज़िम्बाब्वे में एक मैच फ़िक्स करने के लिए रक़म ली थी. जस्टिस इब्राहीम ने पाया कि जनवरी 2002 से ओडुम्बे ने क़रीब 13 लाख रुपए लिए थे. इसके अलावा भारतीय सट्टेबाज़ ने उन्हें भारत में कई बार होटल में ठहराया. 35 वर्षीय ओडुम्बे में अगले महीने इंग्लैंड में होने वाली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी के लिए कीनिया की टीम में शामिल किया गया था लेकिन अब उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाएगा. |
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