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दीपिका, जोशना और सौरव- स्क्वैश की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद करने वाले खिलाड़ी
- Author, वंदना
- पदनाम, टीवी एडिटर, बीबीसी इंडिया
भारत में स्क्वैश की फ़र्स्ट लेडीज़ कही जाने वालीं दीपिका पल्लीकल और जोशना चिनप्पा देश की बेहतरीन स्क्वैश खिलाड़ियों में से एक हैं.
इसके साथ ही सौरव घोषाल ने अपने शानदार खेल और मेडल के दम पर दीपिका और जोशना के साथ मिलकर आम लोगों में इस खेल के प्रति दिलचस्पी को बढ़ाया है.
दीपिका और सौरव घोषाल ने हाल ही में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ खेलों में मिक्स्ड डबल्स में मेडल जीतकर अपने लंबे करियर में भी चार चांद लगा दिए हैं.
दीपिका की बात करें तो शुरुआत में उनके लिए जीत का स्वाद चखना थोड़ा मुश्किल रहा.
लेकिन साल 2014 के ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने जोशना चिनप्पा के साथ डबल्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. इसके बाद एशियन गेम्स में उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया.
जेंडर के मुद्दे पर कड़ा रुख़
दीपिका खेलों में जेंडर के मुद्दे पर अपने कड़े रुख के लिए भी जानी जाती हैं. और पिछले कुछ सालों में उनके इस रुख़ को काफ़ी समर्थन भी मिला है.
साल 2012 से लेकर 2015 तक वो लगातार राष्ट्रीय स्क्वैश चैंपियनशिप में हिस्सा लेने से मना करती रहीं क्योंकि पुरुषों और महिलाओं को समान इनामी राशि नहीं मिला करती थी.
दीपिका ने महिलाओं और पुरुषों के लिए समान इनामी राशि की मांग की थी. इसके बाद जब ईनामी राशि एक समान कर दी गयी तो उन्होंने एक बार फिर खेलना शुरू कर दिया.
और 2016 में उन्होंने जोशना चिनप्पा को फाइनल मुकाबले में हरा दिया.
दीपिका ने 13 की उम्र में की ट्रेनिंग शुरू
दीपिका की माँ सूसन भारतीय क्रिकेट टीम की हिस्सा रही हैं, ऐसे में बचपन से खेलों में उनकी रुचि होना स्वाभाविक था. 13 साल की उम्र में वो ट्रेनिंग के लिए अकेले मिस्र जाकर रहने लगी. ये मुश्किल दौर था, लेकिन दीपिका को करियर में इस ट्रेनिंग का काफ़ी फ़ायदा हुआ.
दीपिका साल 2012 में अर्जुन पुरुस्कार पाने वाली पहली महिला खिलाड़ी थीं. इसके बाद उन्हें 2014 में पद्मश्री सम्मान भी दिया गया.
स्क्वैश की टॉप 10 खिलाड़ियों में जगह बनाने वाली दीपिका पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनीं.
दीपिका ने अक्टूबर में जुड़वा बच्चों को जन्म देने के छह महीने बाद खेल में वापसी की है. और इसी साल अप्रैल में उन्होंने वर्ल्ड मिक्स्ड डबल्स चैंपियनशिप में जीत दर्ज की है. इसके साथ ही इस साल ही उन्होंने वर्ल्ड विमन डबल्स चेंपियनशिप में भी जीत हासिल की है.
खिलाड़ी के साथ-साथ दीपिका ने मॉडलिंग की दुनिया में भी हाथ आजमाया है. हाल ही में वह फेमिना तमिलनाडु मैग़जीन के कवर पर भी नज़र आई थीं.
दीपिका की शादी भारतीय क्रिकेटर दिनेश कार्तिक से ही हुई है.
दिनेश कार्तिक ने कुछ सालों पहले इंस्टाग्राम पर दीपिका के लिए लिखा था - "मेरी पत्नी की उसके लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर पाना मेरे लिए सब कुछ है. ये साल काफ़ी मुश्किल रहे हैं. उसने काफ़ी मेहनत की है. कई महीनों तक उसे बाहर रहना पड़ा, घर का ख्याल रखना पड़ा, उसने मेरी हर चीज़ में मदद की लेकिन कभी किसी चीज की शिकायत नहीं की. मेरे लिए उसकी मदद करना सबकुछ है."
इतिहास रचने वाले सौरव घोषाल
कोर्ट पर जोशना के साथ खेलने वाले सौरव घोषाल भारत में शीर्ष स्क्वैश खिलाड़ी हैं. उन्होंने 2006 में दोहा में हुए एशियन गेम्स में भारत के लिए स्क्वैश में पहला गोल्ड मेडल जीता था. साल 2007 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
कोलकाता में पले-बढ़े सौरव घोषाल को स्क्वैश सीखने के लिए काफ़ी कम उम्र में चेन्नई जाना पड़ा. हालांकि, वह कोलकाता में अर्जुन लाल की क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ले रहे थे लेकिन स्क्वैश के लिए उन्होंने क्रिकेट छोड़ दिया.
यही नहीं, सौरव घोषाल साल 2004 में ब्रिटिश ओपन (अंडर-19) अवॉर्ड जीतने वाले पहले भारतीय थे. इसके साथ ही सौरव घोषाल जूनियर वर्ल्ड नंबर वन बनने वाले भी पहले भारतीय खिलाड़ी थे.
सौरव और दीपिका पल्लीकल की जोड़ी शानदार है, दोनों ने अब तक कई टूर्नामेंट्स में जीत हासिल की है. आपको ये दिलचस्प लगेगा कि सौरव घोषाल की शादी भी दीपिका की बहन से हुई है जो पेशे से ग्राफ़िक डिज़ायनर हैं.
35 वर्षीय सौरव घोषाल स्क्वैश की दुनिया के कितने कद्दावर खिलाड़ी हैं, ये इस बात से पता चलता है कि इतने लंबे करियर के बाद उन्होंने इस कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के लिए स्क्वैश का पहला इंडीविज़ुअल मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.
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