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एफ़ए कप पर आर्सेनल का क़ब्ज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इंग्लैंड के फ़ुटबॉल क्लब आर्सेनल ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मैनचेस्टर यूनाइटेड को हराकर एफ़ए कप का ख़िताब जीत लिया है. कार्डिफ़ के मिलेनियम स्टेडियम में हुए फ़ाइनल मैच का फ़ैसला पेनल्टी शूट आउट में हुआ और आर्सेनल की ओर से विजयी गोल कप्तान पैट्रिक विएरा ने दाग़ा. पेनल्टी शूट आउट में मैनचेस्टर यूनाइटेड की ओर से पॉल स्कोल्स चूके और इसके बाद आर्सेनल ने कोई ग़लती नहीं की. निर्धारित समय में दोनों टीमें 0-0 से बराबर रहीं और अतिरिक्त समय में भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और फिर पेनल्टी शूट आउट में ही नतीजा निकल पाया. इस बार प्रीमियरशिप में आर्सेनल की टीम दूसरे नंबर पर रही और मैनचेस्टर यूनाइटेड की टीम तीसरे नंबर पर. भिड़ंत 1979 के बाद एफ़ए कप के फ़ाइनल में मैनचेस्टर यूनाइटेड और आर्सेनल की टीमें आमने-सामने थी. पहले हाफ़ में मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.
उन्होंने गोल करने के कई मौक़े गँवाए. फॉरवर्ड लाइन में खेल रहे वेन रूनी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और रूड वैन निस्टलरॉय ने बेहतरीन खेल दिखाया लेकिन वे गोल नहीं कर पाए. थियरी ऑनरी के बिना मैदान में उतरी आर्सेनल की टीम में वह पैनापन नहीं दिखा जिसके लिए वे जाने-जाते हैं. दूसरे हाफ़ में आर्सेनल के प्रदर्शन में थोड़ा सुधार हुआ. लेकिन गोल करने का कोई अच्छा मौक़ा उन्हें नहीं मिला. दूसरी ओर मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाड़ियों ने कई आक्रमण किए लेकिन सफलता उन्हें भी नहीं मिली. अतिरिक्त समय में भी दोनों टीमों की कोशिशें बेकार गईं और फिर पेनाल्टी शूट आउट में ही फ़ैसला निकल पाया. |
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