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'गांगुली का फ़ैसला चयन समिति करेगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष रणबीर सिंह महिन्द्रा ने माना है कि कप्तान सौरभ गांगुली कुछ समय से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन अंतिम फ़ैसला चयन समिति करेगी. भारतीय टीम के कोच ग्रेग चैपल के बारे में उनका कहना है कि उनको प्रदर्शन के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए. 'आपकी बात बीबीसी के साथ' कार्यक्रम में श्रोताओं के सवालों के जवाब देते हुए महिन्द्रा ने माना है कि पिछले डेढ़-दो सालों में विवादों के चलते बोर्ड की छवि जनता के बीच ख़राब हुई है. उन्होंने कहा कि वे स्वीकार करते हैं कि क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को लोग संदेह की नज़र से देखने लगे हैं लेकिन बीसीसीआई अपनी ज़िम्मेदारी समझता है और आने वाले दिनों में विवाद ख़त्म होंगे और क्रिकेट ऊँचाई की ओर जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने किसी राजनेता का नाम लिए बिना कहा, "जो लोग बरसों से क्रिकेट की भलाई के लिए काम कर रहे हैं उनके बीसीसीआई में होने में कोई हर्ज नहीं है लेकिन कुछ लोग क्रिकेट के ज़रिए फ़ायदा उठाना चाहते हैं यह ग़लत है." गांगुली-चैपल का सवाल कप्तान गांगुली के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने स्वीकार किया कि गांगुली का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रहा है. हालांकि वे ये बताना नहीं भूले कि सौरव गांगुली ने ज़िम्माब्वे के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में शतक लगाया था.
उन्होंने एक और सवाल के जवाब में कहा, "गांगुली के प्रदर्शन पर चयन समिति की भी नज़र होगी और अंतिम फ़ैसला चयन समिति ही करेगी." एक श्रोता ने आरोप लगाया कि ग्रैग चैपल ने कोच बनने के बाद टीम को सिर्फ़ टेंशन दिया है तो उन्होंने कहा, "किसी कोच के बारे में इतनी जल्दी फ़ैसला करना ठीक नहीं है और उन्हें प्रदर्शन के लिए समय दिया जाना चाहिए." देश में बड़े खिलाड़ियों के रहते विदेशी कोच नियुक्त करने के फ़ैसले को ठीक बताते हुए उन्होंने कहा कि ब्रह्माण के ज़माने में देशी-विदेशी की बात नहीं करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि चयन के समय गावस्कर, रवि शास्त्री, अमरनाथ और वेंकटरमन सभी थे और उनके बीच चैपल को चुना गया था. उन्होंने कहा कि जॉन राइट ने टीम को बहुत कुछ दिया. परिवर्तन की संभावनाएँ बीसीसीआई के अध्यक्ष महिन्द्रा ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर टीम के चयन के सवाल पर बहुत समय से चर्चा चल रही है और उनकी व्यक्तिगत राय है कि चयन क्षेत्रीय स्तर पर न होकर राष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस पर फ़ैसला जल्दी ही हो जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि बीसीसीआई बोर्ड का दफ़्तर मुंबई की जगह देश की राजधानी दिल्ली में लाया जाए. महिन्द्रा ने कहा कि वे बीसीसीआई के लिए एक सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) की नियुक्ति करना चाहते हैं ताकि बोर्ड को और ज़्यादा प्रोफ़ेशनल बनाया जा सके. विश्वकप की तैयारी बीसीसीआई अध्यक्ष से बहुत से श्रोताओं ने सवाल पूछे कि 2007 में होने वाले विश्वकप के लिए भारत की कोई तैयारी क्यों नहीं दिख रही है. इन सवालों के जवाब में कहा कि ये ठीक है कि विवाद ज़्य़ादा दिखाई दे रहे हैं लेकिन ऐसा नहीं है कि तैयारी नहीं चल रही है. उन्होंने माना कि टीम ख़राब दौर से गुज़र रही है लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि अगला विश्वकप भारतीय टीम ही जीतेगी. उम्रदराज़ खिलाड़ियों की जगह नए खिलाड़ियों को लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तकनीकी मामला होता है और वे इस मामले में कुछ नहीं कहते, यह चयन समिति का काम है. फिर उन्होंने कहा कि चयन समिति से कहा गया है कि श्रीलंका और दक्षिण अफ़्रीका दौरे के लिए टीम का चयन करते समय 2007 के विश्वकप को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने कैफ़, धोनी, आगरकर, रैना और युवराज जैसे खिलाड़ियों का नाम लेकर कहा कि नए खिलाड़ियों को भी जगह दी जा रही है. |
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