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भारत का टॉप ऑर्डर नाकाम, तेज़ गेंदबाज़ फेल, उठ रहे कई गंभीर सवाल
- Author, विधांशु कुमार
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
पुणे में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में श्रीलंका ने भारत को 16 रनों से हरा दिया और 3 मैचों की सिरीज़ को 1-1 से बराबर कर लिया.
मैच के ज़्यादातर वक़्त में हालात पर कंट्रोल श्रीलंका के पास था, लेकिन सुर्यकुमार यादव और अक्षर पटेल ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए आख़िरी ओवर तक भारतीय जीत की उम्मीद को ज़िंदा रखा.
हालांकि आख़िरकार दासुन शनाका की ताबड़तोड़ पारी भारतीय टीम पर भारी पड़ी और टीम ने मैच गंवा दिया. एक नज़र डालते हैं मैच के उन पहलूओं पर जिसने भारत को उम्मीद दिलाई और जिसने भारत को हार की कगार पर खड़ा कर दिया.
नो बॉल की बरसात
इस मैच में वापसी कर रहे अर्शदीप सिंह शुरुआती ओवर्स में पूरी लय में नज़र नहीं आए. अर्शदीप ने अपने पहले ओवर मे एक या दो नहीं बल्कि तीन नो बॉल डाले, जिसकी वजह से उनका पहला ओवर बेहद खर्चीला रहा. इसमें उन्होंने 19 रन लुटाए.
कमेंट्री कर रहे दीप दासगुप्ता ने भी सवाल उठाया कि चोट या लंबी ब्रेक के बाद अगर कोई खिलाड़ी वापसी करता है तो उसे सीधा इंटरनेशनल मैच में नहीं उतरना चाहिए बल्कि उससे पहले एक या दो घरेलू मैच खेल लेना चाहिए.
अर्शदीप का ये रोग दूसरी छोर पर शिवम मावी को भी लग गया और उन्होंने भी अपने पहले ही ओवर में नो बॉल डाला. ये नो बॉल भारत को भारी पड़ीं. श्रीलंका के पहले 41 रन में 14 रन सिर्फ़ फ्री हिट से आए.
कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर ने बेहद निराशाजनक स्वरों में कहा कि किसी गेंद को बल्लेबाज़ कैसे खेलता है, इस पर गेंदबाज़ का पूरा कंट्रोल नहीं होता है लेकिन किसी गेंद को कैसे डालना है, उस पर गेंदबाज़ का पूरा कंट्रोल होता है. अगर ऐसे में गेंदबाज़ नो बॉल डाले तो ये किसी जुर्म से कम नहीं है.
इस मैच में श्रीलंका की शानदार शुरुआत के पीछे भारतीय गेंदबाज़ों के नो बॉल्स का बड़ा रोल रहा. बीच के ओवर्स में स्पिनर्स ने भारत को वापसी दिलवाई लेकिन आख़िरी ओवरों में फिर रनों का बांध टूट गया. अर्शदीप ने 19वें ओवर में एक बार फिर 2 नो बॉल्स किए और इस ओवर में भी 18 रन खर्च किए.
डेथ ओवर्स में भारतीय बोलर्स नाकाम
पिछले कई साल से आख़िरी के ओवर्स भारतीय बोलर्स के बेहद खर्चीले साबित हुए हैं और पुणे में एक बार फिर वही कहानी दोहराई गई.
आख़िरी के चार ओवरों में भारतीय बोलर्स ने 68 रन लुटाए और श्रीलंका को 200 से अधिक का स्कोर बनाने दिया. अर्शदीप सिंह ने दो ओवर्स में 18.50 की इकॉनमी से 37 रन दिए जबकि पिछले मैच में चार विकेट लेने वाले शिवम मावी ने अपने चार ओवर्स में 53 रन खर्च किए.
वहीं उमरान मलिक ने तीन विकेट तो लिए लेकिन उन्होंने भी 12 की इकॉनमी से 48 रन दिए. अगर दूसरे बोलर्स की इकॉनमी पर नज़र डाले तो पाएंगे कि स्पिनर्स ने पेसर्स के मुक़ाबले बेहतर प्रदर्शन किया.
अक्षर पटेल ने चार ओवर में सिर्फ़ 24 रन देकर 2 विकेट लिए जबकि युज़वेंद्र चहल ने चार ओवरों में 30 रन दिए. वहीं कप्तान हार्दिक पंड्या ने दो ओवर में 13 रन देकर बेहतर बोलिंग का मुज़ायरा किया.
उमरान मलिक का पेस
युवा पेसर उमरान मलिक ने एक बार फिर तेज़ बोलिंग कर श्रीलंका के सभी बल्लेबाज़ों को परेशान किया और तीन विकेट चटकाए. श्रीलंकाई पारी के दसवें ओवर में उमरान ने बल्लेबाज़ भानुका राजपक्षे को अंदर की ओर आती गेंद डाली.
बल्लेबाज़ ने थर्डमैन की तरफ़ खेलने का प्रयास किया, लेकिन वो 148 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद को छू भी नहीं पाए और क्लीन बोल्ड हो गए.
उमरान मलिक ने ख़तरनाक लग रहे चरिथ असलंका को अपनी तेज़ी का अगला शिकार बनाया. 143 की स्पीड की ये गेंद हार्ड लेंथ पर थी और उसमें उछाल भी थोड़ा ज़्यादा था जिसकी वजह से गेंद उनके बल्ले के उपरी हिस्से से टकराई और असलंका ने बाउंड्री पर तैनात शुभमन गिल को कैच थमा दिया.
फिर इसके अगले ही गेंद पर उमरान मलिक ने हसरंगा को क्लीन बोल्ड कर दिया और अपने पेस को लोहा मनवा दिया. भारतीय टीम के लिए उमरान मलिक 'वर्क इन प्रोग्रेस हैं', यानी अभी वो पूरी तरह तैयार नहीं हुए है. लेकिन जैसा कि कई एक्सपर्ट्स कह चुके हैं, अगर आपके पास तेज़ गाड़ी है तो उसे सड़क पर दौड़ाए ना कि गैराज में बंद रखें.
भारतीय पारी की निराशाजनक शुरुआत
एक बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने बेहद ख़राब शुरुआत की और पारी के दूसरे ओवर में ही रजिता के दो विकेट थमा दिए. जहां ईशान किशन बड़ा शॉट खेलने कि फिराक में बोल्ड हुए वहीं शुभमन गिल शॉर्टआर्म पुल खेलने की कोशिश में मिडविकेट पर कैच थमा बैठै.
इसके बाद डेब्यू कर रहे राहुल त्रिपाठी मधुशंका की गेंद को एज करते हुए कीपर को कैच थमा बैठे. सिर्फ 21 रन पर 3 विकेट खो देने के बाद भारतीय कप्तान हार्दिक पंड्या और उपकप्तान सूर्यकुमार यादव क्रीज़ पर थे.
उनसे उम्मीद थी की मौक़े की नज़ाकत को समझते हुए संभलकर खेलें. लेकिन कप्तान हार्दिक ने रिस्क लेते हुए खेलना सही समझा और 12 रन पर आउट हुए. जल्दी ही पिछले मैच के हीरो दीपक हुड्डा भी ग्राउंड क्लियर करने की कोशिश में आउट हो गए और भारत की आधी टीम 57 रनो पर पविलियन लौट चुकी थी.
मुंबई के पहले मैच में भी भारत ने 94 रन पर 5 विकेट खो दिए थे. कोच राहुल द्रविड़ के लिए टास्क नंबर वन है, इस टॉप ऑर्डर से बड़े रन बनवाना. सीनियर बल्लेबाज़ों की अनुपस्थिति में इन य़ुवा बल्लेबाज़ों के पास अच्छा मौक़ा है कि वो बड़ी पारियां खेलें और टीम में अपनी जगह पक्की करे. वहीं अगर ये भी लगातार फ्लॉप होते रहे तो कोच राहुल द्रविड़ के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
अक्षर पटेल और सूर्यकुमार ने धो डाला
57 पर पाँच आउट होने के बाद भारतीय टीम को एक बड़ी साझेदारी की ज़रूरत थी और वो उन्हें दिलवाई सूर्यकुमार यादव और अक्षर पटेल ने. दोनों ने छठे विकेट के लिए 91 रन जोड़े.
सूर्यकुमार यादव ने अपने जाने-माने अंदाज़ में तेज़ी से रन बनाते हुए 36 गेंदों में 51 रनों का योगदान दिया. उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके और तीन छक्के लगाए. सूर्य से ऐसी ही पारी की उम्मीद थी, लेकिन दूसरे छोर पर अक्षर पटेल ने उन्हें भी पीछे छोड़ते हुए 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और आख़िरकार लास्ट ओवर में 65 रन बनाकर बाउंड्री पर कैच आउट हुए.
उन्होंने 31 गेंदों की अपनी पारी में तीन चौके और छह छक्के लगाए जिसमें हसरंगा को एक ओवर में लगातार तीन छक्के भी शामिल थे. जब तक सूर्यकुमार और अक्षर क्रीज पर मौजूद थे भारत के पास जीत का मौक़ा था, लेकिन उनके आउट होने का साथ ही भारतीय उम्मीद भी खो गई.
सिरीज़ का फ़ैसला अब राजकोट में होगा जहां शनिवार को तीसरा और आख़िरी मैच खेला जाएगा.
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