| दिल्ली के वनडे पर संदेह के बादल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच दिल्ली में खेला जाने वाला छठा और आख़िरी वनडे मैच ख़तरे में पड़ता दिख रहा है. दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान पर खेले जाने वाले इस मैच के बारे में दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन ने चिंता प्रकट की है और कहा है कि मैच कराना काफ़ी मुश्किल होगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ इसी मैच को देखने के लिए 17 अप्रैल को भारत आने वाले हैं. दिल्ली ऐंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) ने यह तो नहीं कहा है कि मैच नहीं खेला जाएगा लेकिन उन्होंने कहा है कि दिल्ली नगरपालिका और सुरक्षा एजेंसियों की शर्तों को पूरा काफ़ी कठिन लग रहा है. डीडीसीए के अध्यक्ष अरूण जेटली ने कहा है कि मैच किस मैदान पर खेला जाएगा इसका अंतिम फ़ैसला भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को करना है. जेटली ने कहा, "हमने सुरक्षा एजेंसियों और नगरपालिका की शर्तों पर अपनी आपत्तियाँ क्रिकेट बोर्ड तक पहुँचा दी हैं, अब फ़ैसला उन्हें करना है." भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक टीम मैदान का जायज़ा लेने पहुँची थी, इसके बाद डीडीसीए की बैठक हुई जो दो घंटे तक चली. फ़िरोज़शाह कोटला मैदान पर पिछले चार वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया है, वहाँ बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम चल रहा है और आशंका व्यक्त की जा रही है कि यह काम 17 अप्रैल से पहले पूरा नहीं हो पाएगा. डीडीसीए का कहना है कि वह समय पर काम पूरा कर सकता है लेकिन उसका कहना है कि नगरपालिका से स्वीकृति मिलने में देरी के कारण आशंकाएँ पैदा हो गई हैं. इसके अलावा राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के आने की योजना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी की जानी है इसलिए सुरक्षा एजेंसियाँ भी मैदान को लेकर सवाल उठा रही हैं. अब गेंद बीसीसीआई के पाले में है और उसे ही फ़ैसला करना है कि वनडे सीरिज़ का अगला मैच दिल्ली में होगा या कहीं और. |
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