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फ़िशर को जापान छोड़ने की अनुमति | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान सरकार ने अमरीका के प्रत्यर्पण के अनुरोध के बावजूद पूर्व विश्व शतरंज चैंपियन बॉबी फ़िशर को आइसलैंड जाने की अनुमति दे दी है. जापानी अधिकारियों ने ये कहते हुए उन्हें आइसलैंड जाने की अनुमति दी है कि उनके काग़ज़ात से ये साबित होता है कि उन्हें आइसलैंड की नागरिकता मिल गई है. अमरीका नागरिक रहे बॉबी फ़िशर पिछले आठ महीने से टोक्यो में हिरासत में हैं. उन पर 1992 में युगोस्लाविया में अमरीकी पाबंदी के बावजूद मैच खेलने का आरोप है जिस कारण अमरीका सरकार को उनकी तलाश है. संवाददाताओं का कहना है कि बॉबी फ़िशर को आइसलैंड में हीरो समझा जाता है क्योंकि उन्होंने 1972 में रूस के बोरिस स्पास्की को हराकर विश्व शतरंज प्रतियोगिता जीती थी. ये वो समय था जब शीतयुद्ध अपने चरमोत्कर्ष पर था और दुनिया अमरीका और रूस के खेमों में बँटी हुई थी. जापान में आइसलैंड के राजदूत ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा,"बॉबी फ़िशर अब असली आइसलैंडवासी बन गए हैं". जापान में बॉबी फ़िशर के एक सहयोगी का कहना है कि फ़िशर संभवतः गुरूवार को आइसलैंड रवाना हो सकते हैं. उधर अमरीका ने फ़िशर को आइसलैंड की नागरिकता देने पर नाराज़गी जताई है. अमरीकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा,"बॉबी फ़िशर एक भगोड़े हैं". जापान में फ़िशर
बॉबी फ़िशर पिछले कई वर्षों से जापान में अपनी प्रेमिका मियोको वताई के साथ किसी गोपनीय स्थान पर रह रहे हैं. उनकी प्रेमिका जापान की पूर्व शतरंज चैंपियन हैं. लेकिन पिछले वर्ष जुलाई में उन्हें जापान से फ़िलीपींस जाते समय गिरफ़्तार कर लिया गया था. उनके समर्थकों का कहना है कि जेल में वे बेहद मानसिक तनाव से गुज़रे और एक उबले अंडे को लेकर सुरक्षा गार्ड से झड़प के बाद उनको चार दिन बिल्कुल अकेले रखा गया. उनके समर्थक अमरीकी रूख़ को राजनीति से प्रेरित बताते हैं. बॉबी फ़िशर ने 11 सितंबर 2001 को अमरीका पर हुए हमले की सराहना की थी जिससे अमरीका में उनके प्रति नाराज़गी बढ़ी थी. |
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