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वर्ल्ड कप 2019: शिखर धवन ने मैच जिताने के बाद मारा शोले का डायलॉग
- Author, कुलदीप मिश्र
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
शिखर धवन ने शतक जमाकर उन आलोचकों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है जो दो महीने पहले आरामकुर्सी पर बैठे हुए उन्हें इंग्लैंड न भेजने की मांग कर रहे थे.
वर्ल्ड कप 2019 के अब तक के सफ़र में भारत के लिए सबसे सुक़ून की बात उसके सलामी बल्लेबाज़ों का फॉर्म है.
क्रिकेट की सबसे बड़ी स्पर्धा में अपने पहले मैच में रोहित शर्मा ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ और दूसरे मैच में शिखर धवन ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ शतक जमाया. धवन ने 117 और रोहित ने 57 रनों की पारियां खेलीं.
इसके बाद पारी में चार चांद लगा दिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने उतरे कप्तान विराट कोहली ने. उन्होंने 77 गेंदों पर 82 रन जोड़े.
हार्दिक पंड्या तो अब विश्वसनीय विस्फोटक बल्लेबाज़ होते जा रहे हैं. उन्होंने 27 गेंदों पर 48 रन उड़ा डाले और इसकी बदौलत भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 353 रनों का लक्ष्य रखा.
शुरू में लिया अपना समय
ओवल के मैदान पर रविवार को शिखर और रोहित ने मिचेल स्टार्क और पैट कमिन्स की धारदार गेंदों को शुरू में सम्मान देने की रणनीति अपनाई. दोनों ने क्रीज़ पर अपना समय लिया और इसीलिए 10 ओवर के खेल तक भारतीय टीम 50 रन भी नहीं बना सकी थी.
विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया के टॉप थ्री बल्लेबाज़ शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं. लेकिन इन्हीं तीन बल्लेबाज़ों पर टीम की अतिरिक्त निर्भरता को टीम की कमज़ोरी भी समझा गया. यही वजह रही कि नंबर चार पर एक विश्वस्त बल्लेबाज़ की जगह पक्की करने के लिए विश्व कप से पहले तमाम प्रयोग किए गए.
लेकिन रोहित शर्मा और शिखर धवन के अच्छे प्रदर्शन पर भारतीय टीम प्रबंधन राहत की सांस ले सकता है. दोनों का अच्छा प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए सफलता की पुरानी गारंटी रहा है.
दोनों खिलाड़ी जब साथ मिलकर 50 रन की साझेदारी करते हैं तो 50 फ़ीसदी से ज़्यादा मौक़ों पर वो इसे शतकीय साझेदारी में बदलते हैं.
यही वजह है कि इतनी ज़बर्दस्त स्पर्धा के बावजूद बीते चार साल में कोई बल्लेबाज़ वनडे टीम में इन दोनों की जगह नहीं ले सका है.
वरिष्ठ खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली कहते हैं, "आपको याद होगा शिखर धवन का चैम्पियंस ट्रॉफ़ी मुक़ाबले में अहम योगदान रहा था. हाल के दिनों में लोग कहने लगे थे कि गेंद मूव होती है तो शिखर की कमज़ोरियां उजागर हो जाती हैं. लेकिन आईसीसी जो पिचें बनाता है वो बल्लेबाज़ के पक्ष में होती हैं. आज हमने देख लिया. बल्लेबाज़ों ने क्या आसानी से रन बनाए."
धवन क्यों रहे सबसे अहम
रविवार को शिखर धवन ने 95 गेंदों पर करियर का 17वां शतक पूरा किया और भारत में ट्विटर पर उनका निकनेम 'गब्बर' ट्रेंड करने लगा. बीसीसीआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा गया, "गब्बर वापस आ गया है."
धवन की यह पारी इसलिए भी अहम है कि अगर अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल के मैचों को मिला लें तो बीते सात मैचों में वह 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके थे.
शिखर धवन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, "सारा ओवल मुझे गब्बर के नाम से जानता है"
लेकिन रविवार को 80 फ़ीसदी से ज़्यादा गेंदों को उन्होंने बल्ले के बीचोंबीच खेला. उनकी पसंदीदा ऑफ़ ड्राइव हो या ऑफ़ स्पिनर पर इनसाइड आउट शॉट, धवन अपने चिर-परिचित टच में दिखे. बल्ले को तलवार की तरह इस्तेमाल करते हुए.
शिखर धवन की पारी पर क्रिकेट एक्सपर्ट हर्षा भोगले ने ट्विटर पर लिखा, "धवन की पारी की अहमियत को कम करके न आंका जाए. उन्होंने रोहित और कोहली से दबाव हटाया और पंड्या के लिए ज़मीन तैयार की."
अगर अतीत को देखें तो इस सलामी जोड़ी की असल उपयोगिता बड़े लक्ष्यों का पीछा करते हुए समझ में आती है. भारत ने बीते कुछ वर्षों में कई मुश्किल लक्ष्यों को पीछा करते हुए हासिल किया है.
इसमें शिखर, रोहित और विराट की अहम भूमिका रही है. इस लिहाज़ से देखें तो विश्व कप के आने वाले मैचों में जब भारतीय टीम बड़े लक्ष्यों का पीछा कर रही होगी, तीनों की फॉर्म एक शुभ संकेत है.
क्रिकेट आंकड़ों की समीक्षा करने वाले भरत सीरवी ने ट्विटर पर लिखा, "भारत के टॉप-3 बल्लेबाज़ों में से हर एक ने विश्व कप मैच में पहले भी 50 से ज़्यादा रन बनाए हैं. 2011 में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ सहवाग, तेंदुलकर और गंभीर. 2019 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ रोहित, धवन और कोहली."
विजय लोकपल्ली भी कहते हैं कि कि अगर भारत को वर्ल्ड कप जीतना है तो 'वन टू थ्री' में से एक को अच्छा करना पड़ेगा और आज तीनों ने अच्छा किया है.
सलामी जोड़ी ने तोड़े रिकॉर्ड
- रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर यह 16वीं शतकीय साझेदारी थी. इस मामले में वह सिर्फ सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं जिन्होंने सलामी जोड़ी के तौर पर 21 शतकीय साझेदारियां की हैं.
- रोहित और शिखर की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे मैचों की सबसे सफल जोड़ी बन गई है. उन्होंने गॉर्डन ग्रीनिज और डेसमंड हेन्स की जोड़ी को पछाड़ा जिनके नाम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 1152 रन थे.
- रोहित शर्मा किसी भी टीम के ख़िलाफ़ सबसे तेज़ 2000 रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उन्होंने महज़ 37 पारियों में दो हज़ार रन पूरे किए और सचिन तेंदुलकर के 40 पारियों का रिकॉर्ड तोड़ा.
रविवार का दिन जिन खिलाड़ियों के नाम रहा, उनमें शिखर धवन का नाम अब तक सबसे ऊपर है. बीसीसीआई ने गब्बर की वापसी का ट्वीट करके जैसे बाकी टीमों को एक विनम्र चेतावनी भेजी है कि 'गब्बर लौट आया है.'
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