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मतभेद सार्वजनिक होना दुर्भाग्यपूर्ण: चैपल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट टीम के कोच ग्रेग चैपल ने अपने और कप्तान सौरभ गांगुली के बीच मतभेदों के सार्वजनिक होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. रविवार को ग्रेग चैपल ज़िम्बाब्वे दौर के बाद मुंबई पहुँचे. वे भारतीय टीम के सदस्यों के साथ नहीं लौटे थे. मुंबई पहुँचने पर पत्रकारों से घिरे ग्रेग चैपल ने कहा, "मुझे लगता है कि मीडिया इस तरह की घटनाओं से उत्तेजित हो जाता है. क्रिकेट में मतभेद होना सामान्य बात है." ग्रेग चैपल ने कहा कि वे इस मुद्दे पर अभी कुछ नहीं कहना चाहते. पिछले दिनों ग्रेग चैपल का वह ई-मेल सार्वजनिक हो गया था, जो उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भेजा था. ई-मेल सार्वजनिक होने पर चैपल ने कहा, "मैंने एक निजी और गोपनीय ई-मेल बोर्ड अध्यक्ष को भेजा था. लेकिन यह अब गोपनीय नहीं रह गया है. मैं चाहता था कि यह गोपनीय ही रहे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. अब इस मौक़े पर मैं क्या कह सकता हूँ." सवाल चैपल ने अपने इस ई-मेल में गांगुली की योग्यता पर कई सवाल उठाए थे. इससे पहले भी ज़िम्बाब्वे दौरे पर कोच और कप्तान के बीच मतभेद सार्वजनिक हुए थे. उस समय कप्तान सौरभ गांगुली ने ही कहा था कि उन्हें टेस्ट मैच से पहले कप्तानी छोड़ने को कहा गया था. बीसीसीआई भी इस मामले पर 27 अक्तूबर को अपनी समीक्षा समिति की बैठक कर रहा है. इस बैठक में कोच और कप्तान के बीच चल रहे तकरार पर चर्चा की जाएगी. इस समिति के सामने कप्तान सौरभ गांगुली और कोच ग्रेग चैपल पेश होंगे. इस समिति में सुनील गावसकर, रवि शास्त्री और श्रीनिवास वेंकटराघवन भी शामिल हैं. 56 वर्षीय ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने इस साल जून में ही भारतीय क्रिकेट टीम के कोच का पद संभाला है. |
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