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अर्शदीप सिंह के पिता बोले- तब बलि का बकरा कोई और होता- प्रेस रिव्यू
दुबई में एशिया कप के सुपर फोर मैच में रविवार को भारत की पाकिस्तान से पाँच विकेट की हार के बाद तेज़ गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह को बलि का बकरा बनाया जा रहा है.
अर्शदीप सिंह के पिता दर्शन सिंह सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्यॉरिटी फ़ोर्स यानी सीआईएसफ़ में इंस्पेक्टर रहे हैं. रविवार को दर्शन सिंह ने दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान का मैच को देखा था. अर्शदीप की माँ बलजीत कौर ने भी अपने बेटे का खेल देखा था.
अर्शदीप सिंह से पाकिस्तान के आसिफ़ अली का एक आसान कैच छूट गया था. यह कैच तब छूटा था, जब भारत को विकेट की सख़्त ज़रूरत थी. कैच छूटने के बाद सोशल मीडिया पर अर्शदीप की आलोचना होने लगी थी. यहाँ तक कि उनके विकिपीडिया पन्ने को एक अज्ञात यूज़र ने एडिट कर खालिस्तानी जोड़ दिया था.
दुबई से मैच देखने के बाद वापस चंडीगढ़ लौटे दर्शन सिंह ने अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''पिता के तौर पर बहुत बुरा लगता है. वह अभी 23 साल का है. मैं ट्रोल्स के मामले में बहुत कुछ कहना नहीं चाहता हूँ. आप सभी के मुँह नहीं बंद कर सकते हैं. बिना प्रशंसकों के कोई खेल नहीं होता. कई लोग आपके साथ खड़े होते हैं. ऐसे में जो एक हार को नहीं पचा पाते हैं, वे हमारे लिए मायने नहीं रखते हैं. आख़िर में जीत किसी एक ही टीम को मिलती है.''
अर्शदीप के माता-पिता के बयान को इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने विकिमीडिया फाउंडेशन के एक्जेक्यूटिव को समन किया था. उनसे पूछा गया कि अर्शदीप का पन्ना कैसे एडिट कर खालिस्तानी जोड़ा गया. अर्शदीप के समर्थन में कई पूर्व क्रिकेटर और नेता भी खुलकर सामने आए.
दर्शन सिंह और बलजीत कौर ने दुबई से चंडीगढ़ की फ्लाइट लेने से पहले अर्शदीप सिंह से बात की थी. दर्शन सिंह ने कहा, ''अर्शदीप ने बताया कि वह उन ट्वीट्स और संदेश के देखकर हँस रहा था. उसने कहा कि वह इन सब चीज़ों को सकारात्मक ले रहा है. मेरे बेटे ने कहा कि इन चीज़ों से उसका आत्मविश्वास और बढ़ता है.'' दर्शन सिंह अभी एक निजी कंपनी में सुरक्षा प्रमुख हैं. बलजीत कौर ने कहा, ''अर्शदीप ने बताया कि पूरी टीम इंडिया उसके समर्थन में खड़ी है.''
18वें ओवर में रवि विश्नोई की गेंद पर पाकिस्तान के आसिफ़ अली ने एक ख़राब शॉर्ट खेला था. तब पाकिस्तान चार विकेट पर 151 रन बना चुका था और उसे जीत के लिए 182 रन बनाने थे. आख़िरी ओवर अर्शदीप ने किया और उन्होंने आसिफ़ अली को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. अर्शदीप ने 20वें ओवर की चौथी गेंद पर आसिफ़ अली को आउट किया था. लेकिन आख़िरी ओवर में महज़ सात रन ही बनाने थे और पाकिस्तान ने इस मैच को पाँच विकेट से जीत लिया था.
इन सबके बावजूद अर्शदीप के माता-पिता फ़ाइनल मैच देखने दुबई जाने के लिए तैयार हैं. दर्शन सिंह ने कहा, ''अगर भारत फ़ाइनल में पहुँचता है तो हमलोग दुबई जाएंगे. भारत को हम एशिया कप जीतते हुए देखना चाहते हैं. अर्शदीप ने कहा है कि वह भारत को मैच में जीत दिलाने के लिए पूरी तरह से तैयार है.''
दर्शन सिंह ने कहा कि रविवार तो अगर भारत मैच जीत जाता तो पाकिस्तानी टीम से कोई बलि का बकरा बनता.
दर्शन सिंह ने कहा, ''भारत अगर मैच जीत जाता तो पाकिस्तान के फ़ख़र ज़ामन बलि का बकरा बन सकते थे. भारत की पारी की आख़िर में उन्होंने एक कैच छोड़ा था और मिसफील्ड भी हुआ था. हर क्रिकेटर यही चाहता है कि वह जिस देश के लिए खेल रहा है, वह जीते. कोई भी हार के लिए नहीं खेलता है. इस विवाद के बाद अर्शदीप मानसिक रूप से और मज़बूत हुआ है.''
अर्शदीप की माँ बलजीत कौर कहती हैं कि जो कैच छूटने पर भला बुरा कह रहे हैं, वे उनके बेटे से ज़्यादा उम्मीद करते हैं. बलजीत ने कहा, ''लोग भावनाओं में बहकर ऐसा कह रहे हैं. जब मेरा बेटा अच्छा करेगा तो ये सारी बातें लोग भूल जाएंगे.''
उद्धव ठाकरे ने धोखा दिया है- अमित शाह
बृहनमुंबई कॉर्पोरेशन (बीएमसी) के चुनाव से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उद्धव ठाकरे पर धोखा देने का आरोप लगाया है. सोमवार को अमित शाह ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने अतीत में शिव सेना और बीजेपी के गठबंधन को धोखा दिया है. अमित शाह ने कहा कि आगामी नगर निगम चुनाव में ठाकरे धड़े को जनता सबक सिखाएगी.
अंग्रेज़ी अख़बार द हिन्दू के अनुसार, अमित शाह ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ दक्षिणी मुंबई के मेघदूत में बीजेपी के पदाधिकारियों और विधायकों को संबोधित करते हुए यह बात कही है. यह बैठ बंद दरवाज़े के भीतर हुई.
अमित शाह ने कहा, ''बीजेपी ने कभी बड़े भाई और छोटे भाई वाला बयान नहीं दिया. यह उद्धव ठाकरे का घमंड है, जिससे शिव सेना छोटी पार्टी बन गई है.''
अमित शाह ने कहा, ''2019 में ठाकरे और शिव सेना ने नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस के नाम पर वोट लिया. तब फ़ैसला हुआ था कि मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा. लेकिन उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर धोखा दिया. पूरी क्रोनोलॉजी का मैं गवाह रहा हूँ.''
लिज़ ट्रस भारत के लिए कैसी होंगी?
हिन्दी अख़बार दैनिक भास्कर ने ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी में लिज़ ट्रस की जीत और भारतवंशी ऋषि सुनक की हार को पहले पन्ने की लीड ख़बर बनाई है. अख़बार ने हेडिंग दी है- ट्रस पर ही ट्रस्ट.
दैनिक भास्कर ने लिखा है, ब्रिटेन में 47 साल की लिज ट्रस भारतवंशी ऋषि सुनक को पछाड़ते हुए नई प्रधानमंत्री बन गईं. उन्हें पार्टी के 81,326 (57.4%) और सुनक को 60,399 वोट (42.6%) मिले. ब्रिटेन के इतिहास में मार्गरेट थैचर और टेरीज़ा मे के बाद ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री होंगी.
ख़ास बात यह है कि ट्रस प्रधानमंत्री पद की दौड़ में आख़िर में शामिल हुई थीं, जबकि सुनक शुरुआती दौर में काफ़ी मज़बूत दिखे. पार्टी सांसदों ने सुनक को ट्रस के मुक़ाबले 12% ज्यादा वोट दिए थे. लेकिन, जब पार्टी कैडर (टोरी वोटर्स) की बारी आई तो ट्रस आगे निकल गईं. अख़बार ने लिखा है, कंजर्वेटिव पार्टी के 85% सदस्य मूल ब्रिटिश के अलावा किसी को पसंद नहीं करते. सुनक की हार की सबसे बड़ी वजह यही रही.
जीत के बाद ट्रस ने कहा, 'मैं कड़े मुकाबले के लिए सुनक की प्रशंसा करती हूं. साथ ही दोस्त बोरिस जॉनसन (निवर्तमान पीएम) की आभारी हूं.'
जॉनसन को हटाने में सुनक की अहम भूमिका रही है.
सुनक भले ही हार गए, लेकिन ट्रस भारत के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयां देने का वादा कर चुकी हैं. ट्रस ने कहा था कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वे भारत के साथ रक्षा और व्यापार संबंधों को और गहरा करेंगी. भारत रूसी हथियारों पर 60% तक निर्भर है. जबकि चीन और रूस के संबंध गहरे होते जा रहे हैं. ऐसे में भारत और ब्रिटेन का साथ आना ज़रूरी है.
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