लक्ष्मण की वो वेरी-वेरी स्पेशल पारी..

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए
साल 2001, जगह कोलकाता का ईडन गार्डेंस, जहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा टेस्ट मैच हो रहा था.
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 445 रन बनाए. इसके जवाब में भारत की पहली पारी केवल 171 रनों पर सिमट गई.
नंबर छह पर खेलते हुए वीवीएस लक्ष्मण अंतिम बल्लेबाज़ के रूप में 59 रन बनाकर शेन वॉर्न का शिकार बने. यह खेल का दूसरा दिन था.
भारत को 274 रनों से फ़ॉलोआन का सामना करना पड़ा.
भारतीय ड्रेसिंग रूम में तनाव का माहौल था. तब भारतीय क्रिकेट टीम के मैनेजर पूर्व टेस्ट खिलाड़ी चेतन चौहान अचानक लक्ष्मण के पास पहुँचे और उनसे कहा कि क्या आप दूसरी पारी में नंबर तीन पर खेलना चाहेंगे.
जवाब में लक्ष्मण ने कहा क्यों नहीं सर, मैं तो अभी तक अपनी क्रिकेट में इसी नंबर पर खेलता आया हूँ.

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दरअसल लक्ष्मण घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम हैदराबाद के लिए इसी नंबर पर खेलते थे.
इसके बाद चेतन चौहान ने टीम के कोच जॉन राइट से बात की. फिर कप्तान सौरव गांगुली को बताया गया.
इसके बाद राहुल द्रविड़ से कहा गया कि आप नंबर तीन पर नहीं खेलोगे. आप बुरा मत मानना.
दरअसल, उन दिनों राहुल द्रविड़ नंबर तीन के ज़बर्दस्त बल्लेबाज़ थे. राहुल द्रविड़ ने कहा कि खेल और टीम के हित में जो ठीक है, मैं वही करूँगा.
और इसके बाद जो मैदान में हुआ, वह इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया.
वीवीएस लक्ष्मण ने शानदार 281 रनों की पारी खेली. राहुल द्रविड़ ने भी रन आउट होने से पहले 180 रन बनाए.

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इन दोनों बल्लेबाज़ों के बीच पांचवें विकेट के लिए 376 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी हुई. भारत ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट पर 657 रन के स्कोर पर समाप्त करने की घोषणा की.
ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 384 रनों का लक्ष्य रखा. जवाब में पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल 212 रनों पर ढेर हो गई.
भारत 171 रन से टेस्ट जीत गया. हरभजन सिंह ने 73 रन पर 6 विकेट लेकर अपनी ज़िंदगी की सबसे यादगार गेंदबाज़ी की.
वैसे हरभजन सिंह ने पहली पारी में हैट्रिक भी ली थी. ऐसा कारनामा करने वाले वह भारत के पहले टेस्ट गेंदबाज़ बने.
उनकी हैट्रिक में रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वॉर्न के विकेट शामिल थे.
साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया के उस विश्वविजयी रथ को भी रोका जो इसके पहले लगातार 16 टेस्ट मैच जीत चुकी थी.

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यही नहीं, इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने तीन टेस्ट मैचों की इस सिरीज़ में मुंबई में खेले गए पहले टेस्ट मैच में तीन दिनों में ही भारत को 10 विकेट से मात दे दी थी.
पर्दे के पीछे रहकर भारतीय टीम को अपनी महत्वपूर्ण सलाह देने वाले पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान ने बीबीसी को बताया कि राहुल द्रविड़ को नंबर तीन पर न खेलने के लिए कहने की हिम्मत तब किसी में नहीं थी.
ऐसे में ख़ुद चेतन चौहान ने राहुल द्रविड़ से बातचीत की. चेतन चौहान आज भी द्रविड़ और लक्ष्मण की विनम्रता के कायल हैं.
वे मानते हैं कि इसके बाद लक्ष्मण और द्रविड़ सचिन की छाया से निकल गए और इस जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने सौरव गांगुली की कप्तानी में नए आत्मविश्वास के साथ अपनी नई पहचान बनाई.
उल्लेखनीय है कि लक्ष्मण को उनकी 281 रन की पारी को पिछले 50 सालों में टेस्ट क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आंका गया है.
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