You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
आईपीएल-12: केएल राहुल ने पिछली हार का पंजाब का कर्ज़ उतारा
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
आईपीएल-12 में सोमवार को मोहाली में जब मेज़बान किंग्स इलेवन पंजाब और सनराइज़र्स हैदराबाद आमने-सामने थे तो अंतिम ओवर में दर्शकों का शोर पूरे उफान पर था.
इस ओवर में पंजाब को जीत के लिए 11 रन की ज़रूरत थी.
मैदान में सैम करेन और केएल राहुल थे. राहुल को चौथी गेंद पर स्ट्राइक मिली.
उन्होंने आखिरी ओवर कर रहे मोहम्मद नबी के ऊपर से ऊंचा शॉट खेलकर चौका लगाया, और उसके बाद अगली गेंद पर दो रन लेकर पंजाब को जीत दिला दी.
दूसरी तरफ सैम करेन भी नबी की शुरूआती तीन गेंदों पर पांच रन बना चुके थे.
इस तरह केवल एक गेंद शेष रहते मैच का रोमांचक अंत हुआ.
इस मैच में पजांब के सामने जीत के लिए 151 रनों का लक्ष्य था जो उसने केएल राहुल के नाबाद 71 और मयंक अग्रवाल के 55 रनों की मदद से 19.5 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल किया.
इससे पहले हैदराबाद ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में डेविड वार्नर के नाबाद 70 रन की मदद से चार विकेट खोकर 150 रन बनाए.
ज़ाहिर है कि जिस विकेट पर पारी की शुरूआत से अंतिम ओवर तक 62 गेंदों पर छह चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 70 रन बनाने वाले हैदराबाद के अलावा कोई और बल्लेबाज़ अधिक रन नही बना सका तो पंजाब ने गेंदबाज़ी तो शानदार की ही होगी.
कम स्कोर वाले मैच में एक समय तो हैदराबाद की हालत यह थी कि 10.4 ओवर के बाद उसका स्कोर दो विकेट खोकर केवल 56 रन था.
तब ऐसा लग रहा था कि हैदराबाद की यह धीमी रन गति कहीं हार का कारण ना बन जाए.
आखिरकार यह आशंका सच भी निकली.
हांलाकि हैदराबाद ने अंतिम 10 ओवर में 100 रन भी जोड़े और स्कोर को जैसे-तैसे चार विकेट पर 150 रन तक पहुंचाया.
मैच के बाद पंजाब के कप्तान आर अश्विन नें भी माना कि उनके गेंदबाज़ बाद में वार्नर और दूसरे बल्लेबाज़ों को नहीं रोक पाए लेकिन शुरू में मुजीब उर रहमान और अंकित राजपूत के अलावा सैम करेन ने शानदार गेंदबाज़ी की.
खैर जो भी हो इस मैच में पंजाब की जीत से सबसे अधिक खुशी अगर किसी खिलाड़ी को हुई तो वह केएल राहुल ही थे.
मैन ऑफ द मैच बने केएल राहुल ने 53 गेंदों पर सात चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 71 रन बनाए. उन्हें इस दौरान मंयक अग्रवाल का भी बेहतरीन साथ मिला.
शुरू में ही क्रिस गेल जब 16 रन बनाकर आउट हो गए तब पंजाब का स्कोर केवल 18 रन था.
उसके बाद मयंक अग्रवाल और केएल राहुल ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 114 रन जोड़कर हैदराबाद के हाथ से मैच खींच लिया.
मयंक अग्रवाल ने 43 गेंदों पर तीन चौके और तीन छक्कों की मदद से 55 रन बनाए.
वैसे मयंक अग्रवाल और केएल राहुल साल 2010 में न्यूज़ीलैंड में आयोजित हुए अंडर-19 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भी खेल चुके है.
हांलाकि तब भारत छठे स्थान पर रहा था लेकिन मयंक अग्रवाल अपने बल्ले से ख़ासे कामयाब रहे थे.
पहले हुए थे आलोचना का शिकार
दरअसल केएल राहुल इसलिए खुश हुए होंगे क्योंकि अगर कहीं पंजाब इस मैच को भी हार जाता तो फिर केएल राहुल के लिए जवाब देना मुश्किल हो जाता.
दरअसल पिछले मैच में उन्होंने जिस सुस्त रफ़्तार से चेन्नई के ख़िलाफ़ 47 गेंदों पर 55 रन बनाए उसे पंजाब की हार का कारण माना गया.
चेन्नई के ख़िलाफ़ जीत के लिए 161 रनों की तलाश में पंजाब तीन विकेट खोकर 138 रन ही बना सकी और 22 रन से हार गई.
उनके साथ सरफ़राज़ खान भी आलोचना का शिकार बने. सरफ़राज़ खान ने भी सुस्त रफ़्तार से 59 गेंदों पर 67 रन बनाए थे.
जो भी हो अंत भला तो सब भला.
दूसरी तरफ हैदराबाद के डेविड वार्नर और विजय शंकर की हालत अब बिलकुल केएल राहुल और सरफ़राज़ खान जैसी हो गई है.
इन दोनो के बीच दूसरे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी ज़रूर हुई लेकिन जब विजय शंकर दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए तब हैदराबाद का स्कोर 10.4 ओवर में केवल 56 रन था.
इससे पहले जॉनी बेयरस्टो दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर केवल एक रन बनाकर मुजीब उर रहमान की गेंद पर आर अश्विन के हाथों कैच हुए थे.
शायद इसी लिए क्रिकेट को अनिश्तितता के साथ-साथ बेरहम खेल भी कहा जाता है.
किसी मैच का विलेन माने जाने वाला खिलाड़ी अगले ही मैच में हीरो बन जाता है तो कोई स्टार खिलाड़ी हार का कारण बन जाता है.
गेंद से छेड़छाड़ के मामले से मुक्त होकर वार्नर का बल्ला इससे पहले इस बार ख़ूब गरजा है.
वार्नर ने कोलकाता के ख़िलाफ़ 85, राजस्थान रॉयल्स के ख़िलाफ़ 69 और बैंग्लोर के ख़िलाफ़ नाबाद 100 रन बनाए.
वैसे वार्नर के साथ धीमी बल्लेबाज़ी करने वाले विजय शंकर ने कहा कि शुरू में पंजाब के गेंदबाज़ो को खेलना मुश्किल था. उन्होंने वार्नर के साथ मिलकर रणनीति बनाई कि विकेट बचाए जाए और बाद में तेज़ खेला जाए.
विजय शंकर 27 गेंद खेलकर 26 रन ही बना सके.
जो भी हो इस जीत से केएल राहुल की पिछले मैच की ग़लती सुधर गई और पंजाब छठे मैच में चौथी जीत हासिल करने में कामयाब रहा.
दूसरी तरफ सनराइजर्स हैदराबाद की छह मैचों में यह तीसरी हार रही.
कमाल का संयोग है वार्नर के 70 रनों से केवल एक रन की अधिक यानि नाबाद 71 रन की पारी ने केएल राहुल का पिछला दाग़ धो दिया.
ज़रा सोचिए कहीं पंजाब हैदराबाद के ख़िलाफ़ भी हार जाता तो केएल राहुल का क्या होता.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)