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बनी हुई है दिल्ली में मैच की संभावना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच दिल्ली में छठे और आख़िरी वनडे मैच के आयोजन की अब भी संभावना बनी हुई है. इस मसले को सुलझाने के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने शुक्रवार को डीडीसीए और दिल्ली नगर निगम, केंद्र सरकार और पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की. उसके बाद उन्होंने घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे होगा और समन्वय की समस्या सुलझा ली जाएगी. यद मैच 17 अप्रैल को होना है और इसे देखने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ भारत आ रहे हैं. दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान पर खेले जाने वाले इस मैच के बारे में दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन ने गुरुवार को घोषणा कर दी थी कि यह मैच कराना काफ़ी मुश्किल होगा. लेकिन शुक्रवार को दिल्ली ऐंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, ''यदि सारी अनुमति मिल जाती हैं तो हम मैच आयोजित करने के लिए तैयार हैं.'' उनका कहना था कि डीडीसीए की मैच कराने को इच्छा है और यह सम्मान की बात होगी कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ यहाँ मैच देखें. इसके पहले डीडीसीए की घोषणा से इस मैच के आयोजन पर सवालिया निशान लग गए थे. लेकिन तुरंत बाद केंद्र सरकार हकरत में आई. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मॉरिशस गए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायण ने गृह मंत्री शिवराज पाटिल से फ़ोन पर बात की. इसके बाद गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मैच के लिए आवश्यक सभी सुरक्षा इंतज़ाम पूरे कर लिए जाएंगे. आपत्ति डीडीसीए ने गुरुवार को यह तो नहीं कहा है कि मैच नहीं खेला जाएगा लेकिन उन्होंने कहा है कि दिल्ली नगर निगम और सुरक्षा एजेंसियों की शर्तों को पूरा काफ़ी कठिन लग रहा है. डीडीसीए के अध्यक्ष अरूण जेटली ने यहाँ तक कह दिया था कि मैच किस मैदान पर खेला जाएगा इसका अंतिम फ़ैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को करना है. जेटली ने कहा, "हमने सुरक्षा एजेंसियों और नगरपालिका की शर्तों पर अपनी आपत्तियाँ क्रिकेट बोर्ड तक पहुँचा दी हैं, अब फ़ैसला उन्हें करना है." फ़िरोज़शाह कोटला मैदान पर पिछले चार वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया है और वहाँ बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है. डीडीसीए का कहना है कि वह समय पर काम पूरा कर सकता है लेकिन नगर निगम से स्वीकृति मिलने में देरी के कारण आशंकाएँ पैदा हो गई हैं. इसके अलावा राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के आने की योजना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ भी मैदान को लेकर सवाल उठा रही हैं. |
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