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वन डे सिरीज़ में भारत ने बराबरी की | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान और भारत के बीच चल रही एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला में भारत ने बहुत ही ज़बरदस्त अंदाज़ में बराबरी कर ली है. मैं कहूँगा कि जो पहली ग़लती हुई वह टॉस में हुई और इंज़माम ने टॉस जीत कर पहले बैटिंग करनी चाही. शुरूआत में विकेट में जो नमी थी, विकेट में ताज़ापन था, उसका सामना पाकिस्तान की टीम नहीं कर पाई और इरफ़ान पठान के आगे बहुत ही जल्द तकरीबन सारे बल्लेबाज़ धराशायी हो गए. पाकिस्तान का एक वक्त स्कोर था-67 रन पर चार विकेट. युनूस खान और शोएब मलिक की बहुत ही बढ़िया पार्टनरशीप रही पर पाकिस्तान को उबार नहीं पाई और पूरी टीम 265 पर सिमट गई. मैच में भारतीय बल्बेबाज़ी बहुत ही ज़बरदस्त लगी. इस जीत के बाद भारत ने सिरीज़ में न केवल बराबरी कर ली है बल्कि भारत का पलड़ा भारी कर दिया है. पाकिस्तान को अब काफ़ी सोच-विचार करना होगा. सहवाग और तेंदुलकर ने बेहतरीन शुरूआत की और उसके बाद द्रविड़ और युवराज सिंह ने एक और शतकीय साझेदारी की. गेंदबाज़ी भारतीय टीम में अब सबको मालूम है कि हर खिलाड़ी की क्या भूमिका है. सहवाग खुले अंदाज़ से खेलते हैं तो सचिन तेंदुलकर दूसरा छोर संभाले रखते हैं. मुझे लगता है कि सचिन तेंदुलकर को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना है तो आप पूरे 50 ओवर खेलिए और अगर 50 ओवर तक सचिन तेंदुलकर टिके रहते हैं तो वे न केवल टीम को पकड़ के रखते हैं बल्कि भारतीय टीम हार नहीं सकती. इंज़माम ने भारत को इस सिरीज़ में वापसी करने का मौक़ा देकर बहुत बड़ी गलती की है. इस सिरीज़ में मनोवैज्ञानिक तौर पर भारतीय टीम फ़ेवरेट लग रही है. दोनों ही टीमों की गेंदबाज़ी यहाँ पर कमज़ोर लगी है. अभी तक हमने बहुत ही आलोचना की है भारत के गेंदबाज़ी की. पर मुझे आज पाकिस्तानी गेंदबाज़ी को भी देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि दोनों में कोई ख़ास अंतर नहीं है. आज भारतीय गेंदबाज़ ज़्यादा असरदार साबित हुए. आगे जाकर जो भी टीम स्कोर का पीछा करेगी उसके पास सिरीज़ में हावी होने का ज्यादा मौक़ा होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें अंधेरा होने से पहले भारत की आसान जीत11 फ़रवरी, 2006 | खेल स्कोर एसएमएस करने की अनुमति11 फ़रवरी, 2006 | खेल रावलपिंडी वनडे का स्कोर11 फ़रवरी, 2006 | खेल द्रविड़ ने 'इंज़माम के आरोपों' को ठुकराया09 फ़रवरी, 2006 | खेल इरफ़ान के हुनर को मिली पहचान09 फ़रवरी, 2006 | खेल रमेश पवार को टीम में जगह मिली07 फ़रवरी, 2006 | खेल धीमी गेंदबाज़ी के लिए जुर्माना लगा07 फ़रवरी, 2006 | खेल हरभजन के पेशावर वनडे खेलने पर संदेह05 फ़रवरी, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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