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'सचिन का टीम में रहना महत्वपूर्ण' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच आगामी क्रिकेट सिरीज़ में कौन कितने पानी में है- बता रहे हैं 1983 विश्व कप में भारत को विजय दिलाने में अविस्मरणीय भूमिका अदा करने वाले अपने ज़माने के मशहूर ऑलराउंडर मोहिंदर अमरनाथ. मोहिंदर- हालाँकि पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हार कर आई है लेकिन मैं समझता हूँ कि यह उनके भारत दौरे के लिए अच्छी तैयारी थी. जब भी भारत-पाकिस्तान श्रृंखला होती है तब बड़ा उत्तेजित माहौल रहता है और दोनों में से कोई भी टीम हारना नहीं चाहती. लेकिन अब, जब 90 ओवर प्रतिदिन के हिसाब से खेल होने लगा है, तब परिणाम जल्दी आने लगे हैं. इसलिए इस श्रृंखला में भी क्रिकेट प्रेमियों की दिलचस्पी बनी रहेगी. जहाँ तक तैयारी का सवाल है तो भारत में विकेट ऑस्ट्रेलिया की विकेट से बिल्कुल अलग होगी. वहाँ की विकेट में बाउंस है, वहाँ की परिस्थितियाँ अलग होती हैं जबकि भारत में 'लो बाउंस' रहता है इसलिए बल्लेबाज़ ज़्यादा सफल होता है. भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमों में फ़िटनेस को लेकर बड़ी चिंताएँ और समस्याएँ हैं. आपको क्या लगता है, ऐसे में भारत की टीम से कितनी उम्मीद लगाई जा सकती है ? मोहिंदर-आजकल तेज़ गेंदबाज़ों को तो चोट लगती ही रहती है क्योंकि इतने ज़्यादा एक दिवसीय मैच खेले जाते हैं और रात-दिन खेलने के बाद खिलाड़ियों को आराम नहीं मिलता. इसके अलावा टेस्ट मैच भी होते रहते हैं. लेकिन एक बात चिंता की है कि गेंदबाज़ी में भारत का जो मुख्य आक्रमण है, वह अभी उन्हीं खिलाड़ियों पर निर्भर है जो पिछले दिनों घायल रहे हैं. इन खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट में बहुत ज़्यादा हिस्सा भी नहीं लिया है. ऐसे में घायल होने के बाद फ़िट होकर वापस आना और फिर इतनी महत्वपूर्ण श्रृंखला, इसके ऊपर ऐसे सवाल कि अगर दोबारा घायल हो गए तो क्या होगा, इन सब बातों का तो खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर पड़ता ही है.
सचिन अभी पूरी तरह फ़िट नहीं हैं और उनके खेल पाने को लेकर अनिश्चितता की जो स्थिति बनी हुई है, क्या भारतीय टीम पर उसका भी कुछ मनोवैज्ञानिक प्रभाव होगा ? मोहिंदर- बिल्कुल, सचिन इतने अनुभवी खिलाड़ी हैं और उनका मैदान पर खड़े रहना ही टीम के मनोबल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है. फिर कोई भी टीम जब यह देखती है कि सचिन उसकी प्रतिद्वंद्वी टीम में शामिल हैं, तब वह दबाव में आ जाती है, इसलिए सचिन का खेलना भारत के लिए बहुत अहमियत रखेगा. अभी की स्थिति में आपको किस टीम का पलड़ा भारी दिख रहा है? मोहिंदर-मैं तो समझता हूँ कि भारत की मज़बूत ताक़त उसकी बल्लेबाज़ी को लेकर है, क्योंकि पिछले एक साल में जो भी श्रृंखला भारत ने जीती है, वो अपने बल्लेबाज़ों की बदौलत जीती है. बल्लेबाज़ी में भारतीय टीम पाकिस्तान की अपेक्षा अनुभवी टीम है और भारत के पास अनुभवी स्पिन गेंदबाज़ भी हैं. इसलिए बल्लेबाज़ी और स्पिन गेंदबाज़ी में भारत का पलड़ा भारी रहेगा. मगर तैयारी के हिसाब से मेरा ख़्याल है कि पाकिस्तान की तैयारी भारत से बेहतर है. |
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