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गुरुवार, 24 मार्च, 2005 को 13:55 GMT तक के समाचार
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फ़िशर ने आइसलैंड की राह ली
फ़िशर
फ़िशर का पूरा करियर विवादों से घिरा रहा है
पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन बॉबी फ़िशर गुरूवार को जापान से आइसलैंड के लिए रवाना हो गए.

इससे पहले जापान सरकार ने उन्हें आठ महीने बंद रखने के बाद बुधवार को रिहाई की घोषणा की थी.

जापानी अधिकारियों ने ये कहते हुए उन्हें आइसलैंड जाने की अनुमति दी कि उनके काग़ज़ात से ये साबित होता है कि उन्हें आइसलैंड की नागरिकता मिल गई है.

आइसलैंड ने फ़िशर को पासपोर्ट और नागरिकता दे दी है.

62 वर्षीय बॉबी फ़िशर जापान से कोपनहेगन के लिए रवाना हुए जहाँ से विमान के ही ज़रिए आइसलैंड पहुँचेंगे.

अमरीकी नागरिक रहे बॉबी फ़िशर पिछले आठ महीने से टोक्यो में हिरासत में थे. उन्हें पिछले साल जुलाई वक़्त हिरासत में ले लिया गया था जब वे एक पूर्व अमरीकी पासपोर्ट पर जापान से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे.

उन पर 1992 में युगोस्लाविया में अमरीकी पाबंदी के बावजूद मैच खेलने का आरोप है जिस कारण अमरीका सरकार को उनकी तलाश है.

 बॉबी फ़िशर अब असली आइसलैंडवासी बन गए हैं
जापान में आइसलैंड के राजदूत

संवाददाताओं का कहना है कि बॉबी फ़िशर को आइसलैंड में हीरो समझा जाता है क्योंकि उन्होंने 1972 में रूस के बोरिस स्पास्की को हराकर विश्व शतरंज प्रतियोगिता जीती थी.

ये वो समय था जब शीतयुद्ध अपने चरमोत्कर्ष पर था और दुनिया अमरीका और रूस के खेमों में बँटी हुई थी.

जापान में आइसलैंड के राजदूत ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा,"बॉबी फ़िशर अब असली आइसलैंडवासी बन गए हैं".

जापान में बॉबी फ़िशर के एक सहयोगी का कहना है कि फ़िशर संभवतः गुरूवार को आइसलैंड रवाना हो सकते हैं.

उधर अमरीका ने फ़िशर को आइसलैंड की नागरिकता देने पर नाराज़गी जताई है.

अमरीकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा,"बॉबी फ़िशर एक भगोड़े हैं."

उनकी प्रेमिका जापान की पूर्व शतरंज चैंपियन हैं.

लेकिन पिछले वर्ष जुलाई में उन्हें जापान से फ़िलीपींस जाते समय गिरफ़्तार कर लिया गया था.

उनके समर्थकों का कहना है कि जेल में वे बेहद मानसिक तनाव से गुज़रे और एक उबले अंडे को लेकर सुरक्षा गार्ड से झड़प के बाद उनको चार दिन बिल्कुल अकेले रखा गया.

उनके समर्थक अमरीकी रूख़ को राजनीति से प्रेरित बताते हैं.

बॉबी फ़िशर ने 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमले की सराहना की थी जिससे अमरीका में उनके प्रति नाराज़गी बढ़ी थी.

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