टी20 वर्ल्डकप फाइनल: न्यूज़ीलैंड को 8 विकेटर से हराकर ऑस्ट्रेलिया बना टी-20 का शहंशाह

दुबई इंटरनेशनल में खेले गए एक रोमांचक मुक़ाबले में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूज़ीलैंड को आठ विकेट से हराकर टी-20 वर्ल्ड कप का ख़िताब जीत लिया है.

14 साल के टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के नाम यह पहला टी-20 वर्ल्ड कप है. न्यूज़ीलैंड एक बार फिर वर्ल्ड कप का फ़ाइनल नहीं जीत सकी.

न्यूज़ीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में चार विकेट के नुक़सान पर 172 रन बनाए थे. ऑस्ट्रेलिया ने ये लक्ष्य दो विकेट खोकर 19वें ओवर में ही हासिल कर लिया.

ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही और एरॉन फिंच सिर्फ़ 5 रन बनाकर आउट हो गए.

लेकिन इसके बाद आए मिशेल मार्श ने ओपनर डेविड वॉर्नर के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 92 रनों की साझेदारी की.

वॉर्नर जब 38 गेंदों में 53 रन बनाकर 107 रन के स्कोर पर आउट हुए तब तक मैच ऑस्ट्रेलिया की झोली में आ चुका था.

मिशेल मार्श 77 रन बनाकर नाबाद रहे. ग्लेन मैक्सवेल 18 गेंदों में 28 रन बनाकर नाबाद रहे.

शानदार रही थी न्यूज़ीलैंड की शुरुआत

न्यूज़ीलैंड की ओर से धमाकेदार बल्लेबाज़ी करते हुए कप्तान केन विलियमसन ने 47 गेंदों में 85 रन बनाए. वह भी मिशेल की तरह हेज़लवुड की बॉल पर आउट हुए.

इसके बाद मार्टिन गुप्टिल ने 35 गेंदों पर 28 रन बनाए. डेरिल मिशेल ने 8 गेंदों पर 11 रन बनाए. ग्लेन फिलिप्स ने 17 गेंदों पर 18 रन बनाए.

इस पारी में ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे ज़्यादा 3 विकेट जॉश हेज़लवुड ने लिए. उन्होंने मिशेल, विलियमसन और फिलिप्स को पवेलियन पहुंचाया.

टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर न्यूज़ीलैंड को पहले बल्लेबाज़ी करने के लिए कहा था.

दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम साढ़े सात बजे शुरू हुए इस मुकाबले पर सबकी नज़रें थीं.

क्योंकि जहां एक ओर पांच बार की वनडे वर्ल्डकप विनर ऑस्ट्रेलिया है. वहीं, दूसरी ओर सबको चौंकाते हुए फाइनल तक पहुंचने वाली न्यूज़ीलैंड की टीम है.

बताया जा रहा है कि इस वर्ल्डकप टीम में जो टीम टॉस जीतती है, उसकी जीतने की उम्मीद काफ़ी हद तक बढ़ जाती है.

फ़ाइनल मुक़ाबले में भी यही हुआ. एक समय चुनौतीपूर्ण लग रहा 173 का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से हासिल कर लिया.

कितना तगड़ा रहा मुकाबला

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दोनों ही टीमों ने सेमीफाइनल में आईसीसी रैंकिंग की शीर्ष दो टीमों को हराया है.

लेकिन फ़ाइनल में न्यूज़ीलैंड अच्छा स्कोर बनाने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को नहीं रोक सकी. 173 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया ने 2 विकेट खोकर 19वें ओवर में आसानी से हासिल कर लिया.

क्रिकेट विशेषज्ञ मनोज चतुर्वेदी ने बीबीसी हिंदी में छपे अपने लेख में कहा था, "दोनों के जीतने का अंदाज़ भी करीब एक सा रहा है. उन्होंने अतिंम ओवर्स में तेज़ी से रन बनाने की क्षमता की वजह से ही मैच जीते हैं.

अबु धाबी में खेले गए पहले सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड को इंग्लैंड पर जीत पाने के लिए आख़िरी चार ओवरों में 57 रन की जरूरत थी. पर जिमी नीशम ने 11 गेंदों में 27 रन बनाकर और डेरिल मिशेल ने 19वें ओवर में छक्का लगाकर जीत दिलाई थी.

जिमी नीशम के लिए यह खुद पर गर्व करने वाला प्रदर्शन था. वह 2019 के विश्व कप फाइनल में आख़िरी ओवर में क्रीज़ पर थे और अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके थे. इससे पहले 2017 में वह डिप्रेशन की समस्या से जूझने की वजह से क्रिकेट छोड़ने तक का मन बना रहे थे. लेकिन अब वह टीम के हीरो बन गए हैं.

इसी तरह ऑस्ट्रेलिया को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आख़िरी चार ओवर में 50 रनों की ज़रूरत थी. इस समय तक जिस तरह का खेल चल रहा था, उसमें पाकिस्तान के जीतने की संभावना ज्यादा थी.

लेकिन मैथ्यू वेड और स्टोयनिश ने आक्रामक प्रदर्शन से एक ओवर बाक़ी रहते जीत हासिल कर ली. वेड ने पाकिस्तान के तूफानी गेंदबाज़ शाहीन शाह आफ़रीदी के 19वें ओवर में लगातार तीन छक्के लगाकर मैच को पाकिस्तान के जबड़े से छीन लिया."

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