|
टीम के चयन में भूमिका चाहते हैं चैपल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय टीम के नए कोच ग्रेग चैपल ने वादा किया है कि वे भारतीय टीम को 'मैदान पर और मैदान से बाहर एक श्रेष्ठ टीम' बनाएँगे. अपने कोच चुने जाने के बाद चैपल ने कहा, "मेरा मानना है कि क्रिकेट के क्षेत्र में इससे बेहतर काम कोई और नहीं है और यह मेरे लिए एक बड़ी चुनौती भी है." चैपल ने बिना वक़्त गँवाए साफ़ शब्दों में कहा है कि टीम के चयन में उनकी राय भी ली जानी चाहिए. टेस्ट मैचों में सात हज़ार से अधिक रन बना चुके चैपल ने कहा, "खिलाड़ियों के चयन में मेरी क्या भूमिका होगी इसके चर्चा क्रिकेट बोर्ड के साथ करूँगा, मैं चयनकर्ताओं के साथ अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करूँगा." चैपल का मानना है कि भारतीय खिलाड़ी बहुत प्रतिभावान हैं, बस ज़रूरत है उनके खेल के स्तर को बनाए रखने की. ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए 87 मैच खेल चुके ग्रेग चैपल ने कहा, "इसके लिए ख़ुद मुझे, खिलाड़ियों, चयनकर्ताओं और क्रिकेट बोर्ड को मिल-जुलकर काम करना होगा." ग्रेग चैपल अब तक सबसे सफल कोच रहे जॉन राइट की जगह ले रहे हैं, जिनका कार्यकाल भारत-पाकिस्तान सिरीज़ के बाद समाप्त हो गया था. पाकिस्तानी टीम के ख़िलाफ़ भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, भारत को एकदिवसीय मैचों की सिरीज़ में 4-2 से पराजय का मुँह देखना पड़ा था. कप्तान सौरभ गांगुली के भविष्य को लेकर भी चिंताएँ हैं और कोच के लिए यह चुनौती होगी कि वह टीम का मनोबल बनाए रखें. इसके अलावा खिलाड़ियों की फिटनेस का मुद्दा भी है, भारत के कई खिलाड़ी फिटनेस की समस्या से जूझ रहे हैं. स्पिनर हरभजन सिंह के ऐक्शन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं जिसका समाधान कोच को ढूँढना होगा. पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोच की भूमिका निभाने जा रहे ग्रेग चैपल ने कहा कि वे खुले दिल-दिमाग़ के साथ काम करना चाहते हैं. चैपल का मानना है कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को चुनौती देने में पूरी तरह सक्षम है लेकिन वह लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है. चैपल ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में कहा, "भारतीय टीम टेस्ट क्रिकेट में दुनिया में तीसरे नंबर पर है जबकि वनडे में आठवें नंबर पर, मैं आशा करता हूँ भारतीय टीम की स्थिति बहुत बेहतर हो सकती है." भारतीय टीम के नए कोच ने कहा कि वे पूरी कोशिश करेंगे लेकिन यह सब रातोरात नहीं होगा. भारतीय क्रिकेट के करोड़ों दीवानों को उस दिन का ज़रूर इंतज़ार है जब भारतीय टीम पर लगा बुरे प्रदर्शन का ग्रहण टलेगा. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||