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मैकग्रॉ के करियर में एक और नगीना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रॉ टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल तेज़ गेंदबाज़ बन गए हैं. विश्व एकादश के ख़िलाफ़ चल रहे सुपर टेस्ट मैच के दूसरे दिन मैकग्रॉ ने वेस्टइंडीज़ के तेज़ गेंदबाज़ कर्टनी वॉल्श का रिकॉर्ड तोड़ दिया. कर्टनी वॉल्श ने टेस्ट क्रिकेट में 519 विकेट हासिल किए हैं. लेकिन ग्लेन मैकग्रॉ ने ब्रायन लारा का विकेट लेकर अपने खाते में 520 टेस्ट विकेट कर लिए. अब टेस्ट क्रिकेट में उनके साथी खिलाड़ी शेन वॉर्न और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन ही विकेटों के मामले में ग्लेन मैकग्रॉ से आगे हैं. शेन वॉर्न 626 विकेट के साथ पहले नंबर पर हैं जबकि मुथैया मुरलीधरन के खाते में हैं 565 विकेट. लेकिन दोनों स्पिन गेंदबाज़ हैं. सम्मान कर्टनी वॉल्श को पीछे छोड़ने के बाद ग्लेन मैकग्रॉ ने कहा, "बिना किसी संदेह के मेरा अगला लक्ष्य है 600 विकेट हासिल करना. मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैंने कर्टनी वॉल्श जैसे महान खिलाड़ी का रिकॉर्ड तोड़ा है." लेकिन मैकग्रॉ का मानना है कि वे शेन वॉर्न और मुथैया मुरलीधरन को पीछे नहीं छोड़ सकते. मैकग्रॉ ने अभी तक 113 टेस्ट मैच खेले हैं. 1993 में अपना टेस्ट करियर शुरू करने वाले ग्लेन मैकग्रॉ अपनी तेज़ी के लिए नहीं बल्कि सटीक गेंदबाज़ी के लिए जाने जाते हैं. लेकिन मैकग्रॉ का करियर चोट के कारण प्रभावित रहा है. इसके बावजूद उन्होंने ज़बरदस्त वापसी की है और टीम के लिए आज भी उतने ही बहुमूल्य हैं. |
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