भारत छह विकेट से जीता

भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के कोटला मैदान पर शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ तीसरा वनडे मैच छह विकेट से जीत लिया है.
सात वनडे मैचों की इस श्रृंखला में अब भारत 2-1 से आगे है. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना नाबाद रहे. भारत ने 49वें ओवर में ही जीत का 230 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया.
दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में खेले जा रहे तीसरे वनडे मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 230 रनों की चुनौती दी थी. युवराज सिंह ने सर्वाधिक 78 और महेंद्र सिंह धोनी ने 71 रन बनाए.
सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर और युवराज के विकेट गँवाने के बाद रैना और धोनी भारत को जीत तक लेकर गए. युवराज और धोनी के बीच चौथे विकेट के लिए रिकॉर्ड शतकीय साझेदारी हुई. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ये सबसे बड़ी साझेदारी रही.
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ हाथ खोलने की शुरुआत तो धोनी ने की, लेकिन बाद में मोर्चा युवराज ने संभाल लिया. उन्होंने मैदान के चारों ओर दर्शनीय स्ट्रोक्स खेले.
धोनी ने भी मौके की नज़ाकत को भाँपते हुए जल्दी-जल्दी स्ट्राइक युवराज को दी. युवराज ने अपनी हाफ़ सेंचुरी 62 गेंदों में पाँच चौकों और दो छक्कों की मदद से पूरी की. इसके बाद 37वें ओवर में उन्होंने दो बार हेनरिक को सीमा रेखा के पार पहुँचाया.
भारतीय पारी

भारत ने शुरुआत तो ठीकठाक की, लेकिन इसके बाद उसे थोड़े-थोड़े अंतराल पर तीन ज़ोरदार झटके लगे. सचिन के आउट होने के कुछ ही देर बाद गंभीर भी पैवेलियन चलते बने. गंभीर को नाथन हॉरित्ज़ ने बोल्ड आउट किया. गंभीर सिर्फ़ छह रन ही बना सके.
भारत को दूसरा झटका सचिन के रूप में लगा. सचिन बदक़िस्मत रहे और एक मुश्किल रन चुराने के फेर में रन आउट हुए.
हेनरिक की गेंद को मिड ऑफ़ की तरफ खेलने के बाद सचिन रन लेने के लिए दौड़े, लेकिन इससे पहले की वो क्रीज तक पहुँच पाते मिशेल जॉनसन का सटीक थ्रो सीधे विकेट में जा लगा.
सचिन ने 47 गेंदों का सामना किया और दो चौकों की मदद से 32 रन बनाए. उनका विकेट 14वें ओवर में 51 के योग पर गिरा.
युवराज सिंह का साथ देने के लिए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर आए. दोनों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए भारत को जीत के मुहाने तक लाकर खड़ा किया. हालांकि 78 रनों के स्कोर पर युवराज आउट हो गए.
चार विकेटों के नुकसान के बाद धोनी का साथ देने आए सुरेश रैना. दोनों नाबाद रहे. धोनी ने 71 और रैना ने 9 रन बनाए.
भारत को पहला झटका वीरेंद्र सहवाग के रूप में लगा था. उनका विकेट नौवें ओवर में 37 के योग पर गिरा. उन्हें तेज़ गेंदबाज़ मिशेल जॉनसन ने बोल्ड आउट किया. सहवाग ने 25 गेंदों का सामना किया और एक चौके की मदद से सिर्फ़ 11 रन ही बना सके.
ऑस्ट्रेलियाई पारी

इससे पूर्व, मेहमान टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में पाँच विकेट खोकर 229 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलियाई पारी के हीरो रहे माइक हसी. बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ माइक हसी ने 81 रन बनाए और नॉट आउट रहे. उन्होंने 82 गेंदों का सामना किया और तीन चौके और एक छक्का लगाया.
भारतीय गेंदबाज़ों को हालाँकि शुरुआती सफलता देर में मिली, लेकिन शुरू से ही उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने के मौके नहीं दिए.
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ लंबे शॉट्स के लिए ढीली गेंदों का इंतज़ार करते रहे और उन्हें कभी-कभार ही ये मौके हासिल हुए.
रविंद्र जडेजा ने दो विकेट चटकाए, जबकि हरभजन सिंह, युवराज सिंह और सुरेश रैना ने एक-एक ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ को पैवेलियन की राह दिखाई.
मेहमान टीम के लिए कप्तान रिकी पोंटिंग और शेन वाटसन ने भी बेहतरीन पारियाँ खेली. पोंटिंग ने शानदार अर्धशतक लगाया, जबकि वाटसन ने 41 रन की अहम पारी खेली.
पोंटिंग ने 92 गेंदों का सामना किया और दो चौकों की मदद से 59 रन बनाए. उन्होंने अपने वनडे करियर की 72वीं वनडे हाफ़ सेंचुरी बनाई. भारत के ख़िलाफ़ पोंटिंग की वनडे मुक़ाबलों में ये आठवीं हाफ सेंचुरी रही.
शेन वाटसन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे पोंटिंग ने 76 गेंदों पर अपनी हाफ़ सेंचुरी पूरी की. इस दौरान उन्होंने चार मर्तबा गेंद को सीमा रेखा के पार पहुँचाया.
पोंटिंग ने वाटसन के साथ पहले विकेट के लिए 72 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी भी की.
ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका वाटसन के रूप मे लगा. वाटसन को महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज सिंह की गेंद पर स्टंप आउट किया. वाटसन ने 59 गेंदों पर 41 रनों की शानदार पारी खेली. इसमें पाँच चौके भी शामिल हैं.












