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क्रिकेट बोर्ड ने ख़ामोश रहने को कहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को कप्तान गांगुली और कोच चैपल के बीच जारी विवाद पर मीडिया में टिप्पणी नहीं करने का निर्देश दिया है. बीसीसीसीआई ने ज़िम्बाब्वे दौरे पर गए खिलाड़ियों और दल के अन्य सदस्यों को ये निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि निर्देश का उल्लंघन अनुबंध की शर्त तोड़ने के समान होगा. उल्लेखनीय है कि रविवार को भारतीय ऑफ़स्पिनर हरभजन सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक साक्षात्कार में खुलकर कप्तान गांगुली का बचाव किया और चैपल की आलोचना की. पंजाब क्रिकेट संघ ने रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम के एक सदस्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और समझा जाता है कि ये नोटिस हरभजन को ही दिया गया है. वहीं ग्रेग चैपल ने रविवार को ज़िम्बाब्वे से मुंबई लौटने के बाद सौरभ गांगुली के साथ अपने मतभेदों के सार्वजनिक होने को दूर्भाग्यपूर्ण बताया. निर्देश समाचार एजेंसियों के अनुसार भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने रविवार को ज़िम्बाब्वे दौरे पर गए सभी खिलाड़ियों और अनुबंध के अंदर शामिल होनेवाले अन्य सदस्यों के पास पत्र भेजा. पीटीआई के अनुसार बीसीसीआई सचिव एस के नायर ने बताया कि उन्होंने हरभजन सिंह से बात की है और ऐसा लगता है कि 'उन्होंने अनुबंध के प्रावधानों को ठीक से नहीं पढ़ा'. बीसीसीआई के पत्र में कहा गया है,"आप सबको ये सुझाव दिया जाता है कि आप संयम रखें और ऐसे बयान ना दें जिनसे भारतीय क्रिकेट का हित प्रभावित होता हो". नोटिस में खिलाड़ियों और सदस्यों को ध्यान दिलाया गया कि बोर्ड ने ज़िम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम के प्रदर्शन और सबकी भूमिका की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है जिसकी बैठक मुंबई में 27 सितंबर को होगी. इस समिति में पूर्व टेस्ट खिलाड़ी सुनील गावस्कर, श्रीनिवास वेंकटराघवन और रवि शास्त्री शामिल हैं. |
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