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'गांगुली के साथ काम करना कठिन' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के जाने-माने क्रिकेटर एंड्र्यू फ़्लिटफ़ का कहना है कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरभ गांगुली के साथ काम करना आसान नहीं है. एंड्र्यू फ़्लिंटफ़ पाँच साल पहले इंग्लैंड की घरेलू काउंटी क्रिकेट में गांगुली के साथ खेल चुके हैं. दोनों ही वर्ष 2000 में लंकाशर टीम के लिए खेले थे और बकौल फ़्लिंटफ़ गांगुली अजीब तरह के व्यक्तित्व हैं. फ़्लिंटफ़ ने अपनी आत्मकथा में लिखा है,"गांगुली ऐसे लगते हैं जैसे वे कोई शाही शख्सियत हों, ऐसा लगेगा जैसे कि आपके बगल में युवराज चार्ल्स खड़े हैं". बीइंग फ़्रेडी नामक अपनी आत्मकथा में फ़्लिंटफ़ ने लिखा है कि हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव के क्षण में आते हैं लेकिन गांगुली किसी के साथ बात कुछ और ही होती है. वे लिखते हैं,"वे दूसरे खिलाड़ियों में कोई दिलचस्पी ही नहीं लेते और यह ऐसी स्थिति होती है जब लगता है कि टीम में 10 खिलाड़ी हैं और एक गांगुली". एंड्र्यू फ़्लिंटफ़ और गांगुली जल्दी ही फिर एक-दूसरे के सामने हो सकते हैं जब अगले वर्ष के आरंभ में इंग्लैंड टीम भारत का दौरा करेगी. गांगुली के साथ अपनी मुलाक़ात के बारे में वे कहते हैं,"हम एक-दूसरे को हैलो कहते हैं और देखकर खुश भी होते हैं, लेकिन बात उससे आगे नहीं जाती". फ़्लिंटफ़ के अनुसार वे गांगुली को नापसंद नहीं करते लेकिन उनके साथ रहना एक संघर्ष के समान होता है. लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर ने एंड्र्यू फ़्लिंटफ़ के विचारों को भ्रांत धारणा बताया है. गावस्कर ने कहा,"गांगुली की छवि ऐसी बनाई गई है जैसे कि वो किसी शाही घराने से आते हैं. ये धारणा ग़लत है, वे एक मेहनती क्रिकेटर हैं". |
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