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शनिवार, 27 अगस्त, 2005 को 22:01 GMT तक के समाचार
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सानिया फ़ॉरेस्ट हिल्स के फ़ाइनल में हारीं

सानिया मिर्ज़ा
सानिया टूर्नामेंट में फ़ाइनल से पहले एक भी सेट नहीं हारीं
भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्ज़ा न्यूयॉर्क में खेले गए फ़ॉरेस्ट हिल्स टूर्नामेंट में फ़ाइनल में चेक गणराज्य की लूसी सफ़ारोवा से हार गई हैं.

इस टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फ़ाइनल तक पहुँची सानिया मिर्ज़ा का ख़िताब जीतने का सपना टूट गया.

फ़ाइनल में पहुँचने से पहले तक सानिया का प्रदर्शन इतना शानदार था कि वे एक भी सेट नहीं हारी थीं.

फ़ाइनल में पराजय के बाद सानिया ने कहा, "आज सफारोवा ने मुझसे बेहतर खेल का प्रदर्शन किया".

सानिया मिर्ज़ा ने मैच का पहला सेट 6-3 से जीता तो लगने लगा कि वे ख़िताब भी जीत लेंगी लेकिन 18 वर्षीय लूसी ने अगले दो सेट (7-5, 6-4) उनसे छीन लिए.

सानिया मिर्ज़ा इस टूर्नामेंट को जीतकर सोमवार से शुरू हो रहे यूएस ओपन में पूरे जोश के साथ उतरना चाहती थीं लेकिन टूर्नामेंट में तीसरी वरीयता प्राप्त सानिया अपने करियर का दूसरा डब्लूटीए ख़िताब जीतने से चूक गईं.

लूसी सफ़ारोवा के लिए यह दूसरा डब्लूटीए ख़िताब था.

प्रशंसक

सानिया का हौसला बढ़ाने के लिए मैदान पर बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक मौजूद थे जो सानिया की हार से थोड़े मायूस हो गए.

सचिन ऐसे ही एक दर्शक थे वह बोले, “हमें निराशा तो बहुत हुई है लेकिन सानिया ने अपना पूरा दम लगाकर खेला और बेहतरीन मैच था. हमारे लिए तो वह अब भी चैम्पियन हैं.”

सानिया के प्रशंसक
सानिया के भारतीय प्रशंसक मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में मौजूद थे

बाद में जब सानिया से मैंने पूछा कि क्या शोर-शराबा कुछ ज़्यादा था तो वह बोलीं, “अरे नहीं, मुझे तो इस तरह के शोर बहुत पसंद हैं.”

फिर उन्होने आस पास इकठठा हुए प्रशंसकों से पूछा कि वह लोग यू एस ओपन में भी आ रहे हैं कि नहीं, तो सब जल्दी से चिल्लाए “हां-हां, हम लोग वहां भी मौजूद रहेंगे.”

29 अगस्त से शुरू हो रहे अमरीकी ओपन में सानिया का पहला मैच होगा अमरीका की माशोना वाशिंगटन के साथ जो दुनिया में 56वें नंबर की खिलाड़ी हैं.
सानिया मिर्ज़ा ने अपना पहला डब्लूटीए ख़िताब अपने शहर हैदराबाद में इसी वर्ष फ़रवरी में जीता था.

वे डब्लूटीए टेनिस रैकिंग में पहली पचास खिलाड़ियों में नाम दर्ज कराने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी हैं.

इस टूर्नामेंट में सिर्फ़ 16 खिलाड़ियों ने भाग लिया था और इनाम के तौर पर सफ़ारोवा को 22 हज़ार और सानिया को उप विजेता के रूप में 12 हज़ार अमरीकी डॉलर मिले हैं.

सानिया ने सेमीफ़ाइनल में अमरीका की एलेक्सा ग्लैच को 6-4, 6-4 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई थी.

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