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भारत मुशर्रफ़ को आमंत्रित करेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने संकेत दिए हैं कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को भारत- पाकिस्तान श्रृंखला के मैच के लिए आमंत्रित करेगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने कहा कि भारत को खुशी होगी यदि पाकिस्तान के राष्ट्रपति मैच देखने आएंगें. उनका कहना था, '' यह दोस्ताना दौरा होगा और हर दौरा राजकीय नहीं हो सकता है.'' मीडिया सलाहकार का कहना था कि विदेश मंत्रालय से कहा गया है कि वह पाकिस्तान से संपर्क करे ताकि सरकार ज़रुरी इंतज़ाम कर सके. इसमें सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल है. संजय बारू ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि इसके पहले भी पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति ज़िया उल हक़ भारत मैच देखने आ चुके हैं. उनका कहना था,'' हमारे सभी पड़ोसी जब भी भारत आना चाहें , वो आ सकते हैं.'' इसके पहले राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि यदि आमंत्रित किया गया तो वे भारत- पाकिस्तान श्रृंखला के मैच देखना पसंद करेंगे. राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने पाकिस्तानी मीडिया से कहा,'' मैं सभी खेलों को पसंद करता हूँ और क्रिकेट देखना मुझे पसंद है.'' लेकिन साथ ही उन्होंने कहा था, ''लेकिन मैं कहीं भी बिना निमंत्रण के जाने में विश्वास नहीं करता.'' क्रिकेट कूटनीति पाकिस्तान के दिवंगत नेता ज़िया उल हक ने 'क्रिकेट कूटनीति' की शुरुआत की थी. जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण थे तो वे 1987 में जयपुर में मैच देखने आए थे. माना जा रहा है कि परवेज़ मुशर्रफ़ भी उसी का अनुसरण कर रहे हैं. परवेज़ मुशर्रफ़ ने पाकिस्तान ऑबज़र्वर अख़बार से बातचीत में कहा,'' यदि न्योता आया तो उस पर विचार किया जा सकता है.'' पिछले साल रावलपिंडी में भारत-पाकिस्तान के बीच खेले एकदिवसीय मैच को देखने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पहुँचे थे. पिछले साल भारत का पाकिस्तान दौरा बेहद सफल रहा था. पाकिस्तान के मौजूदा दौरे में तीन टेस्ट और छह एकदिवसीय मैच शामिल हैं. |
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