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एथेंस में मौक़ा चूक गईं अंजू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महिलाओं की लंबी कूद में पदक जीतने की भारत की आशा समाप्त हो गई है, एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज छठे स्थान पर रही हैं. उनके फ़ाइनल में पहुँचने के बाद उम्मीद बनी थी कि वे शायद भारत के लिए कास्यं पदक जीत लें लेकिन फ़ाइनल में पहुँचने वाली बारह खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम पहले तीन में नहीं आ सका. अंजू ने 6.83 मीटर की छलाँग लगाई जबकि तीनों पदक विजेता सात मीटर से अधिक लंबाई लाँघने में सफल रहे. दिलचस्प बात ये भी है कि महिलाओं की लंबी कूद के तीनों पदक रूसी महिलाओं ने झटक लिए, अमरीका की मैरियन जोंस जैसी नामी एथलीट को पाँचवे स्थान से संतोष करना पड़ा. रूस की तातान्या लेबेदेवा ने 7.7 मीटर की छलाँग लगाकर स्वर्ण पदक जीता जबकि इरीना सिमागिना ने 7.5 मीटर कूदकर रजत पदक जीता, कास्यं पदक तातियाना कोतोवा को मिला. ऑस्ट्रेलिया की ब्राइन थॉमसन ने 6.96 मीटर लंबी छलाँग लगाई और कांस्य पदक से चूक गईं, पाँचवे नंबर पर रहने वाली मैरियन जोंस अंजू से सिर्फ़ दो सेंटीमीटर आगे रहीं. कड़ी टक्कर विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर रहीं अंजू से भारत को उम्मीदें तो बहुत थीं लेकिन फ़ाइनल मुक़ाबले में उनकी टक्कर 11 खिलाड़ियों से हुई. लंबी कूद में अंजू का इससे पहले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.74 मीटर रहा है. अंजू ने एथेंस रवाना होने से पहले बीबीसी हिंदी से ख़ास बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बचा कर रखा है, यह वाक़ई इनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था लेकिन मेडल के लिए काफ़ी नहीं था. |
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