बल्लेबाज़ अफ़सर हैं, गेंदबाज़ बस मज़दूर - कपिल देव

भारत के पूर्व कप्तान और टेस्ट क्रिकेटर कपिल देव ने क्रिकेट में गेंदबाज़ों को मज़दूर के जैसा बताया है जबकि बल्लेबाज़ों का रूतबा अफ़सर का होता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक गुवाहाटी में एक सम्मेलन के दौरान कपिल देव ने कहा, "आज गेंदबाज़ आखिर कौन बनना चाहता है? हर कोई चाहता है कि वो तेंदुलकर सहवाग, धोनी या गंभीर बने, जो सब अफ़सर हैं."
कपिल ने आगे कहा, "गेंदबाज़ तो मज़दूर होते हैं और मजदूर कौन बनना चाहता है. सभी अफसर बनना चाहते हैं."
गुवाहाटी के एक स्थानीय स्कूल में कपिल देव से एक सवाल पूछा गया कि भारत में तेज़ गेंदबाजों की कमी क्यों है जिसके जवाब में उन्होंने ऐसा कहा.
बल्लेबाज़ों को श्रेय
बाद में जब रिपोर्टरों ने उनसे इस बयान के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि एक गेंदबाज़ जब पारी में पांच विकेट भी लेता तो उसे उस बल्लेबाज़ से कम श्रेय दिया जाता है जिसने शतक लगाया हो.
कपिल देव का कहना है कि आज ज्यादातर बच्चे बल्ला उठाना चाहते हैं और बहुत कम बच्चे गेंदबाज़ बनने की चाह रखते हैं.
कपिल देव कि गिनती दुनिया के सबसे महान ऑल राउंडरों में होती है. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट मे 5000 से ज्यादा रन बनाए लेकिन उन्हें विशेष ख्याति एक मध्यम तेज़ गेंदबाज़ के रूप में मिली जिसने टेस्ट में 400 से ज्यादा विकेट लिए.
434 विकेटों के साथ एक वक्त कपिल देव टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. उनका रिकॉर्ड बाद में वेस्ट इंडीज़ के कोर्टनी वॉल्श ने तोड़ा था.
कपिल देव के प्रदर्शन की सराहना इसलिए भी की जाती है क्योंकि उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों के लिए बेहद मुश्किल मानी जाने वाली भारतीय पिचों पर कई विकेट लिए.
कपिल देव को आईसीसी ने अपने क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में भी शामिल किया है.












