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सानिया ने इतिहास रचा, सरीना से भिड़ंत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सानिया मिर्ज़ा देश के टेनिस इतिहास में किसी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता के तीसरे चरण में पहुँचने वाली पहली महिला बन गई हैं. इस साल की पहली ग्रैंड स्लैम टेनिस प्रतियोगिता ऑस्ट्रेलियन ओपन में उन्होंने 84वीं वरीयता प्राप्त हंगरी की पेट्रा मैंडुला को 6-2, 6-1 से हराया. अब तीसरे चरण में उनका मुकाबला चोटी की खिलाड़ी सरीना विलियम्स से होगा. समाचार एजेंसियों के अनुसार सानिया मिर्ज़ा ने जीतने के बाद कहा कि वे काफ़ी चकित और उत्तेजित हैं. उनका कहना था, "मुझ पर कोई दबाव नहीं था. मुझे ख़ुद पर विश्वास तो था लेकिन मैने ये नहीं सोचा था कि जीत इतनी आसानी से मिल जाएगी." सरीना के साथ होने वाले मैच के बारे में उनका कहना था कि वे देखना चाहती हैं कि सरीना गेंद को कितनी ज़ोर से मारती हैं. इस मैच के बाद उनकी गिनती विश्व के पहले 130 टेनिस खिलाड़ियों में होने लगी है. अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 166वें स्थान पर मौजूद हैदराबाद की 18 वर्षीय सानिया मिर्ज़ा को ऑस्ट्रेलियन ओपन में एंट्री वाइल्ड कार्ड के ज़रिए मिली थी. सानिया मिर्ज़ा पहले दौर के मैच में ऑस्ट्रेलिया की सिंडी वॉटसन को तीन सेटों के मैच में 3-6, 6-3, 6-0 से मात दी थी. इस तरह सानिया किसी भी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुँचने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं. इससे पहले भारत की निरुपमा संजीव ने 1998 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे दौर में पहुँचीं थीं. |
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