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भारत का पलड़ा भारी है: किरमानी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अपने ज़माने के मशहूर विकेटकीपर और भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता रह चुके सैयद किरमानी का मानना है कि पाकिस्तान के मुक़ाबले भारतीय टीम का पलड़ा भारी है. किरमानी: भारत का मनोबल काफ़ी बढ़ा हुआ है और उसका पलड़ा भारी है. क्योंकि भारत ने पिछले साल पाकिस्तान में टेस्ट और एक दिवसीय सिरीज़ में जीत हासिल की थी. मगर इस मनोबल को क़ायम रखने के लिए दबाव भारत पर रहेगा क्योंकि ये होम सिरीज़ है और पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन किया और कुछ मैचों में उसने ऑस्ट्रेलिया को हराया भी है. पाकिस्तान के पास कई अच्छे उभरते हुए बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ भी मौजूद हैं. पिछले कुछ समय से भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें लगभग एक तरह की समस्याओं का ही सामना करती रही हैं- फ़िटनेस की समस्या है, ख़ासकर तेज़ गेंदबाज़ों के लिए. अब जब घायल गेंदबाज़ दोबारा फ़िट होकर मैदान पर उतरेंगे, तब क्या उनपर भी एक तरह का दबाव होगा? ऐसे में उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है क्या? किरमानी: फ़िटनेस की समस्या हर टीम में रहती ही है, ख़ासकर जब इतनी ज़्यादा क्रिकेट खेली जा रही हो और सबसे ज़्यादा ख़तरा तेज़ गेंदबाज़ों को रहता है. इसमें कोई फ़िक्र की बात नहीं है. अगर खिलाड़ी घायल होते हैं तो टीमें ‘स्टैंड बाई’ खिलाड़ियों को तैयार रखती हैं. टीम में कई उभरते हुए खिलाड़ी मौजूद हैं और पाकिस्तान की टीम भी कई युवा खिलाड़ियों को लेकर आ रही है. सैय्यद किरमानी आप अपनी विधा - विकेटकीपिंग के बारे में क्या सोचते हैं. भारत की ओर से विकेटकीपर की भूमिका कौन निभाएगा? पार्थिव पटेल, महेंद्र सिंह धोनी और दिनेश कार्तिक, ये तीन नाम हैं, इनमें से कौन टेस्ट मैचों में विकेटकीपिंग करेगा और कौन एक दिवसीय मैचों में? आपकी राय क्या है? किरमानी: पिछली दो श्रृंखलाओं में कार्तिक और धोनी दोनों ने काफ़ी अच्छा प्रदर्शन किया है. मुझे लगता है कि धोनी को एक दिवसीय मैचों के लिए रखा जाएगा. चूँकि वो दिनेश कार्तिक की अपेक्षा अधिक अनुभवी बल्लेबाज़ हैं. टेस्ट मैचों में कार्तिक को ज़रूर मौक़ा दिया जाएगा क्योंकि पिछली कई सिरीज़ में खासकर होम सिरीज़ में उन्होंने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया था. अब इन दोनों विकेटकीपरों पर नज़र रखी जाएगी. देखा जाएगा कि कौन कितना अच्छा खेलता है, किसमें ज़्यादा आत्मविश्वास है, उसी के आधार पर चयन होगा. जहाँ तक पार्थिव पटेल का सवाल है तो पिछले मैचों में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं था लेकिन अगर कार्तिक या धोनी नहीं चल पाए तो पार्थिव पटेल को मौक़ा मिल सकता है. वैसे ज़्यादा उम्मीद यही है कि धोनी और कार्तिक ही पाकिस्तान के विरूद्ध विकेटकीपिंग की बागडोर संभालेंगे. |
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