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फ़िशर को आइसलैंड की नागरिकता मिली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
आइसलैंड ने शतरंज के पूर्व विश्व चैंपियन बॉबी फ़िशर को देश की नागरिकता दे दी है. अमरीका में उनके ख़िलाफ़ मामला चल रहा है. सोमवार को आइसलैंड की संसद में एक मतदान के ज़रिए फ़िशर को नागरिकता देने की मंज़ूरी दी गई. फ़िशर को नागरिकता देने के पक्ष में 40 मत पड़े. विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा, जबकि दो सदस्य अनुपस्थित रहे. अधिकारियों के अनुसार फ़िशर के नाम आइसलैंड का पासपोर्ट एक-दो दिन के भीतर जारी किया जा सकता है. आइसलैंड में ही 1972 में विश्व ख़िताब के लिए हुए एक मुक़ाबले में फ़िशर ने सोवियत संघ के बोरिस स्पास्कि को पराजित किया था. इस मैच के साथ ही शतरंज पर सोवियत रूस के प्रभुत्व का अंत हो गया था. फ़िशर की जीत को अमरीका में शीत युद्ध में जीत के तौर पर देखा गया था. दोनों के बीच 1992 में एक बार फिर मुक़ाबला आयोजित किया गया. और अमरीकी आर्थिक प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए फ़िशर ने यूगोस्लाविया में आयोजित इस मुक़ाबले में भाग लिया और जीत भी हासिल की. उसके बाद से ही अमरीकी सरकार उनको हिरासत में लेने का प्रयास करती रही है. फ़िशर इस समय जापान में रह रहे हैं. जुलाई में जापानी अधिकारियों ने उन्हें कथित तौर पर रद्द अमरीकी पासपोर्ट के आधार पर देश छोड़ने की कोशिश के आरोप में हिरासत में ले लिया. वह तीन साल से गुप्त रूप से जापान में रह रहे थे. हिरासत में लिए जाने के दौरान ही उन्होंने जापान शतरंज संघ की प्रमुख मियोको वताई से सगाई रचा ली, लेकिन अधिकारियों ने अब तक शादी के आवेदन पर कोई फ़ैसला नहीं किया है. |
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