आईपीएल 2023 में इन खिलाड़ियों ने दिए ऐसे लम्हे, जिन्हें भूलना आसान नहीं

धोनी

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    • Author, विमल कुमार
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए

अक्सर टी-20 क्रिकेट और ख़ासतौर पर आईपीएल के बारे में ये धारणा है कि इस टूर्नामेंट में हर दिन ज़बरदस्त रोमांच रहता है.

हर दिन नए क़िस्से और नए हीरो मिल जाते हैं और पिछली कहानियों और किरदारों की चमक कुछ कम पड़ने लगती है.

लेकिन, आईपीएल 2023 का सीज़न दो महीने के दौरान ऐसे लम्हें लेकर आया, जिन्हें भुलाना आसान नहीं होगा.

अब फ़ाइनल मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के पहली गेंद पर शून्य पर आउट होने को ही देख लें.

इस पूरे टूर्नामेंट में अगर सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियाँ किसी एक खिलाड़ी ने बटोरी, तो वो धोनी ही थे.

टीवी चैनल से लेकर डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में अगर मैच के लिए तीन घंटे का प्रसारण होता, तो धोनी पर भी चर्चा तीन घंटे तक होती.

लेकिन, महामुक़ाबले में जब हर कोई धोनी से आख़िरी ओवर या आख़िरी गेंद में छक्का लगाकर मैच जिताने के करिश्मे के बारे में सोच ही रहा था, तभी धोनी शून्य पर आउट होकर वापस लौट गए.

अगर वाकई में ये मैच धोनी का आख़िरी मैच साबित होता है, तो सर डॉन ब्रैडमैन की तरह धोनी भी अपने आख़िरी मैच में शून्य पर आउट हुए होने वाले बन जाएँगे.

रविंद्र जडेजा

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रवींद्र जडेजा के बारे में ये कहा जा रहा था कि बल्लेबाज़ के तौर पर वो टी-20 में उतने प्रभावशाली नहीं रहे.

लेकिन उन्होंने फ़ाइनल के आख़िरी ओवर में या यूँ कहें कि आख़िरी दो गेंदों पर दिखाया कि उन्हें हमेशा सबसे जुझारू खिलाड़ियों में से एक के तौर पर क्यों याद किया जाएगा.

धोनी की ही टीम के आजिंक्य रहाणे का एक शानदार हिटर के तौर पर नया रूप आईपीएल 2023 में देखने को मिला.

फ़ाइनल में भी एक छोटी लेकिन बेहद उपयोगी और तेज़-तर्रार पारी खेलने वाले रहाणे ने आईपीएल के प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हुए वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के लिए टीम इंडिया में वापसी की और ये हमेशा एक नज़ीर के तौर पर याद रखा जाएगा.

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आईपीएल 2023 में कौन चमका?

  • गुजरात टाइटंस के शुभमन गिल ने 17 मैचों में 890 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की.
  • फ़फ़ डुप्लेसी ने 730 रन, डेवन कॉन्वे ने 672 रन, विराट कोहली ने 639 रन और यशस्वी जायसवाल ने 625 रन बनाए.
  • पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक 36 छक्के डुप्लेसी और सबसे अधिक 84 चौके शुभमन गिल ने लगाए.
  • गुजरात टाइटंस के मोहम्मद शमी ने 17 मैचों में 28 विकेट लिए और पर्पल कैप जीती.
  • मोहित शर्मा ने 27 विकेट, राशिद ख़ान ने 27 विकेट, पीयूष चावला ने 22 विकेट और युज़वेंद्र चहल ने 21 विकेट लिए.
  • पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक 193 डॉट बॉल मोहम्मद शमी ने फेंकीं.
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शुभमन गिल ने पूरे टूर्नामेंट में 890 रन बनाए

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इमेज कैप्शन, शुभमन गिल ने पूरे टूर्नामेंट में 890 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की

ऑरेंज कैप वाले शुभमन गिल

लेकिन, ऐसा नहीं कि इस टूर्नामेंट के सबसे बहेतरीन लम्हें सिर्फ चैम्पियन टीम चेन्नई से जुड़े हुए हैं.

गुजरात टाइटंस भले ही अपने घरेलू मैदान पर आख़िरी लम्हें में ख़िताब जीतने से चूक गई, लेकिन इस टीम के शुभमन गिल के 890 रनों को कौन भुला सकता है.

गिल 2016 वाले विराट कोहली वाली लय में दिखे और एक समय ऐसा लगा कि वो एक आईपीएल में सबसे ज़्यादा रन बनाने के रिकॉर्ड को भी तोड़ देंगे.

गिल भले ही चैम्पियन टीम का हिस्सा लगातार दूसरी बार नहीं बन सके, लेकिन अपनी बल्लेबाज़ी से उन्होंने दिखाया कि क्रिकेट के तीनों फ़ॉर्मेट में उनका दबदबा क़ायम हो सकता है.

शुभमन गिल

गुजरात के तेज़ गेंदबाज़ मोहित शर्मा भले ही आख़िरी ओवर की चुनौती में नाकाम हुए, लेकिन इस साल उनकी क्रिकेट के मैदान पर वापसी शायद सबसे प्रेरणादायी कहानी रही.

एक गेंदबाज़ जो टीम इंडिया के लिए 2015 वर्ल्ड कप में एक कामयाब गेंदबाज़ के तौर पर खेल चुका था, उन्हें पिछले कुछ सालों में आईपीएल में कोई पूछने वाला नहीं था.

आलम ये रहा कि गुजरात के कोच आशीष नेहरा ने उन्हें बतौर नेट गेंदबाज़ पिछले साल टीम में शामिल किया और इस साल वो टूर्नामेंट के सबसे कामयाब गेंदबाज़ों में से एक रहे.

मोहम्मद शमी ने आईपीएल 2023 में एक नई मिसाल रखी.

शमी ने दिखाया कि आप टेस्ट मैच वाली लाइन-लेंग्थ और आक्रामक गेंदबाज़ी को टी20 फॉर्मेट में भी दोहरा सकते हैं.

शमी टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी भी रहें, लेकिन जिस तरीक़े से उन्होंने आईपीएल में अपना लोहा मनवाया वो भी आने वाले कई सालों तक फैंस के ज़ेहन में क़ैद रहेगा.

यशस्वी जायसवाल ने 625 रन बनाए और बल्लेबाज़ों की सूची में वो पांचवें नंबर पर रहे

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इमेज कैप्शन, यशस्वी जायसवाल ने 625 रन बनाए और बल्लेबाज़ों की सूची में वो पांचवें नंबर पर रहे

जायसवाल और रिंकू सिंह की छाप

यशस्वी जायसवाल से ज़्यादा रन गिल, फ़फ़ डुप्लेसी और कोहली ने ज़रूर बनाए, लेकिन उनसे बेहतर स्ट्राइक रेट नहीं रहा.

जायसवाल ने वही किया जो सरफ़राज़ ख़ान या पिर पृथ्वी शॉ जैसे बल्लेबाज़ों को करना चाहिए.

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाने के बाद अगर आप आईपीएल के चकाचौंध और दबाव वाले लम्हें में भी अपने बल्ले का ज़ोर दिखाने में कामयाब होते हैं, तो दुनिया आपके क़दमों में हो सकती है.

जायसवाल ने एक सप्ताह पहले ये सोचा भी नहीं होगा कि इस प्रदर्शन के चलते वो WTC के लिए रिज़र्व ओपनर के तौर पर जून के महीने में इंग्लैंड में होंगे.

जायसवाल की ही तरह अगर आईपीएल में धूम मचाने वाला एक और घरेलू खिलाड़ी जो बहुत जल्द टीम इंडिया की टी20 टीम में दिख सकता है, तो वो निश्चित तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ही होंगे.

रिंकू सिंह

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रिंकू चाहे आने वाले साल में कितनी ही उम्दा पारियाँ खेलें, लेकिन उनकी पहचान लंबे समय तक आख़िरी ओवर में पाँच छक्के लगाने वाले बल्लेबाज़ के तौर पर ही रहेगी.

गुजरात टाइटंस के युवा गेंदबाज़ यश दयाल के एक ओवर में 5 छक्के लगाकर रिंकू ने हर किसी को हतप्रभ कर दिया.

कोलकाता के लिए 14 मैचों में 474 रन बनाने वाले रिंकू का औसत क़रीब 60 (59.25) का रहा और स्ट्राइक रेट भी करीब 150 (149.52) रही.

भारतीय क्रिकेट में युवराज सिंह और सुरेश रैना के पराक्रम का दौर ख़त्म होने के बाद से मिडिल ऑर्डर में सफ़ेद गेंद की क्रिकेट में बाएँ हाथ के एक ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ की अदद तलाश चल रही थी, जो शायद रिंकू ने अब आईपीएल 2023 के बाद ख़त्म कर दी हो.

पीयूष चावला

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इमेज कैप्शन, पीयूष चावला ने 22 विकेट लिए और वो टॉप गेंदबाज़ों की सूची में चौथे पायदान पर रहे

कमेंटेटर से वापस मैदान पर

मुंबई इंडियंस की टीम भले ही फ़ाइनल तक ना पहुँच पाई, लेकिन जसप्रीत बुमराह और जोफ्रा आर्चर जैसे गेंदबाज़ों के नहीं होने के बावजूद भी प्ले-ऑफ में पहुँची, तो इसका बहुत हद तक श्रेय अनुभवी लेग स्पिनर पीयूष चावला को जाता है.

कितनी दिलचस्प बात है कि पिछले साल चावला को कोई भी फ्रैंचाइजी ने हाथ नहीं लगाया था और वो कमेंटेटर की भूमिका में नज़र आ रहे थे.

लेकिन इस बार चावला ने 14 मैचों में 22 विकेट लेकर दिखाया कि उन्होंने लेग स्पिनर के तौर पर अपना हुनर नहीं खोया है.

यूँ तो आईपीएल के हाई-वोल्टेज फ़ाइनल में खेलना दुनिया के हर खिलाड़ी का सपना होता है. लेकिन अगर आयरलैंड के जोश लिटिल को ये बात किसी ने कुछ महीने पहले बताई होती कि कभी वो आईपीएल का फ़ाइनल खेलेंगे तो शायद उन्हें भी यकीन नहीं होता.

लेकिन, ऐसा हुआ और एक बार फिर से आईपीएल ने ये साबित किया कि क्रिकेट को और ज़्यादा प्रजातांत्रिक बनाने में उसका योगदान भी किसी से कम नहीं.

और आख़िर में चलते चलते आईपीएल के उस पल की चर्चा ज़रूरी है जिस पर शायद बहुत कम लोगों का ध्यान गया होगा.

आईपीएल का सबसे भावुक लम्हा रहा कप्तान हार्दिक पंड्या का हार की निराशा के बावजूद अपने तेज़ गेंदबाज़ मोहित शर्मा को गले लगाना और उन्हें सांत्वना देना.

पंड्या ने उस लम्हें में भी ये याद रखा कि जीत और हार से बड़ा होता है खेल.

पंड्या की यही गंभीरता और समझदारी उन्हें एमएस धोनी का असली उत्तराधिकारी बना सकती है.

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