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मीराबाई चानू टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने पर बोलीं
भारतीय वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद अपनी ख़ुशी का इजहार करते हुए सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया है. चानू ने कुल 202 किलोग्राम भार उठाकर भारत को सिल्वर मेडल दिलाया.
मीराबाई ने अपनी जीत के बाद कहा है, ''मेरे लिए यह एक सपने का सच होने की तरह है. मैं इस पदक को अपने मुल्क को समर्पित करती हूँ. करोड़ों भारतीयों ने मेरे लिए दुआएं मांगीं और मेरे इस सफ़र में साथ रहे, इसके लिए मैं शुक्रगुज़ार हूँ.''
''मैं अपने परिवार को धन्यवाद देती हूँ और ख़ासकर अपनी माँ को जिन्होंने बहुत त्याग किया और मेरे ऊपर भरोसा रखा. मैं अपनी सरकार, खेल मंत्रालय, आईओए, वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रेलवे, ओजीक्यू, प्रायोजकों और मार्केटिंग एजेंसी आईओएस को समर्थन देने के लिए धन्यवाद देती हूँ.''
''मैं विशेष रूप से अपने कोच विजय शर्मा सर और बाक़ी के स्टाफ़ के प्रति शुक्रगुज़ार हूँ. इन्होंने मेरी जीत में कड़ी मेहनत की है और हमेशा प्रेरणा मिली. एक बार फिर से मेरे देशवासियों को शुक्रिया. जय हिन्द.''
टोक्यो ओलंपिक 2020: सौरभ चौधरी मेडल नहीं मिलने पर क्या बोले?
एक ओर जहां भारत की मीरा बाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक में भारत को पहला मेडल दिला दिया है वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल मेन्स इवेंट में सौरभ चौधरी सातवें स्थान पर रहे.
सौरभ क्वालिफ़ाइंग राउंड में 586 पॉइंट्स के साथ शीर्ष पायदान पर रहे थे. क्वालिफ़ाइंग राउंड में पहला स्थान हासिल कर फ़ाइनल में पहुँचने पर सौरभ से पदक की उम्मीदें जग गई थीं.
19 वर्षीय सौरभ अगर मेडल जीतने में कामयाब होते तो वो ओलंपिक में पदक जीतने वाले पाँचवें भारतीय निशानेबाज होते.
फ़ाइनल में सातवें स्थान पर रहने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमने अपनी तरफ़ से पूरी कोशिश की.
सौरभ ने कहा कि उन्हें किसी तरह का दबाव तो महसूस नहीं हो रहा था लेकिन ये ज़रूर है कि किसी किसी दिन लय होती है और किसी किसी दिन लय नहीं बन पाती.
सौरव ने अपने आगामी इवेंट के संदर्भ में कहा कि मैंने आज तक जिस तरह हर इवेंट के लिए तैयारी की है वैसे ही आगे भी तैयारी जारी रहेगी.
उन्होंने कहा, "यह उनका पहला ओलंपिक है और यहां आने का अनुभव उनके लिए बेहद अच्छा रहा."
फ़ाइनल में सातवें स्थान पर आने पर उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की हताशा नहीं है क्योंकि यह बस अभी शुरुआत है.
इससे पहले राज्यवर्धन सिंह राठौर, अभिनव बिंद्रा, गगन नारंग और विजय कुमार ओलंपिक में पदक ला चुके हैं.
टोक्यो ओलंपिक से पहले सौरभ चौधरी इंटरनेशनल इवेंट्स में कुल मिलाकर 14 गोल्ड और छह सिल्वर मेडल जीत चुके हैं, इसमें आईएसएसएफ़ विश्व चैम्पियनशिप, विश्व कप, यूथ ओलंपिक गेम्स, एशियन एयरगन चैम्पियनशिप और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक शामिल हैं.
सौरव चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ ज़िले के कलिंगा गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता जगमोहन सिंह की अपनी खेतीबाड़ी है. उन्होंने ही सौरव चौधरी की प्रतिभा को पहचाना और आगे बढ़ाया.
सौरव चौधरी ने भी अपने पिता को निराश नहीं किया और एक क़दम आगे बढ़कर ऐसी कामयाबी हासिल की कि ऐसी उपलब्धियां हासिल करने वाले वो भारत के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए.
सौरव चौधरी ने साल 2018 में जूनियर विश्व कप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर तहलका मचा दिया था. उन्होंने जर्मनी में व्यक्तिगत, मिश्रित टीम और टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते.
उन्होंने साल 2019 में दिल्ली में हुए विश्व कप में 245.0 के स्कोर का विश्व रिकॉर्ड बनाया और इसी के साथ टोक्यो ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया.
सौरव ने शुरुआती निशानेबाज़ी अपने मेरठ के पास के गांव से 50 किलोमीटर से अधिक दूर बागपत के बनोली गांव में स्थित निशानेबाज़ी ऐकेडमी में सीखी. सौरव चौधरी मनु भाकर के साथ मिलकर भारत को कई स्वर्ण पदक मिश्रित स्पर्धा में दिला चुके हैं.
दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की जोड़ी क्वार्टर फ़ाइनल में हारी
टोक्यो ओलंपिक 2020 के तीरंदाज़ी के मिक्स्ड डबल्स में भारत की दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की जोड़ी क्वार्टर फ़ाइनल में मुक़ाबला हार गई है.
क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की एन सैन और किम जे देओक की जोड़ी ने उन्हें 6-2 से मात दी.
एक सैन और किम जे ने पूरे मैच के दौरान शानदार प्रदर्शन किया. जिसकी वजह से भारतीय जोड़ी को काफी चुनौती मिली. पहले दो सेटों में दक्षिण कोरियाई जोड़ी, भारतीय जोड़ी पर हावी रही.
हालांकि, दीपिका और प्रवीण ने तीसरे सेट में वापसी की और उन्होंने स्कोर को 4-2 तक पहुंचा दिया था. लेकिन चौथे सेट में एन सैन और किम की जोड़ी ने कुल 36 प्वाइंट्स बनाए और मैच अपने नाम कर लिया.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की ख़बर के अनुसार, इससे पहले शनिवार को दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की टीम ने प्री-क्वार्टर फाइनल में लिन चिया-एन और तांग चिह-चुन की चीनी ताइपे जोड़ी को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई थी.
टोक्यो ओलंपिक: भारत की हॉकी में रोमांचक जीत, निशानेबाज़ी में मेडल की उम्मीद
भारत ने टोक्यो ओलंपिक में पुरुष हॉकी मैच में रोमांचक जीत से शुरुआत की है. पूल ए के मुक़ाबले में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 3-2 से हराया.
भारत की जीत में एक ओर जहां हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर पर बनाए दो गोलों की अहम भूमिका रही है वहीं गोलकीपर पी. श्रीजेश के शानदार बचावों के चलते भी टीम अगले दौर में पहुंच सकी है.
भारत ने टोक्यो ओलंपिक में पुरुष हॉकी मैच में रोमांचक जीत से शुरुआत की है. पूल ए के मुक़ाबले में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 3-2 से हराया.
भारत की जीत में एक ओर जहां हरमनप्रीत सिंह के पेनल्टी कॉर्नर पर बनाए दो गोलों की अहम भूमिका रही है वहीं गोलकीपर पी. श्रीजेश के शानदार बचावों के चलते भी टीम अगले दौर में पहुंच सकी है.
मैच के आख़िरी पलों में भी न्यूज़ीलैंड की टीम बराबरी करने की स्थिति में पहुंच गयी थी जब केन रसेल का बायीं ओर से गेंद को गोल में डालने के लिए झन्नाटेदार शाट् लगाया लेकिन पी. श्रीजेश ने लगभग छलांग लगाते हुए गेंद को गोल में जाने से बचाया. इसके कुछ ही सेकेंड बाद उन्होंने एक और बेहतरीन बचाव कर भारत की बढ़त को कायम रखा.
भारत की ओर से मैच का पहला गोल रूपिंदर पाल सिंह ने पेनल्टी स्ट्रोक से किया.
भारतीय हॉकी टीम का अगला मुक़ाबला दुनिया की नंबर एक ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा. ये मुक़ाबला रविवार को भारतीय समय के मुताबिक दोपहर तीन बजे खेला जाएगा. ऑस्ट्रेलिया ने अपने पहले मैच में जापान को 5-3 से हराया है.
ओलंपिक इतिहास की सबसे कामयाब टीम के रूप में भारत का नाम दर्ज है. लेकिन ओलंपिक खेलों में भारत ने 41 साल पहले गोल्ड मेडल जीता था.
वहीं शनिवार को भारतीय महिला टीम भी अपना अभियान शुरू करेगी. नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ भारत की महिला टीम का मुक़ाबला शाम 5.15 बजे से शुरू होगा.
शनिवार की शुरुआत भारतीय निशानेबाज़ों के निराशाजनक प्रदर्शन से हुई. महिलाओं की 10 मीटर एयर रायफ़ल में अपूर्वी चंदेला और इलावेनिल वालारिवान फ़ाइनल राउंड में जगह नहीं बना सकीं. लेकिन 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में भारत के सौरभ चौधरी फ़ाइनल राउंड में पहुंचने में कामयाब रहे हैं.
वहीं तीरंदाज़ी में मिक्स्ड टीम इवेंट में दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की टीम क्वार्टरफ़ाइनल में पहुंची ज़रूर लेकिन दक्षिण कोरियाई टीम के हाथों 2-6 से हार गयीं.
टोक्यो ओलंपिक का पहला गोल्ड मेडल
शनिवार को टोक्यो ओलंपिक के पहले गोल्ड मेडल का फ़ैसला भी हुआ. पहला गोल्ड मेडल चीन की यांग कियान ने 10 मीटर एयर रायफ़ल में नया ओलंपिक रिकॉर्ड बनाकर हासिल किया.
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