बागी क्रिकेट लीग 'अटकलबाज़ी': क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया

इमेज स्रोत, ap
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने एक व्यावसायिक समूह की ओर से प्रस्तावित 'बागी क्रिकेट लीग' से जुड़ी खबरों को 'अटकलबाज़ी' बताते हुए खारिज कर दिया है.
मीडिया में इस तरह की ख़बरें हैं कि 2007 में इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) लाने वाला एस्सेल ग्रुप एक और लीग लाने की तैयारी में है.
और इसके लिए कथित रूप से ऑस्ट्रेलिया समेत कई अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाड़ियों से संपर्क किया गया है.
ट्विट का मतलब

इमेज स्रोत, Twitter
ऐसी ख़बरों का सिलसिला एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा के उस ट्विट के बाद तेज़ हो गया जिसमें उन्होंने क्रिकेट को कॉमनवेल्थ देशों के आगे विस्तार देने की बात की थी.
सुभाष चंद्रा ने लिखा, "एस्सेल व्यवसाय बढ़ाने के लिए नई पहल की तरफ देख रहा है. क्रिकेट में कॉमनवेल्थ देशों के बाहर निकलने की क्षमता है. ललित मोदी इसमें शामिल नहीं हैं."
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन वैली एडवर्ड्स 'बागी लीग' से जुड़ी खबरों को ज्यादा तव्वजो नहीं देना चाहते.
एडवर्ड्स ने एक बयान जारी कर कहा, "हम बागी लीग से जुड़ी रिपोर्ट से वाकिफ हैं. इनमें खासी अटकलबाज़ी की गई है. खासकर इसके प्रस्तावित स्तर और पेचदगियों को देखते हुए "
'बागी लीग से ख़तरा'

इमेज स्रोत, Reuters
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का क्रिकेट मौजूदा दौर से बेहतर स्थिति में कभी नहीं रहा.
"दर्शकों की रिकॉर्ड संख्या, जमीनी स्तर की भागेदारी और व्यावसायिक समर्थन के दम पर रिकॉर्ड कमाई हो रही है. जिसका आशय है कि खिलाड़ियों को कभी इससे ज्यादा भुगतान नहीं किया गया और इसमें इजाफ़ा ही होगा."
एडवर्ड्स ने ये भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से होने वाली कमाई से ही राज्य स्तरीय क्रिकेटरों को भुगतान किया जाता है. किसी प्रस्तावित बागी लीग से इसे खतरा रहेगा.

इमेज स्रोत, Getty
उनका कहना था कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का फोकस फैन्स और प्रतिभागियों के लिहाज़ से देश में खेल को बढ़ावा देने पर है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया का बोर्ड आईसीसी के साथ काम करता रहेगा.
एडवर्ड्स ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम आईसीसी और उसके दूसरे सदस्य देशों के साथ खेल के वैश्विक हितों के संरक्षण के लिए काम करते रहेंगे"
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)












