RCB vs RR : बटलर ने सेंचुरी बनाकर बताया वो ख़राब फॉर्म और दबाव से कैसे बाहर निकले?

जॉस बटलर, ईण

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    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

नॉकआउट मुक़ाबले में रन चेज़ करने का दबाव, ख़ुद की फ़ॉर्म को लेकर बना दबाव और वो कर दिखाने का दबाव जो इससे पहले टीम ने 14 साल पहले किया हो... राजस्थान रॉयल्स के जॉस बटलर के सामने ये सभी दबाव एक साथ काम कर रहे थे लेकिन इस इंग्लिशमैन ने न केवल इनका सामना किया बल्कि एक चैंपियन के अंदाज़ में न केवल इस दबाव से उबरे बल्कि टीम को जीत दिलाई और अब राजस्थान 2008 के बाद पहली बार आईपीएल का फ़ाइनल खेलेगा.

तीन शतक और तीन अर्धशतक के साथ 566 रन बना चुके बटलर के बल्ले से अगली पांच पारियों में महज़ 22, 30, 7, 2, 2 (कुल 63) रन ही निकले तो ये दिग्गज बल्लेबाज़ भी दबाव महसूस करने लगा.

हालांकि जब टीम को उनके बल्ले से रन की सबसे अधिक ज़रूरत पड़ी तो एक बार फिर बटलर का बल्ला गरजा और पहले क्वालिफ़ायर में 89 रन (56 गेंद) तो शुक्रवार को खेले गए दूसरे क्वालिफ़ायर में 106 रन (60 गेंद) बना डाले.

फिर वो वक़्त आया जब इस दिग्गज बल्लेबाज़ ने बताया कि वो दबाव में थे और ये भी बताया कि कैसे उससे उबरे.

मैच के बाद बटलर बोले, "मैं इस सीज़न में बहुत कम उम्मीदों.. लेकिन पूरी ऊर्जा के साथ आया था. ये सीज़न मेरे लिए दो हिस्सों में रहा जिसके बीच में मैं दबाव महसूस कर रहा था. और क़रीब एक हफ़्ते पहले मैंने इसके बारे में उन लोगों से बात की जो बहुत क़रीबी हैं. इससे मुझे मदद मिली और मैं दिमाग़ पर बग़ैर किसी दबाव के कोलकाता गया. कभी कभार ये मेरे लिए काम नहीं करता और कभी मेरे अंदर का युवा एक शॉट लगा देता है और मैं इससे बाहर आ जाता हूं. और ये कुछ ऐसा है जो संगा (संगाकारा) कहते रहे हैं कि मुझे देर तक पिच पर टिकना होगा. वे कहते हैं कि देर तक पिच पर रहूंगा तो मैं ख़ुद को रास्ता निकालने का मौका दे सकूंगा. मैं टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट के फ़ाइनल में खेलने का मौका पाकर बहुत उत्साहित हूं."

निश्चित रूप से बटलर को उनकी इस पारी में बैंगलोर की औसत गेंदबाज़ी और कैच छूटने से मिले जीवनदान का भी बहुत लाभ मिला. लेकिन वे शुरुआत से ही अलग अंदाज़ में खेल रहे थे मानो ये मैच जीतना उनके लिए ख़ुद को साबित करने जैसा हो.

जॉस बटलर

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बटलर ने छुआ 800 रन का आंकड़ा, विराट-वॉर्नर आगे

23 गेंदों पर अर्धशतक और फिर 59 गेंदों पर शतक बना कर जॉस बटलर ने इस आईपीएल में अपने कुल रनों का पहाड़ 824 के आंकड़े तक पहुंचा दिया और इस दौरान माइक हसी के 733 रन (2013), क्रिस गेल के 733 रन (2012), केन विलियम्सन के 735 रन (2018) के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया.

आईपीएल के इतिहास में किसी एक टूर्नामेंट में सबसे अधिक स्कोर बनाने के अब केवल दो रिकॉर्ड बटलर के 824 रन से आगे रह गए हैं. 2016 में डेविड वॉर्नर ने 848 रन तो विराट कोहली ने 973 रन बनाए थे.

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यह आईपीएल में बटलर का पांचवां शतक है. अब वो सबसे अधिक शतक के मामले में विराट कोहली के साथ दूसरे पायदान पर आ गए हैं. आईपीएल में सर्वाधिक छह शतकों का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम दर्ज है.

मैच के बाद राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा ने बटलर के बारे में कहा कि वो मैच के दौरान अचानक ही गियर बदलने की काबिलियत रखते हैं, क्रिकेट की बहुत गहराई तक समझ रखते हैं, सोचते हैं और उन्हें अपनी ताक़त का पूरा अंदाज़ा है.

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प्रसिद्ध कृष्णा: आख़िरी ओवर में तीन छक्के खाने से तीन अहम विकेट लेने तक

संगकारा ने मैच के बाद कहा कि सभी योजनाएं, मेहनत काम आई. गुजरात से मिली हार के बाद यह मुश्किल था लेकिन हमने ज़ोरदार वापसी की है.

संगकारा ने पूरी बॉलिंग यूनिट की तारीफ़ की. ख़ासतौर पर उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा का नाम लिया और बोले, "हमें पिछले मैच में आखिरी ओवर में 16 रन बचाने थे, लेकिन मिलर ने तीन छक्के लगाए. इससे किसी भी गेंदबाज़ के आत्मविश्वास को बड़ा झटका लग सकता है लेकिन वे ईमानदार रहे और नेट्स में शानदार थे."

कृष्णा ने मैच में चार ओवरों में केवल 22 रन दिए और विराट कोहली, दिनेश कार्तिक, वानिंदु हसरंगा का विकेट लिए. उनकी 24 में से 17 गेंदों पर कोई रन नहीं बने.

प्रसिद्ध कृष्णा ने इस आईपीएल में विराट कोहली को दो बार आउट किया है. दो मुक़ाबलों में विराट ने कृष्णा की सात गेंदें खेलीं, कोई रन नहीं बना सके और दोनों बार कोहली का विकेट लेकर प्रसिद्ध ने सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा.

बीसीसीआई प्रमुख सौरव गांगुली, सचिव जय शाह स्टेडियम में बैठ कर मैच देख रहे थे लिहाज़ा पाटीदार, प्रसिद्ध कृष्णा जैसे खिलाड़ियों के प्रदर्शन मायने रखते हैं.

19वें ओवर की पहली दो गेंदों पर कार्तिक और हसरंगा का विकेट लेकर कृष्णा ने बैंगलोर का स्कोर 157 से ऊपर नहीं जाने देने में बड़ा किरदार निभाया.

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संगकारा ने बताया- मैकॉय की मां बीमार हैं

संगकारा ने इसके बाद ट्रेंट बोल्ट और ओब्द मैकॉय की भी तारीफ़ की. बोल्ट ने जहां चार ओवरों में केवल 28 रन देकर ख़तरनाक हो रहे ग्लेन मैक्सवेल का विकेट लिया. वहीं मैकॉय ने मैक्सवेल का मुश्किल कैच लपकने के साथ ही डुप्लेसी समेत तीन विकेट लिए और अपने चार ओवरों में केवल 23 रन खर्चे.

संगकारा ने बताया कि मैकॉय की मां बीमार हैं लेकिन उन्होंने मैच पर इसका प्रभाव नहीं पड़ने दिया.

संगकारा बोले, "मैकॉय की मां वेस्टइंडीज़ में बीमार हैं और उन्हें इन सब से जूझना पड़ा फिर भी आज रात उनका ध्यान पूरी तरह मैच पर था, वे लाजवाब थे."

कुमार संगकारा

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इमेज कैप्शन, राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा

संगकारा ने बताया कि हमारे पास कई युवा खिलाड़ी हैं जो बाद में स्टार बनेंगे. हम फिलहाल अनुभव पर ज़ोर दे रहे हैं. हमारे अंतिम एकादश में जाने-माने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की भी अच्छी हिस्सेदारी है.

इसके लिए संगकारा ने (जुबिन भरूच और अन्य) सपोर्ट स्टाफ की सराहना की.

वो बोले जीत यूं ही नहीं मिलती. इसके लिए कड़ी मेहनत, बहुत सारी प्लानिंग और इसे अमलीजामा पहनाने की ज़रूरत होती है.

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बैंगलोर के लिए बुरा क्या और अच्छा क्या?

बैंगलोर की टीम जब हारती है तो उसका प्रदर्शन बहुत बुरा रहता है. ये इस मैच में भी दिखा और इसका पता लीग मैचों के दौरान उसके नेट रन रेट से भी बखूबी चलता है. राजस्थान के ख़िलाफ़ भी बैंगलोर की टीम पहले एक अच्छे स्कोर की और बढ़ती दिख रही थी लेकिन मैक्सवेल, पाटीदार के आउट होने के बाद अंतिम 27 गेंदों पर केवल 27 रन ही बना सकी और फिर मैच 11 गेंद बाकी रहते ही हार गई.

हालांकि इस दौरान रजत पाटीदार ने अर्धशतक बनाया जो पिछले मैच में शतक बना कर टीम को जीत दिला चुके हैं. वे टीम के लिए इस टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खोज साबित हुए हैं और ये इस टीम के लिए सबसे अच्छी बात में से एक है.

हालांकि पाटीदार एलिमिनेटर की तरह यहां अपनी टीम को अकेले दम पर मैच नहीं जिता सके और बैंगलोर के लिए पहली बार आईपीएल की ट्रॉफ़ी हासिल करने का सपना फिलहाल सपना ही बना रह गया.

वैसे इस टूर्नामेंट के प्लेऑफ़ में भले ही वो मुंबई के दिल्ली को हराने की वजह से पहुंचे हों और कप हासिल करने से एक बार फिर महरूम रहे लेकिन इसे सकारात्मक नज़रिए से ऐसे भी देखा जा सकता है कि बीते दो वर्षों में जहां वे एलिमिनेटर से ही बाहर हो रहे थे वहीं इस साल क्वालिफ़ायर-2 तक पहुंचे.

अब फ़ाइनल मैच में 29 मई (रविवार) को राजस्थान का गुजरात से मुक़ाबला होगा.

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