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IPL 2020: संजू सैमसन- महेंद्र सिंह धोनी के सबसे क़ाबिल उत्तराधिकारी?
- Author, वात्सल्य राय
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
एक उम्दा पारी कितना कुछ बदल देती है?
संजू सैमसन फिर से उन संभावनाशील विकेट कीपर बल्लेबाज़ों की कतार में आ गए हैं जिनमें क्रिकेट विशेषज्ञ और समीक्षक महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी देखते हैं.
सैमसन मंगलवार की शाम शारजाह के मैदान पर जब चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाज़ों के छक्के छुड़ा रहे थे तब ट्विटर पर पूर्व क्रिकेटर और पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर उन्हें लेकर बाकी दुनिया को बहस की चुनौती दे रहे थे.
गंभीर ने ट्विटर पर लिखा, "संजू सैमसन न सिर्फ़ भारत में सबसे उम्दा विकेटकीपर बल्लेबाज़ हैं बल्कि भारत के सबसे उम्दा युवा बल्लेबाज़ हैं! कोई बहस करेगा?"
छुड़ा दिए छक्के
कोई और दिन होता तो बहस की गुंजाइश निकल भी सकती थी. शारजाह में मंगलवार का दिन तो सैमसन का ही था. 19 गेंद में हाफ सेंचुरी. कुल जमा 32 गेंदों की पारी में 74 रन. एक चौका और नौ लंबे-लंबे छक्के. हालांकि मैच में कुल 33 छक्के लगे लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा सैमसन की हिटिंग की हुई.
गिनती और आंकड़ों से शायद उनकी पारी की धमक की पूरी झलक न मिले तो जान लीजिए कि राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने क्या कहा?
दुनिया के सबसे बेहतर बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले और मंगलवार को शानदार 69 रन बनाने वाले स्मिथ ने मैच के बाद कहा, "मैं सिर्फ़ संजू सैमसन को स्ट्राइक देने में लगा था. सैमसन ने अविश्वसनीय पारी खेली. वो जो भी गेंद हिट कर रहे थे वो छक्के के लिए जा रही थी."
आईपीएल के स्टार
सैमसन की पारी का सबसे बेहतर नज़ारा महेंद्र सिंह धोनी ने ही किया. हालांकि, वो इसका मज़ा शायद ही ले पाए हों. संजू सैमसन ने धोनी के हर 'गेमप्लान' को फेल कर दिया. उनके स्पिनरों को गेंद घुमाना भुला दिया. मैदान पर धोनी भले ही मायूस हुए हों लेकिन मैच के बाद उन्होंने भी सैमसन की तारीफ की.
भारतीय क्रिकेट की 'दीवार' रहे राहुल द्रविड़ से बल्लेबाज़ी के गुर सीखने वाले सैमसन ने आईपीएल में अपनी पावर हिटिंग का नज़ारा पहली बार नहीं कराया है. साल 2017 और 2019 में वो आईपीएल में शतकीय पारी भी खेल चुके हैं. 2019 यानी आईपीएल-12 में उनके बल्ले से 342 रन निकले थे.
'बेहतर हुई पावर हिटिंग'
और शायद रिकॉर्ड बुक के इन्हीं आंकड़ों पर गौर करते हुए गौतम गंभीर ने सैमसन को भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने पर हैरानी भी जाहिर की.
हालांकि, तथ्य ये है कि इसी साल फरवरी में सैमसन न्यूज़ीलैंड दौरे पर भारत की ट्वेंटी-20 टीम का हिस्सा थे. दो फरवरी को खेले उस मैच में वो दो रन बना सके थे. साल 2015 से अब तक उन्होंने भारत के लिए कुल चार ट्वेंटी-20 मैच खेले हैं और 35 रन बनाए हैं.
लेकिन शायद संजू जानते हैं कि अपनी दावेदारी पेश करने का सबसे उम्दा मौका अब है. धोनी संन्यास ले चुके हैं और किसी एक विकेट कीपर बल्लेबाज़ पर उनका उत्तराधिकारी होने की मुहर नहीं लगी है.
संजू सैमसन के मुताबिक वो अपनी फिटनेस डाइट और ट्रेनिंग पर काम कर रहे हैं.
चेन्नई के ख़िलाफ़ मैच में मैन ऑफ द मैच चुने गए संजू सैमसन ने कहा,"मैं समझ चुका हूं कि मेरे खेल में बहुत पावर चाहिए इसलिए मैं उसी मुताबिक ट्रेनिंग कर रहा हूं. मैंने अपनी पावर हिटिंग को कुछ और बेहतर किया है."
धोनी का गुनहगार?
उधर, धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट को भले ही अलविदा कह चुके हैं लेकिन लगता है कि हर मैच जीतने की ज़िद साथ बनी हुई है.
217 रन के पीछा कर रही धोनी की टीम 16 रन से हार गई. लेकिन धोनी की मानें तो ये हार सिर्फ़ उनके उन दो गेंदबाज़ों की ग़लती है, जिन्होंने मैच में नो बॉल फेंकी.
आखिरी ओवर में एनगिडी ने दो नो बॉल डालीं, जिन पर राजस्थान रॉयल्स को 14 रन मिले. हर नो बॉल के बाद बल्लेबाज़ को फ्री हिट का मौका भी मिला. इस ओवर में जोफ़्रा आर्चर ने चार छक्के मारे और राजस्थान ने कुल 30 रन बटोरे. इसके पहले एक नो बॉल पीयूष चावला ने डाली थी. ये दोनों चेन्नई के सबसे महंगे गेंदबाज़ साबित हुए.
धोनी ने मैच के बाद इसे लेकर ही शिकायत की. उन्होंने कहा, "हम नो बॉल पर काबू कर सकते थे. अगर हमने नो बॉल नहीं डाली होती तो हमें 200 रन की चुनौती मिलती और ये एक अच्छा मुक़ाबला होता. "
चेन्नई की टीम 20 ओवरों में छह विकेट पर 200 रन बनाने में कामयाब रही.
नंबर 7 का सवाल?
टीम को लक्ष्य करीब ले जाने की कोशिश में धोनी ने आखिरी ओवर में हाथ खोले और टॉम करन की गेंदों पर उसी अंदाज़ में तीन छक्के जड़े, जिसके लिए वो मशहूर हैं. लेकिन धोनी का ये धमाका काफी देर से हुआ.
मैच के बाद एक बार फिर सवाल उठा कि आखिर वो सातवें नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए क्यों आए? बल्लेबाज़ी क्रम में ऊपर क्यों नहीं आए?
भाई बनाम भाई
चेन्नई और राजस्थान के बीच मैच के दौरान एक मुक़ाबला दो भाईयों में भी चल रहा था. ये भाई हैं सैम करन जो चेन्नई की ओर से खेल रहे थे और टॉम करन जो राजस्थान की टीम में थे.
सैम करन ने चेन्नई के लिए तीन विकेट लिए तो टॉम की चर्चा अंपायरों के उस विवादित फैसले की वजह से हुई, जहां उन्हें आउट देने के बाद फिर नॉट आउट करार दिया गया. ये फ़ैसला टॉम के लिए भी हैरानी भरा था लेकिन उनकी टीम के पास रिव्यू नहीं था. बाद में अंपायरों ने ही फैसले पर दोबारा गौर किया.
नमस्ते माही
चर्चा में पहला मैच खेल रहे यशस्वी जायसवाल भी रहे. अपनी बल्लेबाज़ी के लिए नहीं बल्कि अपने विनम्र अंदाज़ के लिए. यशस्वी रन तो सिर्फ़ छह बना सके लेकिन उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो गई.
इसमें वो चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को हाथ जोड़कर नमस्ते करते दिखे.
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