| सानिया हारीं लेकिन वरीयता 'बेहतर' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सानिया मिर्ज़ा जापान ओपन टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में हार गईं हैं. लेकिन खेल विशेषज्ञों का कहना है कि सानिया सेमीफ़ाइनल में भले ही हारी हों, उनकी रैंकिंग और बेहतर होगी. सानिया के प्रशिक्षक रह चुके ज़ीशान अली का कहना है, “पहले टूर्नामेंट की सर्वोच्च वरियता प्राप्त खिलाड़ी को हराना और सेमिफ़ाइनल में पहुँचना, इससे अंदाज़न सानिया की रैंकिंग तीन से पाँच स्थान ऊपर बढ़ेगी और वो दुनिया में 33 या 32वें स्थान के आसपास तक पहुँच सकती हैं.” एक लाख 70 हज़ार डॉलर की ईनामी राशि वाली इस टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में सानिया को फ़्राँस की तात्याना गोलोविन ने हराया. पहला सेट 2-6 से हार जाने के बाद सानिया ने दूसरे सेट में भी 5-0 के स्कोर के साथ हार के क़रीब थीं लेकिन फिर उन्होंने ज़ोरदार वापसी करते हुए स्कोर 5-4 तक पहुँचा दिया. सानिया ने ख़ुद माना कि ये वो क्षण था जब वो मैच में वापसी कर सकती थीं लेकिन उन्होंने कुछ ख़राब शॉट खेले और इसी का नतीजा था कि दूसरा सेट वो 6-4 से हार गईं और इसी के साथ ये मैच भी. इस टूर्नामेंट में सानिया आठवीं और तात्याना तीसरी वरियता प्राप्त खिलाड़ी थीं. सानिया इस टूर्नामेंट में पहली वरियता प्राप्त रूस की वीरा ज़्वोनरिएवा को 5-7, 6-2 और 6-4 से हराकर पहुँची थीं. सानिया के प्रशिक्षक रह चुके ज़ीशान अली का कहना है कि सानिया का खेल कुछ इसी तरह का है, “जिस दिन वो चल जाती हैं तो सबसे अच्छे खिलाड़ी को ध्वस्त कर सकती हैं, जैसाकि उन्होंने वेरा के साथ किया लेकिन साथ ही जिस दिन वो ज़्यादा ग़लतियाँ करने लगती हैं तो संभालना मुश्किल होता है.” |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||