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हार्दिक पांड्या ने किया था आईपीएल में सरप्राइज़ देने का वादा
- Author, चंद्र शेखर लूथरा
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
कुछ ही महीने पहले की बात है. क्रिकेट विश्लेषक एवं खेल प्रेमी हैरान थे कि आईपीएल की दूसरी सबसे महंगी टीम की कप्तानी हार्दिक पांड्या को कैसे सौंप दी गई, जबकि वे पूरी तरह से फ़िट नहीं हैं.
गुजरात टाइटंस ने 12 और 13 फरवरी को हुई आईपीएल नीलामी में हार्दिक पांड्या को कप्तान के तौर पर 15 करोड़ रुपये में ख़रीदा था. लेकिन इससे पहले टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान जिस तरह से हार्दिक पांड्या टीम से बाहर हुए थे, उसको देखते हुए ये सवाल बना हुआ था कि क्या इस प्रतिस्पर्धी फॉर्मेट वाले टूर्नामेंट के लिए वे टीम में भी चुने जाने के हकदार हैं? इसकी एक वजह तो यही थी कि वे गेंदबाज़ी करने के लिए पूरी तरह फ़िट नहीं थे.
गुजरात टाइटंस के कप्तान के तौर पर हार्दिक से पहले प्रेस कांफ्रेंस में यही सवाल पूछा गया. उनसे पूछा गया कि क्या वे आईपीएल में गेंदबाज़ी करते नज़र आएंगे, हार्दिक पांड्या के पास इस सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं था, उन्होंने कहा, "यह एक सरप्राइज़ होगा."
आईपीएल सीज़न 15 में 15 मैच और टीम को फ़ाइनल में पहुंचाने के सफ़र में उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस सवाल का जवाब दे दिया है- बल्ले से 453 रन और गेंदबाज़ी में पांच विकेट. उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के साथ-साथ बतौर कप्तान उनके कूल अंदाज़ की ख़ूब चर्चा हो रही है.
उनका ये प्रदर्शन एक तरह से सरप्राइज़ साबित हुआ है. वे ना केवल 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से लगातार गेंदबाज़ी कर रहे हैं बल्कि टीम के कप्तान के तौर पर भी उन्होंने काफ़ी सूझबूझ दिखाई है.
गेंदबाज़ी से दिखाया कमाल
आईपीएल के शुरुआती मैचों में हार्दिक पांड्या गेंदबाज़ी नहीं कर पा रहे थे. उन्होंने पहले चार मैचों में कोई गेंदबाज़ी नहीं की, लेकिन उसके बाद बेहतरीन अंदाज़ में वापसी की. इसके बाद से उन्होंने ना केवल अपने कोटे के चार ओवरों की गेंदबाज़ी की है बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में गेंद से टीम को राहत दिलाई है.
इस दौरान औसतन उन्होंने 140 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज़ रफ़्तार से गेंदबाज़ी की.
इतना ही नहीं, पावर प्ले के दौरान जब बल्लेबाज़ों की कोशिश ताबड़तोड़ शाट्स लगाने की होती है, उस समय उन्होंने क़िफायती गेंदबाज़ी की है. पावर प्ले के दौरान उन्होंने 5.54 की औसत से रन दिए हैं, पावर प्ले में कम से कम दस ओवरों की गेंदबाज़ी कर चुके गेंदबाज़ों की सूची में यह तीसरा सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है.
हार्दिक ने इस आईपीएल में बहुत ज़्यादा विकेट भले नहीं लिए हों लेकिन उनकी किफ़ायत भरी गेंदबाज़ी से टीम को फ़ायदा हुआ है. अभी तक उन्होंने 26.3 ओवरों की गेंदबाज़ी की और 7.73 की औसत से पांच विकेट चटकाए हैं और ये विकेट उन्होंने निर्णायक मौक़ों पर लिए हैं.
वहीं दूसरी बल्लेबाज़ी में उन्होंने टीम के लिए कई मौक़ों पर अहम योगदान निभाया है.
पहले क्वालिफ़ायर मुक़ाबले में भी चर्चा भले डेविड मिलर के छक्कों की ज़्यादा हुई हो लेकिन हार्दिक पांड्या ने दूसरे छोर पर कप्तान की भूमिका निभाने वाली पारी खेली. 75 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौजूदगी में चौथे विकेट के लिए उन्होंने डेविड मिलर के साथ 61 गेंद पर 106 रनों की साझेदारी निभाकर टीम को शानदार जीत दिलाई.
उन्होंने आईपीएल में अब तक के अपने प्रदर्शन से खुद को नया कैप्टन कूल साबित किया है, ख़ास बात यह है कि उन्हें यह संबोधन अपने मेंटॉर और साथी क्रिकेटर और टीम इंडिया के कैप्टन कूल रहे एमएस धोनी से मिला है.
क्रिकेट का नया कैप्टन कूल
हार्दिक पांड्या को कप्तानी के गुर सबसे कामयाब कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से सीखने को मिले होंगे और मुंबई इंडियंस में रोहित शर्मा की कप्तानी से भी उन्हें मदद मिली होगी. यही वजह है कि महज 28 साल की उम्र में वे आईपीएल में कहीं अनुभवी कप्तानों पर भारी साबित हुए हैं और उन्हें भविष्य में भारतीय टीम की कप्तानी के दावेदारों में उनका नाम आ गया है, कौन जानता है कि उन्हें जल्दी ही यह मौका मिल जाए?
हालांकि हार्दिक अपने करियर पर धोनी के असर और प्रभाव की बात स्वीकार करते रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कहा है, "माही की मेरे जीवन में अहम भूमिका रही है. वे मेरे भाई, दोस्त और परिवार की तरह हैं. मैंने उनसे काफ़ी अच्छी चीज़ें सीखी हैं."
इस आईपीएल के दौरान उन्होंने यह दिखाया है कि धोनी की तरह ही मुश्किल पलों में टीम को संभालने, टीम के खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ाने और उनका बेहतरीन इस्तेमाल करने के गुण उनमें आ चुके हैं.
हार्दिक पांड्या के लिहाज से ये आईपीएल एक मनमौजी ऑलराउंडर को टीम की ज़िम्मेदारी उठाने वाले क्रिकेटर के तौर पर तब्दली होने और खुद की काबिलियत को साबित करने वाला मौका साबित हुआ है.
हार्दिक पांड्या ताबड़तोड़ हिट लगाने वाले ऑलराउंडर माने जाते रहे थे लेकिन इस आईपीएल में वे टीम की ज़रूरत के हिसाब से ना केवल खुद विकेट पर टिक रहे हैं बल्कि टीम के दूसरे बल्लेबाज़ों को भी संभल कर लक्ष्य हासिल करने में माहिर बना रहे हैं.
दक्षिण अफ्रीका में टी-20 सीरीज़ खेलने के लिए जाने वाली टीम इंडिया की कमान चयनकर्ताओं ने केएल राहुल को सौंपी है. राहुल को किसी भी मुश्किल क्षणों में हार्दिक पांड्या से मदद की उम्मीद ज़रूर होगी.
लेकिन इससे पहले उनका इरादा अपनी टीम को आईपीएल चैंपियन बनाने का होगा. अगर वे ऐसा करने में कामयाब होते हैं तो उनकी गिनती शेन वॉर्न की कतार में होने लगेगी जिन्होंने अपनी कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स को पहले ही सीज़न में चैंपियन बना दिया था.
यह एक तरह से हार्दिक पांड्या का खेल के मैदान में शानदार कमबैक होगा. लेकिन अभी ये महज़ शुरुआत है, अगर उन्होंने क्रिकेट पर अपना फोकस बनाए रखा तो ऐसे ढेरों मौक़े उनके क्रिकेट करियर में देखने को मिलेंगे.
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