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'नए कोच के लिए पैसा कोई मुद्दा नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का कहना है कि भारतीय टीम के लिए कोच चुनते समय पैसा बाधा नहीं बनेगा. बोर्ड के अध्यक्ष रणबीर सिंह महिंद्रा ने बीबीसी हिंदी को बताया कि कोच चुनने के लिए समिति ने अभी तक पैसे के बारे में कोई चर्चा नहीं की है और न ही ऐसी कोई चर्चा होगी. उन्होंने कहा, "हमारा पहला लक्ष्य है टीम के लिए सबसे अच्छा उपलब्ध कोच चुनना, बाक़ी बातें बाद में होंगी. पैसा हमारे रास्ते में रुकावट नहीं बनेगा." इस समय कोच बनने की दौड़ में चार नाम हैं--ऑस्ट्रेलिया के ग्रैग चैपल और टॉम मूडी, वेस्टइंडीज़ के डेसमंड हेंस और भारत के मोहिंदर अमरनाथ. पहले संदीप पाटिल के नाम की भी चर्चा थी लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे इस दौड़ में नहीं हैं क्योंकि वे ओमान की टीम के कोच हैं. जब उनसे पूछा गया कि ग्रेग चैपल तो जॉन राइट से कहीं ज़्यादा यानी साल के चार से पाँच लाख डॉलर माँग सकते हैं तो महिंद्रा ने कहा कि "पैसा हमें टीम के लिए सबसे अच्छा कोच चुनने से नहीं रोकेगा." जब याद दिलाया गया कि ग्रेग चैपल को श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड पहले ही कॉन्ट्रेक्ट की पेशकश कर चुका है तो महिंद्रा ने कहा, "हमारा फ़ैसला स्वतंत्र है और श्रीलंका भी कोई भी फ़ैसला करने को आज़ाद है. जिसे जाना है वो तो जाएगा, कौन रोक सकता है." बीसीसीआई अध्यक्ष ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि छह मैचों का प्रतिबंध पूरा होते ही सौरभ गांगुली भारतीय टीम में ज़रूर वापस आएँगे. उन्होंने कहा, सौरभ कप्तान की हैसियत से वापस आएँगे या सिर्फ़ एक खिलाड़ी के तौर पर, इसका फ़ैसला चयन समिति करेगी. समिति बीसीसीआई ने नया कोच चुनने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर सिंह महिंद्रा के नेतृत्व में एक छह सदस्यीय समिति बनाई है.
इस समिति में रणवीर सिंह महिंद्रा के अलावा सुनील गावसकर, रवि शास्त्री, एस वेंकटराघवन, जगमोहन डालमिया और एस करुणाकरण नायर भी शामिल हैं. बैठक के बाद बीसीसीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए 19 मई को बुलाया जाएगा. पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ख़त्म हुई सिरीज़ के साथ ही भारतीय टीम के कोच के रूप में जॉन राइट का कार्यकाल ख़त्म हो गया था. |
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