मनिका बत्रा का कोच पर 'मैच फ़िक्सिंग की कोशिश' का आरोप, पूरा मामला क्या है?

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- Author, सूर्यांशी पांडेय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय टेबल टेनिस की खिलाड़ी मनिका बत्रा ने टीम के राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय पर ओलंपिक क्वालिफ़ाइंग मुक़ाबलों के दौरान मैच फिक्सिंग की कोशिश का आरोप लगाया है.
इन आरोपों के बाद भारतीय टेबल टेनिस महासंघ ने सौम्यदीप रॉय को अपना पक्ष रखने को कहा है.
भारतीय टेबल टेनिस संघ के महासचिव अरुण बनर्जी ने इस बारे में बीबीसी से कहा, "मनिका बत्रा ने आरोप लगाए हैं, लेकिन उन्हें मैच फिक्सिंग नहीं कहा जा सकता है."
उन्होंने कहा, "हमने मनिका बत्रा के आरोपों पर राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय से जवाब मांगा है. उनका जवाब दो-तीन दिन में आ जाना चाहिए. हालांकि मामला चाहे जो हो इसको मैच फ़िक्सिंग किसी भी लिहाज़ से नहीं कहा जा सकता है. हालाँकि हमें सौम्यदीप के जवाब का इंतज़ार है.''
दरअसल टोक्यो ओलंपिक के दौरान टेबिल टेनिस मुक़ाबलों के तीसरे राउंड तक पहुंचने वाली मनिका बत्रा ने टीम के कोच सौम्यदीप रॉय से मदद लेने से इनकार कर दिया था.
इस कारण भारतीय टेबल टेनिस महासंघ ने बीते 20 अगस्त को मनिका को कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

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मनिका ने अपने जवाब में क्या-क्या लिखा?
मनिका बत्रा ने इस नोटिस के जवाब में पांच पन्नों का जवाब भेजा जिसमें उन्होंने भारतीय टेबल टेनिस के राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय पर ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स में मैच फ़िक्सिंग का आरोप लगाया.
मनिका ने अपने जवाब में लिखा, "मुझसे महिला एकल मुक़ाबला शुरू होने से थोड़ी देर पहले राष्ट्रीय कोच ने पूछा कि क्या मेरे निजी कोच को मेरे साथ बैठने की अनुमति मिली. मैंने उन्हें बताया कि मेरे कोच को अनुमति नहीं मिली."
मनिका के मुताबिक़, "मैच शुरू होने से कुछ ही समय पहले उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या वो मेरे साथ बैठ सकते हैं."
मनिका बत्रा ने सौम्यदीप रॉय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "राष्ट्रीय कोच ने मार्च 2021 में दोहा में क्वालिफ़ायर में मुझ पर दबाव बनाया कि मैं अपना एक मैच उनकी खिलाड़ी से हार जाऊं ताकि उन्हें क्वालिफ़ाई करने में मदद मिले. संक्षिप्त में बताऊं तो उन्होंने मुझे मैच फ़िक्स करने को कहा."
इन आरोपों पर बीबीसी ने सौम्यदीप रॉय से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन ख़बर लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है.
माना जा रहा है कि वे अपना पक्ष सबसे पहले टेबल टेनिस महासंघ के सामने ही रखेंगे.
वहीं, भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के महासचिव अरुण कुमार बनर्जी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत में यह भी कहा कि मनिका ने जो आरोप लगाया है वो बात मार्च महीने की है और ओलंपिक अभी हाल ही में हुआ है.
अरुण बनर्जी का कहना है कि मनिका को इस बात की जानकारी पहले देनी चाहिए थी और महासंघ को तुरंत इस बारे में सूचित करना चाहिए था.

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पूरा मामला क्या है?
टोक्यो ओलंपिक के दौरान भारतीय टेबल टेनिस फ़ेडरेशन ने राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय को भारत की टेबल टेनिस टीम के साथ बतौर मुख्य कोच भेजा था.
हालाँकि मनिका बत्रा ने अपने निजी कोच को भी अपने साथ टोक्यो ले जाने की अनुमति माँगी थी.
इस बारे में अरुण कुमार बनर्जी ने बीबीसी को बताया कि उनकी मांग पर ग़ौर करते हुए टेबल टेनिस महासंघ ने भारत सरकार को पत्र लिखा था.
इसके बाद मनिका को अपने निजी कोच सनमय परांजपे को ले जाने की अनुमति मिल भी गई थी.
मनिका बत्रा ने टोक्यो ओलंपिक में टेबल टेनिस के मिक्स डबल्स और महिला एकल मुक़ाबलों में हिस्सा लिया था.
मिक्स डबल्स में अचंत शरत के साथ वह पहले ही राउंड में हार गई थीं और महिला एकल मुक़ाबले में वह तीसरे राउंड तक पहुंचने वाली भारत की पहली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी बनीं.

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अपने कोच के मौजूद न होने का मलाल
हालांकि, उनको मलाल रहा कि खेल के दौरान उनके पास उनके कोच नहीं बैठे थे. उन्होंने एक हिंदी चैनल को इंटरव्यू देते हुए इस बात का ज़िक्र किया था कि जब वो खेल रही थीं तब उनके पास कोई कोच नहीं था.
ओलंपिक में फील्ड ऑफ प्ले यानी जहां खिलाड़ी मुक़ाबला खेलते हैं वहां जाने के लिए एक्रेडिशन लेना अनिवार्य होता है.
इसलिए मनिका बत्रा के निजी कोच को 'एक्स्ट्रा अधिकारियों' की श्रेणी के आधार पर टोक्यो जाने की अनुमति तो थी लेकिन 'पी' कैटेगरी में आने और एफओपी (फील्ड ऑफ़ प्ले) का एक्रेडिशन न मिल पाने के कारण उनका कुछ जगहों पर जाना वर्जित था.
वहीं, सौम्यदीप राष्ट्रीय कोच होने के कारण 'पी-टैप' (पर्सनल- ट्रेनिंग असिस्ट प्रोग्राम) कैटेगरी के थे और उनके पास फ़ील्ड प्ले ऑफ़ में जाने का एक्रेडिशन था.
मनिका बत्रा ने टेबल टेनिस एकल मुक़ाबले से पहले निजी कोच सनमय परांजपे को अपने साथ रहने के लिए टोक्यो ओलंपिक की प्रबंधक समिति से अनुमति मांगी थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली.
उसी समय टेबल टेनिस महासंघ के कहने पर राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय ने मनिका बत्रा की मदद करने के लिए अपना प्रस्ताव रखा लेकिन मनिका बत्रा ने उनकी मदद लेने से इंकार कर दिया था.
सौम्यदीप रॉय ने 2006 के राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया था (पुरुष टीम) और बाद में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किए गए.
वो पिछले चार साल से भारतीय टेबल टेनिस के राष्ट्रीय कोच हैं. साल 2017 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में बतौर कोच उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी और विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में पहली बार भारत की महिला डबल्स टीम (मौमा दास और मनिका बत्रा) को क्वॉर्टर फ़ाइनल तक पहुँचाया था.
वहीं, मनिका बत्रा को टेबल टेनिस में शानदार प्रदर्शन के बाद साल 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया गया था.
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