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हार जीत खेल का हिस्सा: सानिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की सुपर स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा का कहना है कि दुबई ओपन टेनिस टूर्नामेंट में हार के लिए वो किसी बात को दोष नहीं देना चाहती. एड़ी की चोट से जूझ रही सानिया ने दुबई ओपन के दूसरे दौर में विश्व की नंबर छह की खिलाड़ी रुस की स्वेतलाना कुज़नेत्सोवा को कड़े मुकाबले में हराया था लेकिन गुरुवार को क्वार्टर फाइनल में वो हार गईं. सानिया को हराया 28 वीं वरीयता प्राप्त सर्बिया की येलेना यानकोविच ने वो भी सीधे सेटों में 2-6, 2-6 से. हारने के बाद बीबीसी से बातचीत में सानिया ने माना कि लोगों की अपेक्षाएं उनसे बहुत बढ़ गई हैं और इस पर खरा उतरने की कोशिश कर रही हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या एड़ी की चोट का उनके खेल पर असर पड़ा है तो उनका कहना था " चोट तो पहले से ही लगी थी. मैं किसी बात पर हार का दोष नहीं मढ़ना चाहती. आज जानकोविच बहुत अच्छा खेली और मैं कुछ नहीं कर सकी. " हालांकि सानिया ने यह भी कहा कि आगे वो पूरी मेहनत के साथ अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगी. सानिया ने कहा " मैं इस टूर्नामेंट से बहुत खुश हूं. मैंने अच्छा खेला हैं. हार जीत तो लगी रहती है. मैं छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी को हराया तो इसका ये मतलब नहीं कि मैं हार नहीं सकती. " मानसिक दबाव सानिया से लोगों को वाकई बहुत उम्मीदें थीं और जब उन्होंने श्वेतलाना को हराया तो लोगों को लग रहा था कि वो अब ये टूर्नामेंट जीत सकती हैं. इस बारे में पूछे जाने पर सानिया ने कहा, " लोगों का दबाव हमेशा रहता है और रहेगा. वो चाहेंगे कि मैं हमेशा जीतूँ. ये अच्छी बात है." सानिया इस दबाव का सामना कैसे करती हैं, इसके जवाब में उनका कहना था, " मैं जब कोर्ट पर जाती हूं तो कुछ नहीं सोचती. बस अपने खेल पर ध्यान देती हूं. मेरे दिमाग में खेल के अलावा कुछ और नहीं होता. अपने शाट्स और हिट्स पर ही ध्यान रहता है. " दुबई में भारतीय दर्शकों की मौजूदगी से सानिया थोड़ी चकित थीं लेकिन उन्होंने दर्शकों का धन्यवाद किया और कहा कि सभी मैचों में लोगों ने उनका भरपूर साथ दिया है. सानिया का अगला टूर्नामेंट फ्रांस में होने वाला है लेकिन फिलहाल वो दुबई से सीधे भारत जाकर आराम करना चाहती हैं फिर प्रैक्टिस और फिर मैच. |
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