AusvsIndia: कोहली एंड टीम का अगला टारगेट 2019 वर्ल्ड कप

    • Author, शिवकुमार उलगनाथन
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, तमिल सेवा

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आख़िरी एकदिवसीय मैच और एकदिवसीय सिरीज़ जीत कर भारत ने तीन महीने लंबा ऑस्ट्रेलियाई दौरा सफलता के साथ ख़त्म कर लिया है.

शुक्रवार 18 जनवरी को मेलबर्न में खेले गए मैच में भारत ने 7 विकेट से जीत हसिल की और 2-1 से ये सिरीज़ जीत ली.

लंबे वक्त तक विदेश दौरों में भारतीय टीम असफलता की मार झेलती रही है.

भारत की ज़मीन पर आम तौर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले भारतीय बल्लेबाज़ विदेशी दौरों में विपक्षी तेज़ गेंदबाज़ों के सामने घुटने टेक देते हैं. पेस वाली पिच पर भी भारतीय पेस बोलर्स विपक्षी टीम के फास्ट बोलर्स की तुलना में पीछे ही रहते हैं.

लेकिन हाल में पूरा हुआ भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा सभी उम्मीदों पर खरा उतरा है. टेस्ट मैचों में भारतीय बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के सामने टिक पाने में कामयाब हुए, साथ ही एक दिवसीय मैचों में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा.

क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम में ऑस्ट्रेलिया की सरज़मीं पर खेली गई द्विपक्षीय सिरीज़ जीती है. इस दौरान कई रिकॉर्ड बने और भारतीय टीम के दौरों के लेकर चले आ रहे कई मिथक भी दफन हो गए.

भारतीय टीम से उम्मीदें बढ़ीं

ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ उसी की ज़मीन पर सभी सिरीज़ जीतने के बाद अब आईसीसी वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम से उम्मीदें बढ़ गई हैं.

कईयों का मानना है कि विदेशी दौरा करने वाली ये भारत की अब तक की सबसे सफल टीम है. ऑस्ट्रेलिया के नज़रिए से भी ये चर्चा गर्म है कि टीम को स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर की कमी खल रही है. इस पर भी चर्चा हो रही है कि बीते एक दशक से क्रिकेट के मैदान पर अपना सिक्का जमा चुकी इस टीम का दबदबा अब ख़त्म हो गया है.

इन चर्चाओं में कितना दम है, ये जानने के लिए मैंने बात की इस खेल के जानकारों से.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मदन लाल कहते हैं, "ये भारतीय टीम के बेहतरीन विदेशी दौरों में से एक है. पूरी सिरीज़ में गेंदबाज़ों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया. इशांत, बुमरा, मोहम्मद शमी ने कई ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ों के आत्मविश्वास को हिला दिया."

"पुजारा की शानदार बल्लेबाज़ी और विराट कोहली और मयंक अग्रवाल के बेहतरीन प्रदर्शन ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट सिरीज़ में जीत सुनिश्चित की."

ऑस्ट्रेलियाई टीम के प्रदर्शन पर मदन लाल कहते हैं, "ऑस्ट्रेलिया को इस सिरीज़ की हार और स्टीव स्मिथ और वॉर्नर की कमी के बारे में सोचने के लिए वक्त लगेगा. नए खिलाड़ियों को भी टीम में जमने में अभी वक्त लगेगा."

आने वाले कुछ दिनों में भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के दौरे पर जाने वाली है. मदन लाल कहते हैं, "न्यूज़ीलैंड कोई आसान टीम नहीं. भारत के लिए ये दौरा मुश्किल हो सकता है."

विजय लोकपल्ली कहते हैं, "पर्थ में मिली हार को दरकिनार कर दिया जाए तो पूरे दौरे में भारत का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है. इसके बाद अब भारतीय टीम का आत्मविश्वास चरम पर होगा."

वो कहते हैं, "एकदिवसीय सिरीज़ में धोनी का फॉर्म में लौट आना भारतीय टीम के लिए बढ़िया बात है. धोनी महान फिनिशर हैं और सही समय पर धोनी फिर से अपने बल्ले के साथ क्रीज़ पर आ गए हैं."

भारतीय टीम के पूर्व कोच और खिलाड़ी रघुरमन कहते हैं, "इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत के लिए आत्मविश्वास तोड़ने वाला रहा है और कई खिलाड़ियों के करियर भी दौरे के बाद ख़त्म हुए. आने वाले सालों में भारत के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए इस दौरे को याद किया जाएगा."

वो कहते हैं, "धोनी का वापस आना, कोहली का हमेशा की तरह तैयार रहना, तेज़-तर्रार फास्ट बोलर और मयंक और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ियों का शानदार खेल - भारत के पास खुशियां मनाने के लिए कई सारी वजहें हैं."

कप्तान कोहली का नेतृत्व

सिरीज़ जीतने में विराट कोहली का योगदान सबसे अधिक रहा. पर्थ के मैदान में संघर्षपूर्ण शतक बनाने के अलावा टेस्ट मैचों में उन्होंने पुजारा के साथ अच्छी पार्टनरशिप निभाई. एडिलेड के एकदिवसीय मैच में उनका शतक भी याद करने लायक है.

मैदान पर अपने आक्रामक तेवर और दूसरी टीम के साथ झगड़े के लिए तमाम आलोचनाओं के बावजूद, विराट ने शानदार नेतृत्व किया और उनके आत्मविश्वास ने टीम के युवा खिलाड़ियों में भी जोश भर दिया.

भारत को देश के भीतर नामी खिलाड़ियों की सराहना के साथ-साथ डैरेन लीमैन, माइकल वॉन और माइकल क्लार्क जैसे विदेशी नामचीन खिलाड़ियों से भी प्रशंसा मिली.

किसी भी तरह के मैच में जब भी भारत कोहली के नेतृत्व में रनों का पीछा करता है, खेल से उम्मीदें काफी अधिक होती हैं.

बीते तीन साल से एकदिवसीय क्रिकेट में विराट बेहतरीन फॉर्म में हैं. 2016 की शुरुआत से ही कोहली एकदिवसीय मैचों में 16 शतक बना चुके हैं जिनमें उनकी औसत 90 से अधिक रही है. अब दिन-पर-दिन नहीं बल्कि सिरीज़-दर-सिरीज़ उनसे उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं.

रघुरमन कहते हैं, "कोहली पर्दे से ओझल होते ही नहीं हैं. अगर किसी मैच वो बल्लेबाज़ी में अपना कमाल नहीं दिखा पाते हैं तो उस मैच में उनकी कप्तानी का जलवा देखने को मिलता है, वो युवाओं को प्रेरित करते हैं, अच्छी फील्डिंग करते हैं और टीम को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं. वो साबित कर चुके हैं कि एक महान नेता के सभी गुण उनमें हैं."

विजय लोकपल्ली कहते हैं, "टेस्ट सिरीज़ में पुजारा का प्रदर्शन औसत से कहीं बेहतर रहा लेकिन बल्लेबाज़ी के मामले में विराट भी कहीं कम नहीं हैं. सबसे बढ़िया बात ये है कि विदेशों में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है. साथ ही टेस्ट मैच, एकदिवसीय मैचों और टी-20 में मैचों में भी वो बढ़िया रहे हैं."

टीम इंडिया की तिकड़ी

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फैन तीन भारतीय खिलाड़ियों - जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा - के नाम आसानी से भूल नहीं सकेंगे. इससे पहले के दौर में एक या दो ही बोलर्स अच्छा प्रदर्शन करते थे और हर बार भारतीय टीम एक ख़ास लाइन सुनते हुए हार जाती थी कि 'भारत के पास एक फास्ट बोलर कर पड़ गया'. लेकिन इस बार तीन की ये तिकड़ी कमाल दिखा गई.

भारतीय फास्ट बोलर ने लगातार कई गेंदें 140 मील प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी. भारतीय फास्ट बोलर के कई बाउंसर के कारण कई बार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ बगैर खाता खोले पवेलियन लौटे. सालों से क्रिकेट देखने वाले साधारण भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए ये मज़ेदार सीरिज़ रही.

इस फास्ट बोलर्स के अलावा भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव को भी मौक़ा मिला तो उन्होंने भी अपना कमाल दिखाया. अश्विन, जडेजा और कुलदीप यादव जैसे स्पिनर्स भी अपना बेहतरीन खेल दिखाने से नहीं चूके.

शानदार प्रदर्शन और नई खोज

भारतीय क्रिकेट फैन्स के लिए ऑस्ट्रेलियाई दौरा जहां नया रोमांच लेकर आया, वहीं चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेन्ट के लिए ये नई चुनौतियां लेकर आया है.

विजय लोकपल्ली कहते हैं, "टेस्ट सिरीज़ में सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा पुजारा और बुमराह का. कोहली, मयंक और गेंदबाज़ों ने भी बेहतर खेला लेकिन लगातार उनका प्रदर्शन शानदार रहेगा, ऐसा नहीं कह सकते. एकदिवसीय सिरीज़ की बात करें तो धोनी, कोहली और भुवनेश्वर ने बढ़िया खेल दिखाया. सिरीज़ के आख़िरी मैचों में चहल का खेल देखने लायक था."

रघुरमन कहते हैं, "इस सिरीज़ की खोज रही मयंक अग्रवाल. मेलबर्न में उनका डेब्यू शानदार रहा. हम देखेंगे कि आने वाले कई मैचों में वो टीम का हिस्सा बनेंगे."

क्या भारत जीत सकता है विश्वकप?

भारत फिलहाल विश्व की नंबर दो टीम है और जल्द ही न्यूज़ीलैंड से उनकी सरज़मीं पर और ऑस्ट्रेलिया से भारत में भिड़ने के लिए तैयार है.

हालिया सिरीज़ में भारत की जीत से टीम की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं और पहले ही चर्चा शुरू हो गई है कि क्या भारत 2019 के आईसीसी विश्वकप विजेता बन सकता है.

विजय लोकपल्ली कहते हैं, "एकदिवसीय फॉर्मैट में भारत पहले ही एक मज़बूत टीम है. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सिरीज़ में जीत वाकई में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए काफी है. आने वाले विश्वकप मुकाबले में भी भारत की दावेदारी मज़बूत रहेगी. विश्पकप से पहले धोनी का फॉर्म में आ जाना सबसे महत्वपूर्ण साबित हो सकता है."

मदन लाल कहते हैं, "बढ़िया फास्ट बोलर, मदद देने वाले स्पिनर्स, एक से एक बेहतर बल्लेबाज़ और फिर कोहली और धोनी का नेतृत्व - भारत विश्वकप के लिए एक मज़बूत दावेदारी पेश कर सकता है."

देखा जाए तो इस वक्त एक आम भारतीय क्रिकेट फैन खुश है और टीम से उसे अपेक्षाएं भी बहुत हैं. भारतीय टीम भी अपने बेहतरीन फॉर्म में है लेकिन जानकार मानते हैं कि टीम को अपना फॉर्म और अपना शानदार प्रदर्शन बनाए रखना होगा.

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