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शुरू हो गया विंबलडन 2005 | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
20 जून 2005 से लंदन में टेनिस जगत की प्रतिष्ठित विंबलडन प्रतियोगिता शुरू हो गई है और अगले दो सप्ताह तक टेनिस प्रेमी लंदन की इस प्रतियोगिता पर नज़रें लगाए रहेंगे. 119वीं विंबलडन प्रतियोगिता में स्विट्ज़रलैंड के रोजर फ़ेडरर लगातार तीसरी बार पुरूषों का ख़िताब जीतने की कोशिश करेंगे. वहीं रूस की मारिया शरापोवा महिला वर्ग में पिछले साल की अपनी विजय को दोहराने का प्रयास करेंगी. पुरूष वर्ग में रोजर फ़ेडरर को पहली वरीयता मिली है. महिलाओं के वर्ग में अमरीका की लिंडसे डेवनपोर्ट पहले नंबर पर हैं जबकि मारिया शरापोवा की वरीयता दूसरी है. रोजर फ़ेडरर ने विंबलडन में लगातार 29 मैचों में अपना विजय अभियान जारी रखा है लेकिन इसके बावजूद उन्हें ये नहीं लगता कि वे ग्रास कोर्ट पर अजेय हैं. फ़ेडरर ने कहा,"ग्रास कोर्ट मेरे लिए आसान नहीं है क्योंकि यहाँ केवल एक-दो अंकों से खेल बिगड़ता है. लेकिन मैं पिछले 29 मैचों से उन अंकों को बचाता रहा हूँ". डेवेनपोर्ट ने 1999 में विंबलडन प्रतियोगिता जीती थी और उन्होंने उम्मीद जताई है कि वे दुनिया में पहले नंबर की खिलाड़ी होने के अपने दावे को सही साबित करेंगी. डेवेनपोर्ट ने कहा,"मुझे पहली बार ऐसा लग रहा है कि मैं यह ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता जीत सकती हूँ और ये बहुत अच्छी स्थिति है". भारत में लोगों की निगाहें सानिया मिर्ज़ा पर लगी होंगी जिन्होंने कहा है कि वे अपने घुटने की चोट से उबर चुकी हैं और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए तैयार हैं. सानिया मिर्ज़ा ने इस वर्ष ऑस्ट्रेलियाई ओपन में तीसरे दौर तक का रास्ता तय कर इतिहास बनाया था. |
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