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गुरुवार, 17 फ़रवरी, 2005 को 07:13 GMT तक के समाचार
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'बल्लेबाज़ी में भारत को बढ़त'

आमिर सुहैल
सुहैल मानते हैं कि पाकिस्तान की बॉलिंग धारदार है
भारत और पाकिस्तान के बीच आगामी क्रिकेट सिरीज़ में कौन कितने पानी में है- बता रहे हैं अपनी सलामी बल्लेबाज़ी और तुनुकमिज़ाजी के लिए मशहूर, पूर्व पाकिस्तानी कप्तान आमिर सुहैल.

आमिर सुहैल- भारत की बैटिंग लाइन-अब काफ़ी मज़बूत है और पाकिस्तान के सारे मुख्य गेंदबाज़ अगर फ़िट हों तो उसकी बॉलिंग लाइन अब काफ़ी तगड़ी है.

लेकिन अभी शोएब की फ़िटनेस पर सवालिया निशान लगा हुआ है और शब्बीर, उमर ग़ुल और समी- सब की फ़िटनेस को लेकर शंका है इसलिए मेरे विचार में भारत का पलड़ा भारी है.

साथ ही भारतीय टीम अपने घर के मैदानों में खेलेगी, इसलिए भी वह फ़ायदे में रहेगी.

इसके अलावा पाकिस्तान का मनोबल भी इस वक़्त गिरा होगा, क्योंकि वो ऑस्ट्रेलिया से हारकर आए हैं. कुल मिलाकर भारत की स्थिति अभी बेहतर दिख रही है.

हॉलाकि पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया में श्रृंखला हार गई, फिर भी जिस तरह से पाकिस्तानी टीम ने संघर्ष किया और कुछ मैच भी जीते, उसे देखकर क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि जब वह पूरी तैयारी के साथ भारत के मैदानों पर उतरेगी तो भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी?

आमिर सुहैल-आजकल की क्रिकेट को आप देखें तो पाएँगें कि गेंदबाज़ ही ज़्यादातर मैच जितवाते हैं. ख़ासकर जब एक दिवसीय मैचों में आप पाकिस्तान की टीम की तुलना भारत से करेंगे तो पाएँगें कि भारत की बैटिंग लाइन-अप काफी लंबी है.

इसलिए पाकिस्तान की टीम को इस श्रृंखला में सकारात्मक परिणामों के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी.और दूसरी बात यह है कि पाकिस्तान की बैटिंग लाइन-अप अभी तक सेट नहीं हुई है.

ऐसे काफ़ी खिलाड़ी हैं जिन्हें यह पता नहीं है कि उनका बैटिंग ऑर्डर क्या होगा, टीम में उनकी भूमिका क्या है?

मेरे ख़्याल में पाकिस्तान को अगर भारत में श्रृंखला जीतनी है तो बहुत ही उम्दा प्रदर्शन करना होगा. इसमें कोई शक नहीं कि भारत को लाभ मिलेगा.

आप क्या मानते हैं, क्यों पाकिस्तान की टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है ?

आमिर सुहैल-उसकी वजह यह है कि टीम में संतुलन नहीं है. टीम में बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों की संख्या में जो संतुलन होना चाहिए, वो नहीं है.

मेरे ख़्याल में टीम में काफी ज़्यादा ऑलराउंडर्स खेल रहे हैं और जो शीर्ष के स्थानों पर खेलने वाले बल्लेबाज़ हैं, उनकी जगह अभी तक पक्की नहीं हो पाई है.

यासिर हमीद, नंबर तीन बैट्समैन के रूप में टीम में जम चुका था लेकिन कभी एक दिवसीय मैच में तो कभी टेस्ट मैच में उससे पारी की शुरूआत कराई गई.

और एक-दो श्रृंखला में जब उसका प्रदर्शन बुरा रहा तो वह और अधिक दबाव में आ गया.

ऐसे में मुझे लगता है कि कप्तान इंज़मामुल हक़ को और ज़्यादा सक्रिय होना पड़ेगा क्योंकि अभी तक उसने टीम में तालमेल बिठाने की जितनी भी कोशिशें की हैं, सब बेकार साबित हुई हैं.

मेरे ख़्याल में अब समय आ गया है कि इंज़मामुल हक़ को बैठना पड़ेगा और गंभीरता से सोचना पड़ेगा कि वो किस तरह की टीम बनाकर जीत सकते हैं-कितने बल्लेबाज़, कितने गेंदबाज़ और कितने ऑल राउंडर?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोज़-रोज़ आप नए प्रयोग नहीं कर सकते.

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