हद होती है हर बात की: ज्वाला गुट्टा

- Author, रोहन राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
आईपीएल की तर्ज पर शुरू होने वाला इंडियन बैटमिंटन लीग यानी आईबीएल नीलामी प्रक्रिया के बाद से ही विवाद में आ गया है.
इसमें 'आइकन प्लेयर' करार दी गईं भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा बेहद गुस्से में हैं. ज्वाला का गुस्सा इस बात से है कि उन्हें बिना 'सूचित' किए नीलामी के वक़्त उनकी बेस प्राइस 50 हज़ार डॉलर से घटाकर 25 हज़ार डॉलर कर दी गई.
बीबीसी से ख़ास बात करते हुए ज्वाला ने खुलकर अपने गुस्से का इज़हार किया.
फोन पर अपने गृहनगर हैदराबाद से बात करते हुए ज्वाला कहती हैं, "हमें बिना सूचना दिए हमारी बेस प्राइस कम कर दी गई. मैं बेहद सदमे में हूँ. ऐसे कई खिलाड़ी जिनसे मेरा रिकॉर्ड कहीं ज़्यादा बेहतर है, उनकी बेस प्राइस मेरी बेस प्राइस की तीन गुना है."
वह कहती हैं, "मुझे बैडमिंटन लीग के हर प्रमोशन में इस्तेमाल किया गया. मुझे आइकन प्लेयर का दर्जा दिया गया. उसके बाद ऐसा बर्ताव बहुत हिला देने वाला है."

ज्वाला को इस बात का भी मलाल है कि इस लीग से महिला युगल मुक़ाबले हटा दिए गए हैं.
'ख़राब संदेश'
ज्वाला गुट्टा के साथ-साथ डबल्स में उनकी पार्टनर रह चुकीं <link type="page"><caption> अश्विनी पोनप्पा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/sport/2012/07/120716_ashwini_olympic_js.shtml" platform="highweb"/></link> का भी बेस प्राइस ऐन मौके पर 50 हज़ार डॉलर से कम करके 25 हज़ार डॉलर कर दी गई थी.
बाद में ज्वाला को 31 हज़ार डॉलर में दिल्ली स्मैशर्स और अश्विनी को 25 हज़ार डॉलर में पुणे पिस्टन ने ख़रीदा.
ख़बर है कि इंडियन बैडमिंटन लीग के आयोजकों ने दोनों ही खिलाड़ियों को आश्वस्त किया है कि उनकी बेस प्राइस में जो कमी की गई है उसकी भरपाई वो कर देंगे.
इस पर <link type="page"><caption> ज्वाला</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2012/07/120718_jwala_gallery_pp.shtml" platform="highweb"/></link> ने तेज़ आवाज़ में जवाब दिया, "ये तो वही बात हो गई कि पैसे लो और चुप बैठो. क्या हमारे जैसे बैडमिंटन खिलाड़ियों के साथ बर्ताव करने का यही तरीका है. इससे देश में बैडमिंटन को लेकर कितना ख़राब संदेश गया है."
"वैसे भी मेरी आपत्ति पैसों को लेकर उतनी नहीं है. सवाल ये है कि मुझे ये बात मीडिया से क्यों पता लगी? बेस प्राइस कम करने का फैसला क्या एकदम आख़िर में लिया गया?"
'कोर्ट' में दूंगी जवाब
क्या इस घटना के बाद साएना नेहवाल समेत दूसरे बैडमिंटन खिलाड़ियों ने उन्हें सपोर्ट किया या बात की.
ज्वाला बोलीं, "हम किसी से समर्थन की उम्मीद नहीं करते. यहां सब समस्या होने पर आपसे दूर भागते हैं. इस फील्ड में कोई एकता नहीं है. लेकिन मैं दूसरों जैसी नहीं हूं. अगर किसी को आगे कोई मुश्किल आती है तो मैं हमेशा उसके लिए खड़ी रहूंगी."
ज्वाला ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि वह लीग का बहिष्कार करेंगी.
उन्होंने कहा, "कोई और होता तो वो कोर्ट चला जाता. लेकिन मुझे सिर्फ बैडमिंटन खेलना आता है और मैं अपना जवाब कोर्ट नहीं बल्कि बैडमिंटन कोर्ट में ही दूंगी."
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