T20 World Cup: मार्श-वॉर्नर की जोड़ी ने दिलाया ऑस्ट्रेलिया को पहला टी-20 वर्ल्ड कप, न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराया

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, बीबीसी हिंदीडॉटकॉम के लिए
आईसीसी टी-20 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट रविवार को ऑस्ट्रेलिया की न्यूज़ीलैंड पर आठ विकेट से एकतरफ़ा ख़िताबी जीत के साथ समाप्त हो गया. दोनों सेमीफ़ाइनल की तरह फ़ाइनल का नतीजा भी मैच के 19वें ओवर में निकला और टॉस जीतने वाली टीम ही जीती.
लेकिन यह मुक़ाबला दोनों सेमीफ़ाइनल की तरह ना तो साँस रोक देने वाला था और ना ही किसी को इस बात में ज़रा भी संदेह था कि ऑस्ट्रेलिया किसी भी तरह इसे हार सकती है.
इस मुक़ाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी की दावत पाकर न्यूज़ीलैंड ने निर्धारित 20 ओवर में कप्तान केन विलियम्सन के 85 रनों की मदद से चार विकेट खोकर 172 रन बनाए. जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने जीत का लक्ष्य 18.5 ओवर में डेविड वार्नर के 53 और मिचेल मार्श के नाबाद 77 रनों की मदद से केवल दो विकेट खोकर हासिल कर लिया.
18 ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर दो विकेट खोकर 162 रन था और वह जीत से केवल ग्यारह रन दूर था. न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने 19वें ओवर के लिए गेंद टिम साउदी को थमाई जो इससे पहले तीन ओवर में बिना कोई विकेट लिए 32 रन ख़र्च कर चुके थे.
साउदी के सामने ज़बरदस्त और तूफ़ानी अंदाज़ में बल्लेबाज़ी कर रहे ऑस्ट्रेलिया के मिचेल मार्श थे. मार्श ने साउदी की पहली ही गेंद को लोंग ऑफ बाउंड्री लाइन के बाहर चार रनों के लिए भेजकर डग आउट में बैठे अपने साथी खिलाड़ियों को एक तरह से संदेश दे दिया कि वह जीत का जश्न मनाने को तैयार रहे.
दूसरी गेंद पर मार्श ने एक रन बनाया. तीसरी गेंद पर मार्श का साथ दे रहे ग्लेन मैक्सवैल ने भी एक रन लिया. चौंथी गेंद पर एक बार फ़िर मार्श ने लॉग ऑफ में गेंद को पहुँचाकर एक रन लिया लेकिन पाँचवीं गेंद पर स्ट्राइक लेने वाले मैक्सवैल जीत के लिए और इंतज़ार नहीं कर सकते थे और उन्होंने चौका लगाकर मैच और ख़िताब ऑस्ट्रेलिया को दिला दिया.
इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार टी -20 विश्व कप का कोई ख़िताब अपने नाम किया. इसे इत्तफ़ाक़ ही कहा जा सकता है कि अगर न्यूज़ीलैंड जीतती तो वह भी पहली बार चैंपियन बनती लेकिन वह ऐसा नहीं कर सकी और उसे उपविजेता रहकर ही संतोष करना पड़ा.
मैक्सवैल 18 गेंदों पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 28 और मिचेल मार्श 50 गेंदों पर छह चौके और चार ज़ोरदार छक्को के सहारे 77 रन बनाकर नाबाद रहे.

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जीत के जश्न में डूबे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी
जैसे ही ग्लेन मैक्सवैल ने टिम साउदी की गेंद पर खिताबी विजयी चौका लगाया वैसे ही डगआउट में बैठे ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टॉफ और मैदान में मौजूद खिलाड़ियों के परिवार वालों और समर्थकों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई.
सभी खिलाड़ी मैदान में दौड़ पड़े और उन्होंने हवा में बैट लहरा कर दर्शकों का अभिवादन कर रहे मिचेल मार्श और मैक्सवैल को गले लगा लिया.
दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ बॉल से छेड़खानी के आरोप में डेविड वॉर्नर और स्टीव स्मिथ पर लगे एक साल के प्रतिबंध की कड़वी यादें भी उनका पीछा कर रही थी. कौन जानता था कि आईपीएल की ख़राब फ़ॉर्म के साथ विश्व कप में खेलने वाले डेविड वार्नर टीम को चैंपियन बनाने में इतनी मदद करेंगे.

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ऑस्ट्रेलिया की पारी
जीत की तलाश में 173 रनों के लक्ष्य को सामने रखकर मैदान में उतरी ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरूआत वार्नर और कप्तान ऐरॉन फ़िंच ने, जबकि न्यूज़ीलैंड की गेंदबाज़ी की शुरूआत ट्रेंट बोल्ट ने की.
बोल्ट के पहले ओवर में केवल एक रन बना. दूसरा ओवर लेकर टिम साउदी आए और वॉर्नर ने उनकी दूसरी और तीसरी गेंद पर लगातार दो चौके जड़कर दिखा दिया कि जिस तरह उन्होंने सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तान के ख़िलाफ ज़ोरदार 49 रन बनाए थे ठीक वैसा ही वह फ़ाइनल में खेलने वाले है.
वॉर्नर ने तो इसके बाद अपनी लय पकड़ ली लेकिन उनका साथ दे रहे कप्तान ऐरॉन फ़िंच केवल पाँच रन बनाकर ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर डेरेल मिचेल को कैच दे बैठे. तब तक ऑस्ट्रेलिया के खाते में 15 रन जुड़े थे.
उनकी जगह मिचेल मार्श ने ली. मिचेल मार्श ने विकेट पर आते ही तूफ़ानी बल्लेबाज़ी शुरू कर दी. उन्होंने मिल्न के ओवर में जो पारी का चौथा ओवर कर रहे थे उसकी पहली ही गेंद पर डीप स्कॉयर लैग पर छक्का मारा. मिल्न अपने पहले ओवर की पहली ही गेंद का यह हश्र देखकर हैरान थे तो मार्श अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाकर जैसे जोश से भर गए.
इसके बाद उन्होंने लगातार दो चौके लगाकर बता दिया कि वह अब किसी के रोके रुकने वाले नहीं है. चार ओवर के बाद ही ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक विकेट खोकर तीस रन था. इसके बाद साउदी के अगले ओवर में वार्नर ने मिडविकेट पर छक्का लगाकर दिखाया कि अब विकेट में कुछ नहीं है, हांलाकि गेंद थोड़ा रूककर आ रही थी. पॉवर प्ले यानि छह ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक विकेट खोकर 43 रन था.

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दस ओवर के बाद का खेल
10 ओवर के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर एक विकेट खोकर 82 रन था. यहां से मैच न्यूज़ीलैंड के हाथों से फिसलना शुरू हो गया था. डेविड वॉर्नर और मिचेल मार्श तेज़ी से रन बना रहे थे और न्यूज़ीलैंड का हर गेंदबाज़ महँगा साबित हो रहा था. ग्याहरवें ओवर में नीशम गेंद लेकर आए जिनकी पहली ही गेंद पर मार्श ने छक्का लगाकर उनका जोश ठंडा कर दिया.
इसी ओवर की चौथी गेंद पर वॉर्नर ने भी लॉग ऑन पर छक्का मारा और साथ ही अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया. आख़िरकार वार्नर ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर बोल्ड होकर वापस डगआउट में लौटे.
उन्होंने केवल 38 गेंदों पर चार चौके और तीन छक्को की मदद से 53 रन बनाए. उनकी जगह ग्लेन मैक्सवैल ने ली. वॉर्नर और मिचेल मार्श के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी हुई. ऑस्ट्रेलिया का यह दूसरा विकेट 107 रन के योग पर गिरा.
इसके बाद न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ बस मिचेल मार्श और मैक्सवैल के बल्ले से निकलते रनों के बहाव को देखते रहे और देखते रहे कि मैच कैसे ऑस्ट्रेलिया की झोली में जा रहा है.
मैक्सवैल ने भी मिल्न के ओवर में लगातार दो चौके लगाकर अपने हाथ खोले. इससे पहले मार्श स्पिनर ईश सोढी की गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे. उनका अर्धशतक केवल 31 गेंदों पर बना जो टी-20 विश्व कप के फ़ाइनल में सबसे कम गेंदों पर बना.
उनसे पहले इसी विश्व कप में उन्हीं की टीम के ख़िलाफ इसी मैच में न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने 32 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया था. मार्श ने एक तरह से नहले पर दहला मारा.

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16वें ओवर में शामत आई टिम साउदी की जिनकी पहली गेंद पर मैक्सवेल ने चौका और दूसरी वाइड गेंद के बाद अगली गेंद पर बैकवर्ड स्कॉयर लैग पर छक्का जड़ा. इस तरह से न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ों पर प्रहार करते करते इस जोड़ी ने 18.5 ओवर में न्यूज़ीलैंड को आठ विकेट से जीत दिला दी.
मिचेल मार्श 77 और मैक्सवैल 28 रन बनाकर नाबाद रहे.
न्यूज़ीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट लिए जबकि टिम साउदी और ईश सोढी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों का निशाना बने. टिम साउदी ने 3.4 ओवर में बिना कोई विकेट लिए 43 और ईश सोढी ने चार ओवर में 40 रन दिए. एडम मिल्न ने भी चार ओवर में 30 रन खर्चे.
इससे पहले न्यूज़ीलैंड की पारी
इस फ़ाइनल मुक़ाबले में टॉस ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ऐरॉन फ़िंच ने जीता और उम्मीद के अनुरूप फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया. न्यूज़ीलैंड के सलामी बल्लेबाज़ मार्टिन गप्टिल ने 35 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 28 और उनके जोड़ीदार डेरेल मिचेल ने 8 गेंदों पर ग्यारह रन बनाए.
ज़ाहिर सी बात है कि यह दोनों बल्लेबाज़ तेज़ गति से रन नहीं बना सके. गप्टिल एडम ज़ैम्पा की गेंद पर स्टोइनिस के हाथों कैच हुए तो डेरेल मिचेल हैज़लवुड की गेंद पर वेड के हाथों लपके गए. हांलाकि इसके बाद कप्तान केन विलियम्सन ने केवल 48 गेंदों पर दस चौके और तीन छक्के लगाते हुए 85 रन बनाए लेकिन शुरुआती सुस्त रफ़्तार से की गई बल्लेबाज़ी टीम पर भारी पड़ी.
विलियम्सन हैज़लवुड की गेंद पर स्टीव स्मिथ के हाथों लपके गए. केन विलियम्सन के अलावा ग्लेन फ़िलिप्स ने 17 गेंदों पर 18 और जेम्स नीशम ने सात गेंदों पर नाबाद 13 रन बनाए. फ़िलिप्स भी हैज़लवुड का शिकार बने जबकि सैफर्ट 8 रन बनाकर नाबाद रहे.
ऑस्ट्रेलिया के हैज़लवुड ने पूरे जोश के साथ गेंदबाज़ी करते हुए चार ओवर में केवल 16 रन देकर तीन विकेट झटके. उनके अलावा स्पिनर एडम जैम्पा ने भी कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए चार ओवर में 26 रन देकर एक विकेट हासिल किया. मिचेल स्टार्क बेहद महँगे साबित हुए. उन्होंने चार ओवर में बिना किसी विकेट के 60 रन दिए. मैक्सवैल ने तीन ओवर में 28 और पेट कमिंस ने चार ओवर में 27 रन खर्चे.

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किसने क्या कहा?
मैच, फ़ाइनल और खिताबी जीत हासिल करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ऐरॉन फ़िंच ने कहा कि यह बहुत बड़ी जीत है और ऐसा करने वाली यह पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम है जिस पर उन्हें गर्व है.
उन्होनें कहा, "हमारी टीम ने कुछ व्यक्तिगत और कुछ सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया. मिचेल मार्श ने अविश्वसनीय अंदाज़ में अपनी पारी की शुरूआत की और डेविड वार्नर ने दिखाया कि वह क्या कर सकते है."
न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन ने कहा कि कुछ साझेदारियों के दम पर टीम ने मुक़ाबले वाला स्कोर बनाया लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इसे आसानी से हासिल कर लिया.
उन्होंने कहा, "हमने जीत के लिए हर मुमकिन कोशिश की लेकिन उन्होंने हमें रत्ती भर मौक़ा नहीं दिया. जीत का पूरा श्रेय ऑस्ट्रेलिया को जाता है."
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने डेविड वॉर्नर ने कहा, "अभ्यास मैचों में अच्छा न करने के बाद मैं बुनियादी चीजों पर गया. सख़्त और सिंथेटिक विकेट पर कुछ गेंदों पर हिट लगाने की कोशिश की. कोचिंग स्टॉफ, शानदार टीम और घरवालों का पूरा सहयोग मिला. जिस तरह से टीम ने जीत हासिल की उसे देखना अच्छा लगा. "
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