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एशिया कप 2022: सूर्यकुमार ने दिखाई चमक, कोहली लौटे फ़ॉर्म में, पर रोहित शर्मा की मुश्किल बढ़ी
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत ने एशिया कप में क्वालिफाई कर टूर्नामेंट में हिस्सा लेने उतरे हांगकांग को 40 रन से हरा तो दिया, पर हांगकांग का भारत जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ पांच विकेट पर 152 रन तक पहुंचना निश्चय ही दिल जीतने वाला रहा.
भारतीय जीत के हीरो सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली रहे.
सूर्यकुमार ने विकेट पर आते ही स्वीप से दो चौके लगाकर अपनी पारी की शुरुआत की. उन्होंने मात्र 26 गेंदों में नाबाद 68 रन की पारी खेली. इसमें उन्होंने छह छक्के और छह चौके लगाए. सूर्यकुमार के आने से पहले तक भारतीय रनों की रफ्तार पर हांगकांग के गेंदबाज़ किसी हद तक लगाम लगाने में सफल रहे थे.
सूर्यकुमार यादव को 360 डिग्री वाला खिलाड़ी माना जाता है. यह कहा जाता है कि क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप में जिस बल्लेबाज के पास हर गेंद पर कम से कम दो तरह के शॉट खेलने के विकल्प होते हैं, उनके गेंदबाज पर हावी रहने की ज्यादा संभावना रहती है.
सूर्यकुमार इसी तरह के ही बल्लेबाज़ हैं और वह मैदान में किसी भी तरफ शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं. वास्तव में वह हर शॉट पर गेंदबाज को आश्चर्यचकित करने में सफल रहते हैं.
हांगकांग के हारून अरशद ने ऑफ स्टंप से बहुत बाहर गेंद फेंकी और सूर्यकुमार ने उस पर छक्का लगा दिया.
सूर्यकुमार ने मैच के बाद कहा भी कि आमतौर पर मुझे 25-30 गेंदें ही खेलने को मिलती हैं, इसलिए मैंने अपने खेल को इस तरह विकसित किया है कि इतनी अवधि में धाक जमाई जा सके.
पर यह भी उतना ही सही है कि उनके मुंबई की लाल मिट्टी वाले विकेट पर ज्यादातर क्रिकेट खेलने की वजह से उन्हें अपने शॉट खेलने में आसानी होती है.
विराट का रंगत में लौटना टीम का सबसे बड़ा प्लस
विराट कोहली काफी समय से रंगत में नहीं खेल पा रहे थे. लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ पारी के दौरान ही रंगत में लौटने के संकेत दे दिए थे.
हांगकांग के खिलाफ खेली नाबाद 59 रनों की पारी ने टीम इंडिया में खुशी ला दी है. असल में इस साल अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम की सफलता के लिए विराट का फॉर्म में होना बहुत ज़रूरी है.
विराट कोहली ने इस पारी के दौरान शुरुआत में विकेट पर टिककर खेलने का प्रयास किया. इसकी एक वजह कप्तान रोहित शर्मा का जल्दी आउट हो जाना था. शुरुआत में रन गति कम हो गई.
लेकिन केएल राहुल के 36 रन बनाकर आउट हो जाने के बाद सूर्यकुमार के आते ही पारी ने रफ्तार पकड़ ली. विराट ने भी बीच-बीच में छक्के लगाकर रन गति को बढ़ाने में सूर्यकुमार का बखूबी साथ निभाया.
विराट ने इस नाबाद पारी के दौरान एक चौका और तीन छक्के लगाए. विराट ने इस साल फरवरी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला अर्धशतक लगाया है.
इस पारी के बाद माना जा रहा है कि अब उनके ऊपर से मानसिक दबाव हट गया है और वह आने वाले दिनों में एक अलग ही अवतार में दिख सकते हैं. इसका टीम इंडिया को विश्व कप में जरूर फायदा मिलेगा.
भारतीय टीम की फील्डिंग में काफी सुधार दिखने लगा है. रवींद्र जडेजा के तो कहने ही क्या हैं. उन्होंने जिस तरह कप्तान निजाकत खान को मुश्किल कोण से डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट किया, वह ग़ज़ब था. इसके अलावा कैचिंग के मामले में भी टीम का प्रदर्शन अच्छा रहा.
अर्शदीप और आवेश ने किया निराश
अर्शदीप सिंह और आवेश खान दोनों को ही टी-20 क्रिकेट का विशेषज्ञ गेंदबाज माना जाता है. लेकिन दोनों ने ही इस मैच में निराश किया. सही मायनों में वह दोनों हांगकांग के बल्लेबाजों पर प्रभाव डालने में एकदम से असफल रहे. इसकी वजह दोनों का सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी नहीं कर पाना रहा.
दोनों एक-एक विकेट निकालने में तो सफल हो गए पर इसके लिए बहुत रन दे बैठे. अर्शदीप सिंह ने चार ओवरों में 44 रन और आवेश ने इतने ही ओवरों में 53 रन दिए.
यह सही है कि अर्शदीप सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ अच्छी गेंदबाज़ी की थी. लेकिन आवेश खान ने आईपीएल में जिस तरह की गेंदबाज़ी करने की अपनी छवि बनाई है, उस तरह का प्रदर्शन वह अंतरराष्ट्रीय मैचों में नहीं कर पाए हैं. इससे लगता है कि टीम प्रबंधन को उनके विकल्प पर ध्यान देने की ज़रूरत है.
भारत के प्रमुख स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल भी सफलता से दूर बने रहे. पर उन्होंने विकेट नहीं मिलने की भरपाई चार ओवरों में मात्र 18 रन देकर कर दी.
रोहित का लय में आना बेहद ज़रूरी
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को इस प्रारूप में टीम की जान माना जाता है. लेकिन वह दोनों मैचों में अपनी शॉटों को सही टाइम देने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं. इससे बन रहे दबाव में वह ग़लत शॉट खेलकर विकेट गँवा रहे हैं.
यह सही है कि रोहित शर्मा के लिए कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनकी क्लास ही अलग है. इसलिए वह जल्द ही रंगत में आ सकते हैं. आगे टफ मैचों में किसी भी टीम की सफलता के लिए पारी की मज़बूत शुरुआत होना बेहद ज़रूरी है.
केएल राहुल सर्जरी की वजह से लंबे समय बाद लौटे हैं और अब धीरे-धीरे लय पा रहे हैं. रोहित शॉट तो अच्छे खेल रहे हैं पर पारी को जमा नहीं पा रहे हैं.
ऋषभ पंत की नहीं हो सकी परख
टीम प्रबंधन ने पाकिस्तान पर जीत के हीरो हार्दिक पांड्या को आराम देकर ऋषभ पंत के लिए टीम में जगह बनाई. लेकिन पंत की बल्लेबाजी नहीं आने से उनकी परख नहीं हो सकी.
हांगकांग टीम के खिलाफ पांच गेंदबाजों के साथ खेलना चल गया. लेकिन मज़बूत टीमों के खिलाफ गेंदबाज़ी के छह विकल्प होना ज़रूरी है. इसलिए दिनेश कार्तिक और पंत में से किसी एक को ही खिलाया जा सकता है.
हांगकांग की बल्लेबाजी की तारीफ करनी होगी. उनके बाबर हयात, किंचित शाह और ज़ीशान ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, वह काबिल-ए-तारीफ़ है.
भारत के मज़बूत अटैक के सामने डटे रहना उनका मनोबल बढ़ाने के लिए पर्याप्त है.
भारत के 192 रन का बड़ा स्कोर खड़ा करने के बाद भी मात्र 40 रन से हारना भी उनकी नैतिक जीत है.
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