रविचंद्रन अश्विन: 413 विकेट लेने वाले को आख़िर इंग्लैंड में एक भी टेस्ट मैच नसीब क्यों नहीं?

रविचंद्रन अश्विन, क्रिकेट

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'यह पागलपन है.' 'मुझे यक़ीन ही नहीं हो रहा.' 'बड़ा अजीब फ़ैसला है.' भारत और रविचंद्रन अश्विन के साथ ये हो क्या रहा है?

ये कमेंट दुनिया के पूर्व क्रिकेटरों के हैं. उनकी ऐसी प्रतिक्रिया की वाजिब वजह भी है.

टेस्ट रैंकिंग में दूसरे नंबर पर मौजूद और भारत के अब तक के चौथे सबसे सफल गेंदबाज़ ऑफ़ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चौथे टेस्ट मैच में फिर से अंतिम 11 खिलाड़ियों में शामिल नहीं किया गया.

34 वर्षीय अश्विन अब तक टेस्ट क्रिकेट में 413 विकेट ले चुके हैं. इतिहास में उनसे ज़्यादा टेस्ट विकेट केवल 14 खिलाड़ियों ने ही लिए हैं. इसके बावज़ूद इंग्लैंड दौरे के चार टेस्ट मैचों में से एक में भी उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला.

ये वही शख़्स हैं जिन्होंने मुश्किल से छह महीने पहले अपने भारत में इंग्लैंड को 3-1 से हराने में अहम योगदान दिया था. उस दौरान सिरीज़ में 14.71 की औसत से उन्होंने 32 विकेट लिए थे.

पूर्व क्रिकेटरों की प्रतिक्रियाएं

बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर लिखा कि अश्विन को न खिलाने के फ़ैसले से ''मैं चौंक गया हूं."

"इंग्लैंड में इतिहास में हुए चार टेस्ट मैचों की यह अब तक की सबसे बड़ी छंटनी है. उस खिलाड़ी की जिसने टेस्ट मैचों में 413 विकेट लेने के साथ 5 शतक भी लगाए हों. ये पागलपन है."

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इस बारे में, इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर फ़िल टफ़नेल ने कहा, "मुझे इस पर यक़ीन ही नहीं हो रहा है. आप दुनिया के दूसरे नंबर के गेंदबाज़ को चार टेस्ट मैचों में हाफ़ पैंट और एक कप चाय के साथ कैसे बैठा सकते हैं?

"वो कैसी भी परिस्थिति में, किसी भी टेस्ट टीम में शामिल हो सकते हैं."

भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा, "ओवल स्पिनरों की मदद करता है. इसमें किसी भी तरह से रविचंद्रन अश्विन को खेलना चाहिए था."

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज़ मार्क रामप्रकाश ने कहा, "अश्विन के पास ज़रूरी एक्स-फ़ैक्टर है."

इस बारे में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज़ एबोनी रेनफ़र्ड-ब्रेंट ने उनका चयन न करने को 'अजीब' फ़ैसला क़रार दिया.

यहां तक ​​कि आस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ियों ने भी इस मसले पर अपनी राय रखी. ट्विटर पर माइकल वॉन के ​ट्वीट के जवाब में मार्क वॉ ने लिखा, ''आपको हैरानी होगी यदि भारतीय थिंक टैंक के पास इसका कोई सुराग हो.''

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Ravichandran Ashwin

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भारत ने अश्विन को बाहर क्यों बिठाया?

क्या इसलिए कि भारत के पास गेंदबाज़ बहुत ज़्यादा हैं और अश्विन बल्लेबाज़ी नहीं कर सकते?

लेकिन इस पर फिर से सोचना होगा. अश्विन के नाम टेस्ट में पांच शतक हैं. इसमें से एक शतक तो इस साल के शुरू में उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लगाया था. असल में, इंग्लैंड के केवल दो खिलाड़ियों जो रूट और जॉनी बेयरस्टो ने ही अश्विन से ज़्यादा रन बनाए हैं.

हालांकि यह सच है कि अश्विन, इंग्लैंड की बजाय भारत की परिस्थितियों में अधिक प्रभावी हैं. उन्होंने इस साल जून में साउथैम्प्टन में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ खेले गए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फ़ाइनल में 45 रन देकर 4 विकेट लिए थे. 2016 से एशिया के बाहर 28.08 का उनका औसत पूरी दुनिया के सभी स्पिनरों में सबसे बढ़िया है.

पिछले महीने समरसेट के ख़िलाफ़ ओवल में खेले गए काउंटी मैच में अश्विन ने सरे के लिए 27 रनों पर 6 विकेट लिए थे. ऐसे में उनका टीम से बाहर रहना हैरत में डालता है.

कुछ साल पहले इस मैदान पर कई स्पिन गेंदबाज़ों ने शानदार प्रदर्शन किया. बात चाहे 1998 में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के 65 रन पर नौ विकेट लेने की हो या 1997 में फ़िल टफ़नेल के बेहतरीन प्रदर्शन के बूते ऑस्ट्रेलिया को 104 रन पर आउट कर इंग्लैंड के जीत हासिल करने की हो.

हाल का इतिहास भी यही बताता है कि धीमी गति से फेंकने वाले अब भी इस पिच पर फ़ायदा उठाते हैं.

आईसीसी वर्ल्ड चैम्पियनशिप में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच के दौरान अश्विन

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टीएमएस के डेटा विशेषज्ञ एंडी ज़ाल्ज़मैन ने बताया, "2015 के बाद से ओवल में खेले गए पांच टेस्ट मैचों में, तेज़ गेंदबाज़ों ने 31.07 की औसत से 123 विकेट लिए. इनका स्ट्राइक रेट हर 60 गेंद पर एक विकेट का रहा. हालांकि स्पिनरों ने केवल 29.01 की औसत और 51 के स्ट्राइक रेट से यहां 50 विकेट ​लिए."

तो क्या कोई दूसरी वजह है?

माइकल वॉन ने कहा, "जब इस गुणवत्ता, अनुभव और समझदारी वाले खिलाड़ी को कोई टीम पांच मैचों की सिरीज़ के चार मैचों में टीम में शामिल नहीं करती, तो आप यह सोच सकते हैं कि शायद आपसी रिश्तों में कोई समस्या हो सकती है."

"ये भी हो सकता है कि कप्तान और रविचंद्रन अश्विन एक-दूसरे से नज़रें न मिला रहे हों. बाकी तो केवल बहाना है."

टॉस के दौरान भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि इंग्लैंड की टीम में बाएं हाथ के चार बल्लेबाज़ों का होना बाएं हाथ के हमारे स्पिनर रवींद्र जडेजा के लिए काफ़ी अच्छा है.

मार्क रामप्रकाश ने कहा, ''भारत ने लॉर्ड्स में चार तेज़ गेंदबाज़ों के साथ जीत दर्ज की. वे परिस्थितियों के अनुकूल होने की कोशिश कर रहे हैं और उनके पास चार बेहतर तेज़ गेंदबाज़ हैं."

इसका मतलब यह हुआ कि पांचवां गेंदबाज़ जडेजा और अश्विन में से कोई एक होगा. भारत के लड़खड़ाने पर जब जडेजा को बल्लेबाज़ी के लिए पांचवें नंबर पर प्रमोट किया गया तो इससे ज़ाहिर होता है कि विराट कोहली किनकी बल्लेबाज़ी ज़्यादा पसंद करते हैं.

रामप्रकाश ने कहा, "भारत में आउट करने के चलते अश्विन को इंग्लैंड के कई बल्लेबाज़ों पर स्पष्ट रूप से बढ़त हासिल है."

भारत जून से इंग्लैंड में है. यदि अश्विन ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला, तो आप सोच सकते हैं कि इससे जो रूट और कंपनी खुश होगी.

इस बारे में टॉम मूडी ने ट्वीट में लिखा, ''भारत के अंतिम 11 में आर अश्विन को न देखकर हैरानी हुई. मेरा मानना है कि टीम में तीन तेज़ गेंदबाज़ और दो स्पिनर को खिलाने की पूरी गुंजाइश है.''

इंग्लैंड के समर्थक भी हैरान

आर अश्विन

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हैशटैग #bbccricket पर इंग्लैंड के कई समर्थकों ने अपनी प्रतिक्रिया में अश्विन को बाहर रखने पर हैरानी जताई है.

इस बारे में फ़िल इन चेस्टर ने लिखा, ''क्या कभी पुर्तगाल क्रिस्टियानो रोनाल्डो को बाहर कर सकता है? तो फिर भारत अश्विन को बाहर क्यों करता है?

वहीं कीर नामक एक प्रशंसक ने लिखा, ''पता नहीं अश्विन के साथ ऐसा क्यों हुआ. क्या भारत के चयनकर्ताओं ने उन्हें इस सीज़न में सरे के लिए खेलते नहीं देखा? उनका प्रदर्शन बेहतरीन था. लेकिन इंग्लैंड का सपोर्टर होने के नाते मुझे खुशी है कि वे बाहर बैठे हैं.''

इयान ने तो भारतीय टीम से अश्विन को उधार पर देने की मांग की. उन्होंने लिखा, ''क्या भारत एशेज सीिरीज़ के लिए हमें आर. अश्विन को उधार में दे सकता है? आख़िर वे उनका इस्तेमाल क्यों नहीं करते?

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