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जाफ़र ने खेल का रुख़ पलटा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सलामी बल्लेबाज़ वसीम जाफ़र ने अपने शतक को जिस तरह से दोहरे शतक में बदला उसने खेल का रुख़ एकबारगी बदल दिया दिखता है. एंटिगा टेस्ट में भारत ने वेस्टइंडीज़ के सामने जीत के लिए 392 रनों का लक्ष्य रखा है. इस लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज़ की टीम ने चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक बिना किसी नुक़सान के 13 रन बना लिए थे. इस तरह अब वेस्टइंडीज़ को पाँचवे और अंतिम दिन 90 ओवरों में जीत के लिए 379 रन बनाने हैं. इससे पहले भारत ने छह विकेट पर 521 रनों के स्कोर पर अपनी पारी समाप्त कर दी. चौथे दिन के खेल का मुख्य आकर्षण जहाँ वसीम जाफ़र का दोहरा शतक रहा वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने बेहतरीन शॉट जमाकर ख़ूब वाहवाही लूटी. धोनी ने तीन छक्कों और चार चौकों की मदद से 47 गेंदों में ही 50 रन बना लिए थे और आख़िर में उनके आउट होने न होने के निर्णय को लेकर विवाद की स्थित भी बन गई. जाफ़र की पारी तीसरे दिन का खेल जब ख़त्म हुआ तो वसीम जाफ़र का स्कोर था 113 रन और उनका साथ निभाने के लिए कप्तान राहुल द्रविड़ 21 रन बनाकर मैदान में थे. शाम के चाय के समय तक द्रविड़ और जाफ़र मैदान पर थे. द्रविड़ 62 रनों के स्कोर पर मोहम्मद की गेंद पर लपक लिए गए. दोनों ने तीसरे विकेट की साझेदारी में 203 रन जोड़े. इसके बाद 28 साल के जाफ़र ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 379 गेंदों में 200 रन पूरे किए. उनका स्कोर 212 रन था जब ब्रैडशॉ ने उन्हें बोल्ड किया. युवराज 39 रन बनाकर आउट हुए तो उनकी जगह कैफ़ का साथ देने के लिए धोनी आए. कैच का विवाद धोनी ने वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों की बेरहमी से धुनाई शुरु की.
उन्होंने सिर्फ़ 47 गेंदों में अपने 50 रन पूरे कर लिए थे. धोनी ने मोहम्मद की गेंद पर लगातार तीन छक्के लगाए और जब उन्होंने लगातार चौथा छक्का लगाया तो बाउंड्री के ऊपर गंगा ने उन्हें लपक लिया. अंपायर तय नहीं कर पा रहे थे कि वो कैच था या फ़ील्डर का पैर बाउंड्री पर पड़ गया था. थर्ड अंपायर का सहारा लिया गया लेकिन कुछ तय नहीं हो सका. अंपायरों ने सलाह मशविरा किया लेकिन वो किसी नतीजे तक नहीं पहुँचे. आख़िर धोनी ने फ़ील्डर के दावे को सही मान लिया. बात आगे बढ़ती इससे पहले भारतीय कप्तान ने पारी घोषित कर दी. धोनी ने 52 गेंदों में 69 रन बनाए और कैफ़ के 46 रनों के साथ मैदान से बाहर आए. | इससे जुड़ी ख़बरें मुरलीधरन के आगे चारों खाने चित इंग्लैंड05 जून, 2006 | खेल जाफ़र का शतक, भारत की स्थिति बेहतर04 जून, 2006 | खेल एंटिगा में पहले टेस्ट मैच का स्कोर-कार्ड03 जून, 2006 | खेल हार के लिए बल्लेबाज़ ज़िम्मेदार- द्रविड़27 मई, 2006 | खेल भारतीय क्रिकेट टीम की रैंकिंग गिरी30 मई, 2006 | खेल आख़िरी वनडे मैच में भी नाक नहीं बची28 मई, 2006 | खेल वेस्टइंडीज़ का वनडे सिरीज़ पर क़ब्ज़ा26 मई, 2006 | खेल टेस्ट टीम में सुरेश रैना को जगह मिली24 मई, 2006 | खेल इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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